अगर आप अक्सर अपनी चाबियां, बैग, बटुआ या दूसरी जरूरी चीजें कहीं रखकर भूल जाते हैं, तो आपके लिए एक नया उपकरण बाजार में आ गया है। रिलायंस जियो ने भारत में अपना नया जियोटैग 2 पेश किया है। यह कंपनी के पहले जियोटैग का नया संस्करण है और इसमें कई ऐसे बदलाव किए गए हैं, जो इसे पहले की तुलना में अधिक उपयोगी बनाते हैं। सबसे खास बात यह है कि अब यह एक साथ दोनों प्रमुख मोबाइल सिस्टम के साथ काम करता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, जियोटैग 2 की कीमत 1,249 रुपये रखी गई है। यह तीन रंगों काला, लाल और हरा में उपलब्ध है। कुछ बैंक कार्ड पर भुगतान करने पर ग्राहकों को 50 रुपये तक की छूट भी मिल सकती है, जिसके बाद इसकी प्रभावी कीमत 1,199 रुपये रह जाती है। फिलहाल इसे अमेजन इंडिया के माध्यम से खरीदा जा सकता है।
बता दें कि जियोटैग 2 का डिजाइन पहले के मुकाबले बदला गया है। इसे नए आकार में तैयार किया गया है और इसका बाहरी हिस्सा पॉलीकार्बोनेट सामग्री से बनाया गया है। इसके अलावा यह धूल और पानी के हल्के छींटों से सुरक्षा के लिए आईपी 64 प्रमाणन के साथ आता है, जिससे सामान्य उपयोग के दौरान इसकी मजबूती बढ़ जाती है।
गौरतलब है कि इस नए संस्करण की सबसे बड़ी खासियत इसकी व्यापक अनुकूलता है। पहले वाला जियोटैग एक साथ दोनों प्रमुख मोबाइल प्रणालियों के साथ काम नहीं करता था, लेकिन अब जियोटैग 2 आईफोन और एंड्रॉयड दोनों प्रकार के उपकरणों के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। यही बदलाव इसे पहले के मॉडल से अलग बनाता है और अधिक लोगों के लिए उपयोगी विकल्प बनाता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस उपकरण में 120 डेसीबल क्षमता वाला स्पीकर दिया गया है। यदि आपका सामान ब्लूटूथ की सीमा के भीतर है तो जियोटैग तेज आवाज निकालकर उसे खोजने में मदद करेगा। वहीं यदि सामान ब्लूटूथ की सीमा से बाहर चला जाता है तो मानचित्र की सहायता से उसका स्थान पता लगाने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
यह उपकरण गूगल फाइंड हब और एप्पल फाइंड माई नेटवर्क दोनों के साथ काम करता है। इन दोनों सेवाओं की मदद से उपयोगकर्ता अपने टैग किए गए सामान की लगभग वास्तविक समय के करीब स्थिति देख सकते हैं। इससे यात्रा के दौरान या रोजमर्रा की जिंदगी में सामान खोने की स्थिति में उसे ढूंढना पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकता है।
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में सामान खोजने वाले छोटे उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ी है। पहले इस तरह के प्रोडक्ट मुख्य रूप से महंगे विकल्पों तक सीमित थे, लेकिन अब घरेलू कंपनियां भी कम कीमत में ऐसे उपकरण उपलब्ध करा रही हैं। जियोटैग 2 भी इसी दिशा में कंपनी का नया प्रयास माना जा रहा है, जिसमें बेहतर अनुकूलता, नया डिजाइन और उपयोगी सुविधाएं जोड़कर आम ग्राहकों के लिए इसे अधिक आकर्षक बनाने की कोशिश की गई है।
