देहरादून में दृष्टिबाधित छात्रों का प्रदर्शन:स्कॉलरशिप बंद, मंहगी किताबों से परेशान छात्रों ने किया आंदोलन, अब भूख हड़ताल की तैयारी
राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD), देहरादून में दृष्टिबाधित छात्र-छात्राएं बीते पांच दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। ये बच्चे अच्छी शिक्षा, शिक्षक और किताबों जैसी सुविधाओं को लेकर सिस्टम के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। 10 अगस्त 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट में छात्रों ने संस्थान में हो रहे बुरे बर्ताव और शारीरिक हिंसा के गंभीर आरोप लगाए हैं। एक छात्रा के अनुसार, अलग-अलग प्रकार की दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए अलग-अलग देखभाल और स्पेशल स्टाफ की जरूरत है, लेकिन ऐसी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। एक अन्य छात्रा ने आरोप लगाया कि कुछ बच्चों को चोट पहुंचाई जाती है और लात-घूंसों से मारपीट की जाती है। स्कॉलरशिप दोबारा शुरू करने की मांग देहरादून के राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान में दृष्टिबाधित छात्रों के लिए 12वीं के बाद सरकार से मिलने वाली स्कॉलरशिप भी बंद कर दी गई है, जिससे काफी मदद मिलती थी। ये स्कॉलरशिप फिर से शुरू की जाना चाहिए। छात्रों का कहना है कि अगर समय रहते उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्हें मजूबरन भूख हड़ताल पर बैठना पड़ेगा। देहरादून के राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान में दृष्टिबाधित छात्र सस्ती किताबों की मांग भी कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि प्रशासन के साथ दो दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ। इसलिए उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी है। NIEPVD का देहरादून मॉडल स्कूल नर्सरी से कक्षा 12वीं तक दृष्टिबाधित बच्चों को शिक्षा देता है। इस समय वहां 247 बच्चे पढ़ रहे हैं। छात्राओं ने बताया कि संस्थान में किताबों के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रशिक्षित प्रशिक्षक और स्थायी निदेशक जैसी सुविधाएं नहीं हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डिस्पेंसरी में उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है और छात्रावास के खाने की क्वालिटी लगातार खराब बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, किताबों की बढ़ती कीमतों को लेकर भी छात्र परेशान हैं। मल्टी डिसेबल बच्चों के लिए अलग यूनिट नहीं प्रदर्शन में शामिल एक दिव्यांग छात्रा ने कहा कि इस बार मल्टी डिसेबल बच्चों को एडमिशन दिया गया है। उनकी केयर करने के लिए अलग से कोई यूनिट नहीं है। एक दूसरी छात्रा ने कहा - इन बच्चों के लिए अलग टीचर होता है, गाइड करने वाले अगल होते हैं लेकिन जो टीचर यहां आए हैं, वो बच्चो को चोट पहुंचा रहे हैं। बच्चों के साथ मारपीट तक हो रही है। लात-घूसे मारे जाते हैं। यहां अलग डिसेबिलिटी वाले बच्चे बहुत परेशान हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराजगी सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कई यूजर्स इन छात्रों का समर्थन करते हुए अपनी राय दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा - दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं को अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए आंदोलन और भूख हड़ताल की नौबत आना किसी भी संवेदनशील व्यवस्था के लिए शर्मनाक है। मंत्रालय और संस्थान को तुरंत बातचीत कर उनकी जायज मांगों का समाधान करना चाहिए। अधिकार मांगना अपराध नहीं है। छात्रा ने बताया कि इस संस्थान के छात्र काफी पहले से सुविधाओं की मांग कर रहे थे। लिखित में भी रिक्वेस्ट की गई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन का रास्ता अपनाया है। हालांकि, प्रदर्शन के बाद कुछ चीजें ठीक हुई हैं, लेकिन अब भी बहुत सारी चीजों में सुधार की जरूरत है। छात्रों ने 6 प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक उन्हें प्रशासन से कोई समाधान नहीं मिला है। मांगें पूरी नहीं होने पर छात्र भूख हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं। 26 अप्रैल 2023 को खराब मोबाइल का किया विरोध NIEPVD के कक्षा 12वीं के छात्रों ने ADIP योजना के तहत मिले मोबाइल खराब होने को लेकर विरोध किया। छात्रों के अनुसार नवंबर 2020 में उन्हें जो फोन दिए गए थे, मार्च 2021 से उसमें तकनीकी समस्याएं आने लगीं। छात्रों ने कई बार शिकायत की। दिसंबर 2021 में अधिकारियों ने नए फोन देने का आश्वासन दिया। नवंबर 2022 में फिर CSR फंड से नए फोन देने की बात कही गई। लेकिन अप्रैल 2023 तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। ये खबर भी पढ़ें 180 छात्र हॉस्टल छोड़कर 12 किमी पैदल घर निकले:कमरों में ठूंसकर रखे गए, खाने में कीड़ों की शिकायत, प्रिंसिपल का हुआ ट्रांसफर ओडिशा के एक हॉस्टल में लगभग 180 छात्र रह रहे थे। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें केवल दो कमरों में ठूंसकर रखा गया है। खाने की क्वालिटी खराब है। यहां तक कि चावल-दाल में कीड़े मिलने की शिकायत भी की। पूरी खबर यहां पढ़ें
