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दोबारा मार्केट में आएगा E10 पेट्रोल! सरकार और इंडस्ट्री के बीच बातचीत शुरू, जानें किन गाड़ियों को मिलेगा?

E20 Petrol: देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर लोगों की लगातार शिकायतें जारी है. कई जगहों पर तो लोगों ने सरकार के खिलाफ E20 को लेकर मोर्चा खोल दिया. लोगों की शिकायत है कि E20 के चलते उनके वाहनों का माइलेज कम हुआ है और इंजन कंपोनेंट डैमेज हो रहे हैं. दूसरी तरफ सरकार इसके लगातार फायदे गिनती आ रही है. लेकिन इस बीच सरकार ने लोगों की शिकायतों को दूर करने के लिए नया रास्ता निकाल लिया है. जानकारी के मुताबिक सरकार और ऑयल इंडस्ट्री के बीच शुरुआती बातचीत होने की खबर सामने आ रही है. अब इस बात पर विचार किया जा रहा है कि E20 के साथ क्या E10 पेट्रोल भी बाजार में उपलब्ध कराया जा सकता है. हालांकि चर्चा अभी शुरुआती दौर में है और इस पर कोई अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है. 

ये भी पढ़ें: UP-Japan Investment Meet 2026: दोनों देशों की सोच और मूल्य एक जैसे, भारत-जापान की साझेदारी पर बोले CM योगी

जानें E20 के फायदे और नुकसान

पिछले साल भारत ने पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग का 20 फीसदी टार्गेट पूरा कर लिया था. खास बात यह है कि लक्ष्य को तय समय से करीब पांच साल पहले ही पूरा कर लिया गया. E20 पेट्रोल को देशभर में बेस फ्यूल के तौर पर आगे बढ़ाया गया, जिसके बाद पुराने वाहनों को लेकर भी कई तरह के सवाल उठने लगे. कई लोगों का दावा है कि पूराने इंजन, जिन्हें इथेनॉल वाले फ्यूल के लिए डिजाइन नहीं किया गया था, जिस कारण उनके वाहनों का माइलेज कम हो गया और कुछ इंजन कंपोनेंट्स पर भी असर पड़ा है. सरकार ने भी संसद में इस बात को माना है कि पुरानों वाहनों में E20 के इस्तेमाल से माइलेज में 3 से 6 फीसदी तक कमी हो सकती है. साथ ही पुराने वाहनों के रबर कंपोनेंट पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है. लेकिन इसके बाद भी सरकार E20 के फायदे गिनाती रही है. सरकार का कहना है कि इंपोर्टेड फ्यूल पर निर्भतरता कम होगी. प्रदूषण कम होगा, साथ ही किसानों की आय में भी इजाफा होगा. 

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UP-Japan Investment Meet 2026: दोनों देशों की सोच और मूल्य एक जैसे, भारत-जापान की साझेदारी पर बोले CM योगी

UP-Japan Investment Meet 2026: दिल्ली UP-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में UP के CM योगी आदित्यनाथ ने कहा," दोनों देशों की सोच और मूल्य एक जैसे हैं. भारत-जापान की साझेदारी विकास, टेक्नोलॉजी और समृद्धि के लिए है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, स्पष्ट नीतियों, अच्छी नीयत और पक्के इरादे के साथ उत्तर प्रदेश ने लगातार तरक्की की है. आज यह भारत की टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और देश के लिए विकास का इंजन बन गया है. बीते नौ सालों में, हमने उत्तर प्रदेश के बजट, GSDP और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में कामयाबी हासिल की है. 

इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार विस्तार जारी

महिलाओं की वर्कफोर्स में भागीदारी भी तीन गुना से अधिक बढ़ी है. हम एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने  की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. उत्तर प्रदेश को इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक विकास और अच्छे शासन का लाभ मिलता है. मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार विस्तार जारी है. उत्तर प्रदेश में देश के कुल एक्सप्रेसवे का 60%, 17 एयरपोर्ट, भारत का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क, मेट्रो नेटवर्क, भारत की पहली रैपिड रेल, भारत का पहला इनलैंड वॉटरवे, दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स हब हैं, जो ग्लोबल-स्टैंडर्ड और बिना रुकावट वाली कनेक्टिविटी देते हैं."

निवेश संभावनाओं पर मंथन 

आपको बता दें कि यूपी और जापान के बीच निवेश, औद्योगिक साझेदारी को लेकर बुधवार को नई दिल्ली में ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026’ शुरू हुई. इसमें जापान के प्रमुख उद्योग समूह के अधिकारियों के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्र सरकार के मंत्री निवेश संभावनाओं पर मंथन करेंगे. 23 अगस्त तक चलने वाली इस मीट में जापान के 200 से अधिक उद्योगपति, सीईओ, बिजनेस लीडर्स और नीति-निर्माता हिस्सा लेंगे. 

सत्र में शामिल होने के लिए योगी दिल्ली पहुंचे 

पहले सत्र में हिस्सा लेने को लेकर मंगलवार की देर शाम सीएम योगी आदित्यनाथ दिल्ली पहुंचे. केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के संग जाकर जापानी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी का स्वागत किया गया. 

पांच दिन चलेगा कार्यक्रम

इन्वेस्ट यूपी की ओर से 18 से 23 तक चलने वाले पांच दिवसीय कार्यक्रम दिल्ली, लखनऊ, आगरा, ग्रेटर नोएडा और वाराणसी में होंगे. यूपी जापान इन्वेस्टमेंट मीट 21 अगस्त को लखनऊ में होंगे.

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