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घर की साफ-सफाई के दौरान सफेद सिरका ऑल इन वन क्लीनर के रूप में काम करता है। सफेद सिरका में मौजूद नेचुरल एसिड और एंटी बैक्टीरियल गुण इसको कीटाणुनाशक और बदबू को दूर करने का बेहतरीन तरीका होता है। आजकल बाथरूम की नाली में सिरका छिड़कने की ट्रिक काफी चर्चा में है। जिसके बारे में काफी कम लोगों को पता है। बता दें कि अक्सर शॉवर ड्रेन में बालों का जमाव, ग्रीस, साबुन के झाग और नमी के कारण गंदगी जमा हो जाती है।
इस वजह से बाथरूम की नालियों से गंदी बदबू आने लगती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि बाथरूम की नाली को साफ करने के लिए आपको इस ट्रिक का कैसे इस्तेमाल करना चाहिए।
शॉवर ड्रेन में विनेगर डालने का तरीका
ड्रेन की जाली पर जमा बड़ा कचरा या बालों को हाथों से हटाएं।
फिर एक कप या स्प्रे बोतल में सिरका लेकर सीधे नाली में डालें।
इसके बाद 20 से 30 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। जिससे कि यह गंदगी पर अपना असर छोड़ सके।
अब नाली में गरम खौलता हुआ पानी डालकर बहाएं। इससे ढीली हुई गंदगी आसानी से बह जाएगी।
कब और कितना करें इस्तेमाल
इस नुस्खे का लाभ उठाने के लिए आपका सप्ताह में एक बार इस क्लीनिंग रूटीन को शामिल करें। नाले को साफ और स्मेल मुक्त रखने के लिए सप्ताह में एक बार या फिर 15 दिन में एक बार इस तरीके को अपना सकती हैं। वहीं अगर नाली में गंदगी ज्यादा है, तो सिरका डालने से पहले नाली में 2 से 3 चम्मच बेकिंग सोडा डालें। बेकिंग सोडा और सिरके का रिएक्शन जिद्दी से जिद्दी कचरे को आसानी से साफ कर देता है।
साबुन और मिनरल डिपॉजिट्स
रोजाना नहाने के समय बॉडी वॉश, साबुन का झाग और पानी में मौजूद मिनरल्स अक्सर नाले के दीवारों पर चिपक जाते हैं और एक सख्त परत बना देते हैं। लेकिन सफेद सिरके में एसिडिक गुण मौजूद होते हैं। यह जिद्दी परत और ग्रीस को धीरे-धीरे घोलकर ढीला कर देते हैं। इससे नाली के अंदर का रास्ता साफ हो जाता है।
नाले से आने वाली बदबू
हर वक्त बाथरूम ड्रेन में नमी और ऑर्गेनिक कचरा जमा रहता है। यह बैक्टीरिया पनपने और दुर्गंध की मुख्य वजह होता है। विनेगर नेचुरल रूप से नाले से आने वाली गंध को बेअसर करता है। जब आप इसमें विनेगर को स्प्रे करते हैं। तो बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया खत्म होते हैं और बाथरूम की हवा फ्रेश होती है।
ब्लॉक होने से बचाना
अचानक से शॉवर ड्रेन में बड़ा ब्लॉक बड़ी सिरदर्दी की वजह बन सकती है। ऐसे में नियमित रूप से आप विनेगर का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह छोटी-मोटी गंदगी और कचरे को नहीं जमने देता है। विनेगर एक प्रिवेंटिव मेंटेनेंस है। जिससे नाली में बिना रुकावट पानी का बहाव होता रहता है और ड्रेन जाम की समस्या नहीं होती है।
हार्श केमिकल ड्रेन क्लीनर्स
बाथरूम की नाली को साफ करने के लिए मार्केट में मिलने वाले केमिकल हार्श एसिड और टॉक्सिक पदार्थों से बने होते हैं। यह आपकी सांस और सेहत दोनों के लिए नुकसानदाय है। वहीं यह प्लंबिंग पाइपों को भी अंदर से नुकसान पहुंचा सकते हैं। लेकिन सिरका एक नेचुरल, इको-फ्रेंडली और सेफ ऑप्शन है। यह पाइपों को नुकसान पहुंचाए बिना सफाई करता है।
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