पिछले कुछ सालों में हाई-प्रोटीन डाइट का ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ा है। वेट कम करे, फिट रहने और मसल्स गेन करने के लिए लोग अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ा रहे हैं। दालें, अंडे, प्रोटीन शेक, चिकन और सप्लीमेंट का ज्यादा मात्रा में सेवन करने कुछ लोगों के लिए आम हो गया है। हालांकि हमारे शरीर के लिए प्रोटीन एक जरूरी पोषक तत्व है।
लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन शरीर में कई समस्याओं को बढ़ा सकता है। जिस कारण कब्ज, थकान और सुस्ती आदि परेशानियां शामिल हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि ज्यादा प्रोटीन लेने से शरीर क्या संकेत दे सकता है।
जानिए ज्यादा प्रोटीन लेने के संकेत
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो ज्यादा मात्रा में प्रोटीन लेने पर सेहत संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं। क्योंकि किसी भी चीज को बहुत ज्यादा या कम मात्रा में लेना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
बार-बार पेशाब जाना
अगर आपको नॉर्मल से ज्यादा पेशाब जाना पड़ता है। तो यह भी ज्यादा प्रोटीन लेने का संकेत हो सकता है। जब शरीर प्रोटीन को पचाता है, तो नाइट्रोजन वाले टॉक्सिक पदार्थ बनते हैं। जिनमें किडनी पेशाब के जरिए बाहर निकलती है। अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से किडनी को ज्यादा काम करना पड़ सकता है। जिससे पेशाब की मात्रा बढ़ सकती है।
वहीं अगर ज्यादा प्यास लगने की समस्या होती है, तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है। इसलिए हाई प्रोटीन डाइट लेने वालों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। हाई प्रोटीन डाइट से पेशाब में यूरिया की सांद्रता बढ़ जाती है। जोकि मूत्राशय की परत पर दबाव डालती है। इससे बॉडी में CRP जैसे मार्कर बढ़ते हैं। वहीं इससे मूत्राशय में सूजन की समस्या हो सकती है।
हर समय सुस्ती लगना
हमारे शरीर के लिए प्रोटीन एक जरूरी पोषक तत्व है। लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट बहुत कम लेते हैं। तो शरीर में एनर्जी की कमी हो सकती है। कार्बोहाइड्रेट फूड्स आपके शरीर को एनर्जी देता है। ऐसे में ज्यादा प्रोटीन ज्यादा लेने से शरीर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम हो जाती है। जिससे लोगों में सुस्ती, थकान और काम में मन न लगने जैसी समस्या महसूस हो सकती है। अगर आप हाई प्रोटीन डाइट शुरू करने के बाद भी लगातार सुस्ती महसूस करते हैं, तो आपको अपनी डाइट का संतुलन चेक करना चाहिए।
कब्ज की समस्या
हाई-प्रोटीन डाइट में फाइबर की मात्रा कम हो जाती है। खासकर जब लोग साबुत अनाज, दालों, फल और सब्जियों की जगह सिर्फ एनिमल बेस्ड प्रोटीन पर अधिक निर्भर होते हैं। तो फाइबर की कमी से पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है। जिस कारण ब्लोटिंग, कब्ज और मल त्याग करने में मुश्किलें जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में अगर आपकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ गई है, तो इसके साथ पर्याप्त मात्रा में फाइबर का सेवन और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
वेट बढ़ना
अक्सर लोगों को लगता है कि अधिक मात्रा में प्रोटीन खाने से सिर्फ वेट कम होगा, ऐसा नहीं होता है। अगर आप शरीर की जरूरत के हिसाब से ज्यादा कैलोरी ले रहे हैं। फिर चाहे वह प्रोटीन से ही क्यों न आए, तो अधिक एनर्जी शरीर में फैट के रूप में जमा हो सकता है। इसके अलावा प्रोटीन बार, सप्लीमेंट्स और शेक में अधिक चीनी और कैलोरी भी होती है। जोकि वेट गेन की वजह बन सकती है। इसलिए सिर्फ हाई-प्रोटीन के लेबल वाले प्रोडक्ट्स को अपनी डाइट में शामिल करने से बचना चाहिए। बल्कि इन प्रोडक्ट में कैलोरी भी चेक करें। मध्यम उम्र और बुजुर्गों के लंबे समय तक ज्यादा प्रोटीन खाने से वेट गेन का जोखिम बढ़ जाता है।
हर समय थकान लगना
अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आपको लगातार थकान की समस्या हो सकती है। इसका कारण असंतुलित डाइट हो सकती है। अधिक प्रोटीन और कम कार्बोहाइड्रेटेड वाली डाइट लेने से शरीर की एनर्जी पर असर पड़ता है। वहीं लंबे समय तक डिहाइड्रेशन की वजह से भी थकान लग सकती है। लेकिन लगातार थकान के पीछे एनीमिया, थायराइड की समस्या, विटामिन की कमी या अन्य सेहत संबंधी कारण हो सकते हैं। इसलिए यह लक्षण लंबे समय तक बना रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
