Gold Mine Accident: खदान में दर्दनाक हादसा, सोना निकालने गए 30 खनिकों की मौत, मची चीख-पुकार…रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
Gold Mine Accident: खदान में दर्दनाक हादसा, सोना निकालने गए 30 खनिकों की मौत, मची चीख-पुकार...रेस्क्यू ऑपरेशन जारीModi Cabinet Reshuffle: मोदी कैबिनेट में इसी महीने बड़े फेरबदल की तैयारी; दो दर्जन से ज्यादा मंत्रियों के बदल सकते हैं विभाग
राजनीतिक गलियारों में मोदी कैबिनेट के पुनर्गठन को लेकर हलचल तेज हो गई है। आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों और सामाजिक-क्षेत्रीय संतुलन को साधने के लिए केंद्र सरकार अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार टीम में बड़ा बदलाव करने जा रही है।
इस फेरबदल में न केवल सहयोगी दलों की महत्वाकांक्षाओं को संतुलित करने का प्रयास होगा, बल्कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए कई अहम चेहरों की जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा किया जाएगा।
पीयूष गोयल बने रह सकते हैं मंत्री, हरदीप पुरी के भविष्य पर नजर
भाजपा का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाए जाने के बावजूद संकेत हैं कि पीयूष गोयल वाणिज्य मंत्री बने रहेंगे। अमेरिका व अन्य देशों के साथ जारी महत्वपूर्ण व्यापार समझौतों के बीच सरकार उनकी जिम्मेदारी बदलने के पक्ष में नहीं दिख रही है। वहीं दूसरी ओर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
यदि उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा जाता है तो उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है, जिससे कैबिनेट में सिख प्रतिनिधित्व का सवाल खड़ा हो सकता है। इसके अलावा मंत्रिमंडल में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने के तहत राजस्थान से डॉ. अलका गुर्जर का नाम चर्चा में है।
सहयोगी दलों की बड़ी मांगें, तमिलनाडु से द्रमुक पर भी डोरे
एनडीए के घटक दलों की मांगें भी इस फेरबदल में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय से बड़ा विभाग चाहते हैं, जबकि महाराष्ट्र से 13 सांसदों वाले एकनाथ शिंदे गुट ने एक और कैबिनेट पद की मांग रखी है।
इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच चर्चा हो चुकी है। सबसे चौंकाने वाली चर्चा तमिलनाडु से द्रमुक (DMK) को केंद्र सरकार में शामिल करने की संभावनाओं को लेकर है, जिसकी कमान खुद प्रधानमंत्री स्तर पर संभाले जाने की बात कही जा रही है।
उत्तर प्रदेश और हिमाचल से केंद्रीय मंत्रिमंडल में नए समीकरण संभव
वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधने में जुटी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्रियों- केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक- में से किसी एक को दिल्ली लाकर केंद्र में अहम जिम्मेदारी दी जा रही है।
अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चा की कमान मिलने के बाद केशव मौर्य के नाम की चर्चाएं अधिक हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और अनुराग ठाकुर दोनों बड़े चेहरे हैं; चुनावी जरूरतों और सामाजिक संतुलन को देखते हुए इनके संदर्भ में भी अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।
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