RPSC ने 13 भर्तियों की इंटरव्यू डेट्स घोषित की:जानिए-किस भर्ती के आवेदन फार्म में कब तक कर सकेंगे संशोधन-विड्रो
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से 13 विभिन्न पदों पर होने वाली भर्तियों के इन्टरव्यू की डेट घोषित कर दी है। ये इन्टरव्यू 17 अगस्त से शुरू होंगे और 25 अगस्त तक चलेंगे। साथ ही विभिन्न भर्तियों के आवेदन फार्म में संशोधन व बिना योग्यता आवेदन फार्म भरने पर विड्रो का मौका भी दिया है। इसके अलावा जूनियर लीगल ऑफिसर की मॉडल आंसर-की भी जारी की है। इन्टरव्यू कार्यक्रम-ये जरूरी दस्तावेज लाने होंगे चिकित्सा शिक्षा विभाग और कॉलेज शिक्षा विभाग में सहायक आचार्य के 13 विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार कार्यक्रम घोषित किया। साक्षात्कार के समय समस्त अभ्यर्थी स्वयं का नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, नवीनतम स्पष्ट फोटो युक्त मूल पहचान पत्र एवं समस्त मूल प्रमाण पत्र में फोटो प्रति के साथ उपस्थित होना होगा। सहायक आचार्य (चिकित्सा शिक्षा विभाग) भर्ती (सहायक आचार्य - 2024) सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा विभाग ) भर्ती- 2025: आवेदन फार्म में संशोधन व विड्रो का मौका राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से विभिन्न भर्ती परीक्षा के आवेदन फार्म में संशोधन व फार्म विड्रो का मौका दिया गया है। ऑनलाइन संशोधन के लिए फीस व प्रोसेस संशोधन चाहने वाले अभ्यर्थी को ई-मित्र/ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से 500 रुपए का शुल्क जमा कराना होगा। आयोग के ऑनलाइन पोर्टल https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध एप्लाई ऑनलाइन लिंक अथवा एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर संबंधित परीक्षा में ऑनलाइन संशोधन किया जा सकेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नं. 9352323625 व 7340557555 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। बिना योग्यता फार्म भरने वाले कर सकते है विड्रो असत्य एवं गलत सूचना के आधार पर आवेदन करना तथा अहर्ता न होने पर भी उसे विड्रॉ नहीं करना भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे अभ्यर्थी को बाद में काउंसलिंग/पात्रता जांच/ साक्षात्कार के दौरान अपात्र पाए जाने पर आगामी 1 वर्ष की अवधि के लिए भर्ती परीक्षाओं से डिबार भी किया जाएगा। अतः ऐसे अभ्यर्थी अपना ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ कर सकते हैं। इसके लिए एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन के अन्तर्गत संबंधित परीक्षा के समक्ष उपलब्ध विथड्रॉ बटन पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ किया जा सकता है। जेएलओ एग्जाम की मॉडल आंसर-की जारी, दर्ज कराएं आपत्ति राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा जूनियर लीगल ऑफिसर (जयपुर विकास प्राधिकरण) परीक्षा - 2025 के प्रश्न पत्र- प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ की मॉडल उतरकुंजियाँ आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दी गई हैं। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता ने बताया कि यदि किसी अभ्यर्थी को इन मॉडल उतरकुंजियाँ पर कोई आपत्ति हो तो निर्धारित शुल्क के साथ 12 से 14 अगस्त 2026 को रात्रि 12:00 बजे तक अपनी आपत्ति ऑनलाईन दर्ज करवा सकता है। यह रहेगा शुल्क और प्रोसेस यहां करें कॉन्टैक्ट ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ईमेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 और 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं। RPSC अध्यक्ष ने किया निरीक्षण राजस्थान लोक सेवा आयोग अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह ने सोमवार को आयोग परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति देखी और सभी कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे करने के निर्देश दिए। आयोग में विभिन्न कार्यों से आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए आयोग अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को परिसर में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यहां बैठने के लिए समुचित और व्यवस्थित इंतजाम करने के लिए कहा। ………….. पढें ये खबर भी…. SI भर्ती-2021: 2.30 लाख कैंडिडेट ही देंगे री-एग्जाम:7 लाख 97 हजार ने भरा था फॉर्म; RPSC अध्यक्ष ने चुनाव आयोग को लिखा लेटर सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 का री-एग्जाम केवल 2 लाख 30 हजार अभ्यर्थी ही देंगे। इसका कारण यह है कि री-एग्जाम के लिए पहले भरे गए आवेदन पत्रों में सुधार और अपडेट करने का अवसर दिया गया था। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। पूरी खबर पढें
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