कितनी प्रोटीन की जरूरत
हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया कि प्रोटीन की जरूरत हर व्यक्ति के शरीर के अलग-अलग होती है। यह उम्र, वजन, फिजिकल एक्टिविटी और सेहत पर निर्भर करती है। इसलिए जो लोग नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं या फिर एथलीट हैं। उनको नॉर्मल लोगों की तुलना में अधिक प्रोटीन की जरूरत हो सकती है। वहीं किडनी से जुड़ी कुछ बीमारियों परेशान लोगों को डॉक्टर की सलाह के मुताबिक प्रोटीन की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। वहीं संतुलित मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए।
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रात में एक बार पेशाब के लिए उठना, पानी पीने की आदत, उम्र या कुछ दवाओं की वजह से सामान्य माना जा सकता है। लेकिन अगर रात में दो या इससे ज्यादा बार पेशाब के लिए उठते हैं और इससे आपकी नींद प्रभावित होती है, तो इसको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मेडिकल साइंस में इस स्थिति को नोक्टूरिया कहा जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक नोक्टूरिया बीमारी नहीं है, लेकिन यह कई सेहत संबंधी समस्याओं की शुरूआत का संकेत हो सकती है। लगातार नींद टूटने से होने वाली थकान, गिरने का खतरा, ध्यान में कमी और जीवन की गुणवत्ता पर भी इसका असर पड़ सकती है।
क्यों बढ़ती है रात में पेशाब की इच्छा
रात को शरीर एंटीड्यूरेटिक हार्मोन ज्यादा मात्रा में बनाता है। जिससे किडनी कम मात्रा में यूरिन बनाती है और नींद के दौरान बार-बार आपको पेशाब जाने की जरूरत पड़ती है। लेकिन हार्मोनल बदलाव, उम्र बढ़ने, कुछ बीमारियों या दवाओं की वजह से यह प्रोसेस प्रभावित हो सकता है। वहीं रात में कैफीन, ज्यादा तरल पदार्थ लेने या शराब आदि के सेवन भी बार-बार पेशाब आने की वजह बन सकता है।
डायबिटीज हो सकती है वजह
अगर बार-बार पेशाब जाने के अलावा बार-बार भूख लगना, ज्यादा प्यास लगना और वेट लॉस जैसे लक्षण हों, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है। जब ब्लड शुगर बढ़ जाता है, तो शरीर एक्स्ट्रा ग्लूकोज को यूरिन के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है। जिससे बार-बार पेशाब आता है।
नींद से जुड़ी बीमारी
कई लोगों को ऐसा लगता है कि स्लीप एपनिया सिर्फ खर्राटों की बीमारी है। यह नोक्टूरिया से भी जुड़ी हो सकती है। स्लीप एपनिया के दौरान बार-बार सांस रुकती है। इस कारण शरीर ऐसे हार्मोन छोड़ता है, जो यूरिन बनने की मात्रा बढ़ा सकते हैं। अगर रात में पेशाब के साथ सांस रुकना, तेज खर्राटे या दिन भर नींद आना भी हो तो भी स्लीप एपनिया की जांच कराना चाहिए।
ओवरएक्टिव ब्लैड
ओवरएक्टिव ब्लैडर में मूत्राशय सामान्य से ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। ऐसे में अधिकतर मोटे लोगों में थोड़ी मात्रा में यूरिन जमा होने पर भी पेशाब की तीव्र इच्छा महसूस हो सकती है। इसमें व्यक्ति को बार-बार पेशाब आना, अचानक तेज पेशाब लगना, रात में कई बार उठना और कई बार पेशाब पर कंट्रोल न रहना जैसे लक्षण महसूस होते हैं।
हार्ट या किडनी की बीमारी
दिन भर पैरों में जमा एक्स्ट्रा तरल पदार्थ रात के समय लेटने पर दोबारा ब्लड फ्लो में लौटता है। जिसके बाद किडनी ज्यादा यूरिन बनाने लगती है। इससे रात में बार-बार पेशाब की समस्या हो सकती है। यह समस्या विशेष रूप से क्रॉनिक किडनी डिजीज, हार्ट फेल्योर या पैरों में सूजन वाले लोगों में देखी जा सकती है।
पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ना
50 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों में बढ़ा हुआ प्रोस्टेट रात में बार-बार पेशाब जाने की समस्या सामान्य हो सकती है। लेकिन महिलाओं में यह वजह नहीं होती है, लेकिन पुरुषों के लिए यह सबसे आम वजहों में से एक है।
हालांकि बार-बार रात में पेशाब आना हमेशा सामान्य नहीं होता है। यह किडनी या हार्ट की बीमारी, डायबिटीज, ओवरएक्टिव ब्लैडर, स्लीप एपनिया या अन्य सेहत संबंधी समस्याओं का शुरूआती संकेत हो सकता है। अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है, या अन्य चेतावनी वाले लक्षण दिखते हैं, तो समय रहते डॉक्टर से जांच जरूर कराएं। सही वजह पता लगकर इलाज शुरू करने से न सिर्फ नींद बेहतर होती है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान भी हो सकती है।
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