Responsive Scrollable Menu

Karnataka के कावेरी अभयारण्य में कई Anti Poaching Camp विस्फोट से उड़ाए गए

कर्नाटक में अज्ञात बदमाशों ने कथित तौर पर विस्फोटकों का इस्तेमाल करके चामराजनगर स्थित कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में शिकार-रोधी कई शिविरों को विस्फोट से उड़ा दिया। वन विभाग के सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। इन हमलों की घटनाएं 15 अगस्त को वन विभाग के साथ मुठभेड़ में तीन कथित शिकारियों की मौत के बाद विभाग के खिलाफ जारी आक्रोश के बीच सामने आई हैं।

सूत्रों ने बताया कि कोथनूर क्षेत्र में स्थित मिनचिनारेहल्ला शिकार-रोधी शिविर को कथित तौर पर डायनामाइट और जिलेटिन की छड़ों का इस्तेमाल करके नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि विस्फोट इतना तेज था कि शिविर की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और अंदर रखा सामान जल गया। कोथनूर क्षेत्र के कई अन्य शिकार-रोधी शिविरों—मिनचिनाहल्ली, भीमेश्वरी, ओलेमरदा हट्टी, बुडिकेरे, बंदाहल्ली और कालीदोड्डी—को भी 18 और 19 अगस्त की दरमियानी रात निशाना बनाया गया।

इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने कहा कि सरकार 15 अगस्त को तीन कथित शिकारियों की मौत की जांच के नतीजे का इंतजार करेगी, उसके बाद ही इस मामले पर कोई टिप्पणी करेगी। शिवकुमार ने बेंगलुरु में पत्रकारों से कहा, “हम अभी इस बारे में कुछ नहीं बोलेंगे।

वन अधिकारी अलग-अलग जानकारियां दे रहे हैं, लेकिन मामले की जांच जारी है। हम इसकी गहराई से जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट आने दीजिए, उसके बाद मैं इस बारे में बात करूंगा।” उन्होंने कहा, “हमारे वन मंत्री भी इस मामले की पहले से ही बहुत विस्तृत जांच कर रहे हैं।” मारे गए तीनों व्यक्ति (एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार) चामराजनगर जिले के हनूर तालुक के गांवों के निवासी थे।

कावेरी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में 15 अगस्त को तड़के वन विभाग के कर्मचारियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। कर्नाटक के अधिकारियों के अनुसार, वन्यजीवों के कथित शिकार की सूचना मिलने के बाद शिकार-रोधी अभियान चला रहे वन विभाग के कर्मचारियों पर एक समूह ने गोलीबारी कर दी। इसके बाद कर्मचारियों ने कथित तौर पर आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की।

इस मुठभेड़ में तीनों लोगों की मौत हो गई। राजनीतिक दलों ने दावा किया है कि मृतक तमिल थे और उन्होंने गोलीबारी की घटना को लेकर कर्नाटक के अधिकारियों द्वारा दी गई सफाई पर सवाल उठाए हैं। घटना के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कथित हत्याओं की कड़ी निंदा की और कहा कि घटना को लेकर कर्नाटक के वन विभाग द्वारा दी गई सफाई स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने रविवार देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था कि इस गंभीर घटना की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए। यह मुद्दा मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में भी उठा। सदस्यों ने वन विभाग की ओर से की गई गोलीबारी की घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया।

Continue reading on the app

Jharkhand सरकार ने रद्द कीं 22 भर्ती परीक्षाएं, 23 की जांच के दिए आदेश

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 26 दिनों से जारी छात्रों के आंदोलन के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली सरकार ने 2014 से राज्य लोक सेवा आयोग (पीसीएस) और एक आउटसोर्स एजेंसी द्वारा आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया है और 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए हैं। सरकार के इस फैसले से उन उम्मीदवारों के लिए चिंता पैदा हो गई है, जो इन परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पास करने के बाद विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी करने लगे थे। रद्द की गई परीक्षाओं में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तरीय (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा भी शामिल है।

इसके बाद परीक्षा में सफल होकर सरकारी नौकरी पाने वाले उम्मीदवार सड़कों पर उतर आए हैं। यह फैसला सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद लिया गया, जिसके संबंध में मंगलवार देर रात आठ अधिसूचनाएं जारी की गईं। इस फैसले के दायरे में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक, तकनीकी और न्यायिक पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षाएं शामिल हैं।

यहां जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने कहा कि वह जल्द ही अपने अगले कदम पर फैसला करेगा। रिफॉर्म मंच के प्रवक्ता पीयूष कुमार सिंह ने कहा कि संगठन सरकार के फैसलों के दायरे और उनके क्रियान्वयन को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी बैठक हो रही है।’’ झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र महतो ने कहा कि वह जल्द ही आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे।

महतो ने सरकार की घोषणा के बाद 16 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी थी। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में होने वाली जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाएं ‘‘प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं से मुक्त’’ हों। इसके अलावा उन्होंने एक निगरानी समिति गठित करने और भर्ती प्रक्रिया के व्यापक ऑडिट की भी मांग की है।

परीक्षाएं रद्द करने के फैसले पर सरकार ने कहा कि भर्ती व्यवस्था में लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए यह कदम जरूरी था, क्योंकि परीक्षाओं में कदाचार और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। हालांकि, इस फैसले के बाद जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा पास कर राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्त किए गए करीब 2,000 अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा सोमवार को परीक्षा रद्द करने की घोषणा के एक दिन बाद मंगलवार को इन अभ्यर्थियों ने राज्य सचिवालय से रांची के बिरसा चौक तक मार्च निकाला।

नियुक्त अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्हें जांच से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वे पूरी परीक्षा रद्द किए जाने के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों को दोषी पाया जाए, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, न कि उन अभ्यर्थियों के खिलाफ जिन्होंने वैध चयन प्रक्रिया के जरिए सरकारी नौकरी हासिल की है। इस बीच, भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच भी तेज कर दी गई है।

झारखंड अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने मुख्य आरोपी अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और उसके भाई अक्षय तिवारी को कई घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। सीआईडी ने गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर तैनात अभय तिवारी को भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान सीआईडी को पता चला कि तिवारी ने पिछले 13 वर्ष में करीब 12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास की थीं।

अधिकारियों का दावा है कि तिवारी ने जांचकर्ताओं को बताया कि अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए कथित तौर पर अलग-अलग ‘‘रेट चार्ट’’ इस्तेमाल किए जाते थे और इनकी रकम दो लाख रुपये से लेकर 70 लाख रुपये तक थी। जांच एजेंसी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के सचिव सुधीर गुप्ता से भी आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में पूछताछ की। हाल की गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है।

Continue reading on the app

  Sports

FIH World Cup 2026: भारतीय महिला टीम का दम जारी, इंग्लैंड को जीत से रोका, अगले राउंड में की एंट्री

भारतीय पुरुष टीम ने पहले अपने पूल में दूसरा स्थान हासिल करते हुए अगले राउंड में जगह बनाई. उसके एक दिन बाद महिला टीम ने भी अपने पूल में दूसरा स्थान हासिल किया और दूसरे राउंड में एंट्री की. Thu, 20 Aug 2026 22:20:57 +0530

  Videos
See all

Vande Mataram Controversy: कांग्रेस फिर कराना चाहती हैदेश का बंटवारा? | Congress | BJP | Sonia #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-20T17:44:13+00:00

Breaking News: Congress का Jinnah प्रेम..भड़के Amit Shah! | GENZ | Omar Abdullah | Ladakh video #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-20T17:46:31+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers