कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुधवार को नयी दिल्ली में होगी जिसमें देश के मौजूदा राजनीतिक हालात के साथ छात्रों से जुड़े मुद्दों और राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में कार्य समिति की बैठक अपराह्न तीन बजे इंदिरा भवन में होगी। इसमें पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव जयराम रमेश और के.सी. वेणुगोपाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
सूत्रों ने बताया कि छात्रों से जुड़े मुद्दों और राम मंदिर के चढ़ावे की कथित ‘‘चोरी’’ के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली सरकार को घेरने की रणनीति, बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल हो सकती है। इसके अलावा, अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी। पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने की संभावना हैं।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विपक्षी दलों से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने से संबंधित परिसीमन विधेयक का समर्थन करने की अपील पर भी चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि सरकार निकट भविष्य में इस संबंध में संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है। परिसीमन से जुड़े विधेयक के जरिये महिला आरक्षण लागू करने के संबंध में सरकार की संभावित पहल के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पिछले सप्ताह कहा था कि इस मुद्दे पर 19 अगस्त की कार्य समिति की बैठक में चर्चा होगी।
इस वर्ष अप्रैल में हुई कार्य समिति की बैठक के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर महिला आरक्षण कानून के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया था। पार्टी ने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को असंवैधानिक बताते हुए इसके ‘‘गंभीर परिणाम’’ होने की आशंका भी जताई थी।
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समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में कथित वित्तीय अनियमितताओं और आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को एक साथ दिल्ली और उत्तर प्रदेश के करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की। सूत्रों और अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी ED की टीमों ने रामपुर, सहारनपुर और देश की राजधानी दिल्ली में करीब 10 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई कथित तौर पर रामपुर में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में बेहिसाब पैसे के इस्तेमाल से जुड़े मामले से संबंधित है। ED यूनिवर्सिटी के निर्माण से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच कर रही है।
सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान आज़म खान के खिलाफ पहले दर्ज कई मामलों की जानकारी ED के साथ साझा की गई थी। एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़ी जगहों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया, क्योंकि जांचकर्ता मामले से जुड़ी जानकारी जुटा रहे थे। ED ने अभी तक छापेमारी के नतीजों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
आज़म खान की जौहर यूनिवर्सिटी जांच के दायरे में
पिछले महीने, रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने समाजवादी पार्टी नेता आज़म खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। आरोप था कि ये इमारतें बिना मंजूर बिल्डिंग प्लान के बनाई गई थीं।
यह कार्रवाई लखनऊ में कोचिंग सेंटर में लगी आग के बाद किए गए फायर सेफ्टी ऑडिट के बाद हुई। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश भर के अधिकारियों ने शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा नियमों के पालन की जांच शुरू की थी।
राज्यव्यापी ऑडिट के तहत, फायर डिपार्टमेंट ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यूनिवर्सिटी अपनी 38 इमारतों के लिए मंजूर बिल्डिंग प्लान नहीं दिखा पाई। अधिकारियों के मुताबिक, कैंपस में सिर्फ़ दो इमारतों के नक्शे मंजूर थे, जबकि बाकी 38 इमारतें कथित तौर पर बिना ज़रूरी मंज़ूरी के बनाई गई थीं। फायर सेफ्टी क्लीयरेंस के लिए मंजूर बिल्डिंग प्लान ज़रूरी होते हैं, इसलिए विभाग ने इन कथित उल्लंघनों को चिह्नित किया और रामपुर विकास प्राधिकरण को सूचित किया।
तोड़ने का आदेश जारी
फायर डिपार्टमेंट की शिकायत के बाद, RDA ने यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। 6 जुलाई को सौंपे गए अपने लिखित जवाब में, यूनिवर्सिटी ने कथित तौर पर तर्क दिया कि जिन ज़मीनों पर ये ढाँचे बने थे, वे पहले डेवलपमेंट अथॉरिटी के बजाय ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आती थीं।
इसके बाद RDA ने कथित तौर पर अनधिकृत ढाँचों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का आदेश दिया, जिससे उन्हें गिराने का रास्ता साफ़ हो गया।
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