भागदौड़ भारी जिंदगी में किसी के पास भी फिटनेस के लिए समय नहीं है। खराब जीवनशैली और अनहेल्दी फूड्स आदतों के कारण वजन बढ़ने की समस्या शुरु हो जाती है। कई बार वजन बढ़ने से बीमारियों की समस्या भी बढ़ जाती है, जैसे- टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक, फैटी लिवर।
आजकल कई लोग वजन कम करने के लिए जिम जरुर जाते हैं और स्ट्रिक्ट डाइट फॉलो करते हैं। आपको बताते चलें कि वेट लॉस के लिए एक्सरसाइज के साथ-साथ बड़ा रोल खाने की चीजों का भी है। आइए आपको बताते हैं एक्सरसाइज के साथ-साथ वेट लॉस के लिए हेल्दी डिनर प्लान।
वेट लाॅस के लिए पूरे हफ्ते का डिनर प्लान
यदि आप रात के समय तला-भुना खाएंगी, तो वजन कम करना मुश्किल है। गौरतलब है कि आप भी डाइटिंग के नाम पर सादा खाना खाकर बोर हो गई होंगी। इस आर्टिकल में हम आपको पूरे 7 दिन का सिंपल, टेस्टी और प्रोटीन भरपूर डिनर का प्लान बताएंगे। इसको फॉलो करके ही आप चर्बी कम हो जाएगी।
सोमवार को रात में क्या खाएं?
हफ्ते की शुरुआत आप बैलेंस मील से करें। रात के खाने में दाल-चावल, पनीर स्टफ्ड बेसन चीला या फिर मिक्स वेज दालिया और सौते पनीर अपनी थाली में एड कर सकते हैं। यह डाइट आपकी प्रोटीन से भरपूर है। इससे आपका पेट भी हल्का रहने वाला है और खाना आसानी से डाइजेस्ट रह सकता है।
मंगलवार को रात में क्या सेवन करें?
मंगलवार को आप अपनी डाइट में टेस्टी और हेल्दी चीजें शामिल कर सकते हैं। रात के खाने में एक या दो ओट्स की रोटी, हरी-भरी पालक पनीर और एक कटोरी सलाद लें। अपनी सलाद में खीरा, टमाटर और प्याज ले सकती हैं। ओट्स और पालक का कॉम्बिनेशन डाइजेशन को सही रखा जा सकता है और फैट बर्न करने में भी सहायक है।
बुधवार की रात को क्या खाएं?
इस दिन आप कुछ हल्का और झटपट बनाने के लिए आप मिक्स वेजिटेबल राइस बना सकते हैं। इसमें आप गाजर, ब्रोकली, बीन्स या जो भी आपकी मनपसंद हरी सब्जी है, उसे ही मिलाकर मिक्स वेज राइस तैयार कर सकते हैं। वैसे यह डाइजेस्ट करने के लिए काफी आसान है और रात में पेट में हल्का ही महसूस होगा।
गुरुवार को रात को क्या खाएं?
गुरुवार रात को आप स्टीम्ड मूंग और हेल्दी सूप को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकती हैं। इसके साथ ही ओट्स की रोटी, ताजा सलाद और ड्रमस्टिक (सहजन) का सूप जरुर पिएं। क्योंकि इस सूप में प्रोटीन और कोलेजन दोनों भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जो कि वजन कम करने और स्किन के लिए फायदेमंद हो सकता है।
शुक्रवार को रात में क्या खाएं?
अक्सर वीकेंड के दौरान लोग बाहर का खाना को पसंद करते हैं। ऐसा करने से आपका वजन कम होने के बजाय बढ़ सकता है। इसलिए बाहर के खान को छोड़कर आप घर पर ही उबला हुआ मिलेट्स, कॉर्न पालक की सब्जी, उबला हुआ चुकंदर और एक कटोरी फ्रेश दही जरुर खाएं। दही खाने से एनर्जी मिलेगी और आपका फैट बर्न होगा।
शनिवार को रात में क्या खाएं?
वीकेंड पर कुछ चटपटा खाने का मन करें, तो आप एक स्वादिष्ट और हेल्दी रैप ट्राई कर सकते हैं। इसके लिए आप सोयाबीन की कीमे से भरा सोया रैप और साथ में तीखी हरी चटनी खाएं। वैसे सोयाबीन प्रोटीन का बढ़िया सोर्स है, जो मसल्स को मजबूत बनाता है और फैट कम करने में भी मदद करता है।
रविवार को रात में क्या खाएं?
इस दिन आप अपने डिनर को थोड़ा फैंसी और सुपर हेल्दी बनाए। आप एक थाली में सब्जियों, भुने हुए पनीर और क्विनोआ की फिलिंग के साथ बना क्विनोआ पनीर रैप जरुर खाएं। आपको बता दें कि, यह लो-कौलोरी और हाई-प्रोटीन डाइट है, जो हफ्ते के आखिरी दिन आपके लिए वजन घटाने के गोल को पूरा करेगा।
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पिछले कुछ सालों में हाई-प्रोटीन डाइट का ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ा है। वेट कम करे, फिट रहने और मसल्स गेन करने के लिए लोग अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ा रहे हैं। दालें, अंडे, प्रोटीन शेक, चिकन और सप्लीमेंट का ज्यादा मात्रा में सेवन करने कुछ लोगों के लिए आम हो गया है। हालांकि हमारे शरीर के लिए प्रोटीन एक जरूरी पोषक तत्व है।
लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन शरीर में कई समस्याओं को बढ़ा सकता है। जिस कारण कब्ज, थकान और सुस्ती आदि परेशानियां शामिल हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि ज्यादा प्रोटीन लेने से शरीर क्या संकेत दे सकता है।
जानिए ज्यादा प्रोटीन लेने के संकेत
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो ज्यादा मात्रा में प्रोटीन लेने पर सेहत संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं। क्योंकि किसी भी चीज को बहुत ज्यादा या कम मात्रा में लेना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
बार-बार पेशाब जाना
अगर आपको नॉर्मल से ज्यादा पेशाब जाना पड़ता है। तो यह भी ज्यादा प्रोटीन लेने का संकेत हो सकता है। जब शरीर प्रोटीन को पचाता है, तो नाइट्रोजन वाले टॉक्सिक पदार्थ बनते हैं। जिनमें किडनी पेशाब के जरिए बाहर निकलती है। अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से किडनी को ज्यादा काम करना पड़ सकता है। जिससे पेशाब की मात्रा बढ़ सकती है।
वहीं अगर ज्यादा प्यास लगने की समस्या होती है, तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है। इसलिए हाई प्रोटीन डाइट लेने वालों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। हाई प्रोटीन डाइट से पेशाब में यूरिया की सांद्रता बढ़ जाती है। जोकि मूत्राशय की परत पर दबाव डालती है। इससे बॉडी में CRP जैसे मार्कर बढ़ते हैं। वहीं इससे मूत्राशय में सूजन की समस्या हो सकती है।
हर समय सुस्ती लगना
हमारे शरीर के लिए प्रोटीन एक जरूरी पोषक तत्व है। लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट बहुत कम लेते हैं। तो शरीर में एनर्जी की कमी हो सकती है। कार्बोहाइड्रेट फूड्स आपके शरीर को एनर्जी देता है। ऐसे में ज्यादा प्रोटीन ज्यादा लेने से शरीर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम हो जाती है। जिससे लोगों में सुस्ती, थकान और काम में मन न लगने जैसी समस्या महसूस हो सकती है। अगर आप हाई प्रोटीन डाइट शुरू करने के बाद भी लगातार सुस्ती महसूस करते हैं, तो आपको अपनी डाइट का संतुलन चेक करना चाहिए।
कब्ज की समस्या
हाई-प्रोटीन डाइट में फाइबर की मात्रा कम हो जाती है। खासकर जब लोग साबुत अनाज, दालों, फल और सब्जियों की जगह सिर्फ एनिमल बेस्ड प्रोटीन पर अधिक निर्भर होते हैं। तो फाइबर की कमी से पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है। जिस कारण ब्लोटिंग, कब्ज और मल त्याग करने में मुश्किलें जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में अगर आपकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ गई है, तो इसके साथ पर्याप्त मात्रा में फाइबर का सेवन और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
वेट बढ़ना
अक्सर लोगों को लगता है कि अधिक मात्रा में प्रोटीन खाने से सिर्फ वेट कम होगा, ऐसा नहीं होता है। अगर आप शरीर की जरूरत के हिसाब से ज्यादा कैलोरी ले रहे हैं। फिर चाहे वह प्रोटीन से ही क्यों न आए, तो अधिक एनर्जी शरीर में फैट के रूप में जमा हो सकता है। इसके अलावा प्रोटीन बार, सप्लीमेंट्स और शेक में अधिक चीनी और कैलोरी भी होती है। जोकि वेट गेन की वजह बन सकती है। इसलिए सिर्फ हाई-प्रोटीन के लेबल वाले प्रोडक्ट्स को अपनी डाइट में शामिल करने से बचना चाहिए। बल्कि इन प्रोडक्ट में कैलोरी भी चेक करें। मध्यम उम्र और बुजुर्गों के लंबे समय तक ज्यादा प्रोटीन खाने से वेट गेन का जोखिम बढ़ जाता है।
हर समय थकान लगना
अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आपको लगातार थकान की समस्या हो सकती है। इसका कारण असंतुलित डाइट हो सकती है। अधिक प्रोटीन और कम कार्बोहाइड्रेटेड वाली डाइट लेने से शरीर की एनर्जी पर असर पड़ता है। वहीं लंबे समय तक डिहाइड्रेशन की वजह से भी थकान लग सकती है। लेकिन लगातार थकान के पीछे एनीमिया, थायराइड की समस्या, विटामिन की कमी या अन्य सेहत संबंधी कारण हो सकते हैं। इसलिए यह लक्षण लंबे समय तक बना रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
कितनी प्रोटीन की जरूरत
हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया कि प्रोटीन की जरूरत हर व्यक्ति के शरीर के अलग-अलग होती है। यह उम्र, वजन, फिजिकल एक्टिविटी और सेहत पर निर्भर करती है। इसलिए जो लोग नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं या फिर एथलीट हैं। उनको नॉर्मल लोगों की तुलना में अधिक प्रोटीन की जरूरत हो सकती है। वहीं किडनी से जुड़ी कुछ बीमारियों परेशान लोगों को डॉक्टर की सलाह के मुताबिक प्रोटीन की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। वहीं संतुलित मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए।
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