Responsive Scrollable Menu

RPSC ने 13 भर्तियों की इंटरव्यू डेट्स घोषित की:जानिए-किस भर्ती के आवेदन फार्म में कब तक कर सकेंगे संशोधन-विड्रो

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से 13 विभिन्न पदों पर होने वाली भर्तियों के इन्टरव्यू की डेट घोषित कर दी है। ये इन्टरव्यू 17 अगस्त से शुरू होंगे और 25 अगस्त तक चलेंगे। साथ ही विभिन्न भर्तियों के आवेदन फार्म में संशोधन व बिना योग्यता आवेदन फार्म भरने पर विड्रो का मौका भी दिया है। इसके अलावा जूनियर लीगल ऑफिसर की मॉडल आंसर-की भी जारी की है। इन्टरव्यू कार्यक्रम-ये जरूरी दस्तावेज लाने होंगे चिकित्सा शिक्षा विभाग और कॉलेज शिक्षा विभाग में सहायक आचार्य के 13 विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार कार्यक्रम घोषित किया। साक्षात्कार के समय समस्त अभ्यर्थी स्वयं का नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, नवीनतम स्पष्ट फोटो युक्त मूल पहचान पत्र एवं समस्त मूल प्रमाण पत्र में फोटो प्रति के साथ उपस्थित होना होगा। सहायक आचार्य (​चिकित्सा शिक्षा विभाग) भर्ती (सहायक आचार्य - 2024) सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा विभाग ) भर्ती- 2025: आवेदन फार्म में संशोधन व विड्रो का मौका राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से विभिन्न भर्ती परीक्षा के आवेदन फार्म में संशोधन व फार्म विड्रो का मौका दिया गया है। ऑनलाइन संशोधन के लिए फीस व प्रोसेस संशोधन चाहने वाले अभ्यर्थी को ई-मित्र/ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से 500 रुपए का शुल्क जमा कराना होगा। आयोग के ऑनलाइन पोर्टल https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध एप्लाई ऑनलाइन लिंक अथवा एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर संबंधित परीक्षा में ऑनलाइन संशोधन किया जा सकेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नं. 9352323625 व 7340557555 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। बिना योग्यता फार्म भरने वाले कर सकते है विड्रो असत्य एवं गलत सूचना के आधार पर आवेदन करना तथा अहर्ता न होने पर भी उसे विड्रॉ नहीं करना भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे अभ्यर्थी को बाद में काउंसलिंग/पात्रता जांच/ साक्षात्कार के दौरान अपात्र पाए जाने पर आगामी 1 वर्ष की अवधि के लिए भर्ती परीक्षाओं से डिबार भी किया जाएगा। अतः ऐसे अभ्यर्थी अपना ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ कर सकते हैं। इसके लिए एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन के अन्तर्गत संबंधित परीक्षा के समक्ष उपलब्ध विथड्रॉ बटन पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ किया जा सकता है। जेएलओ एग्जाम की मॉडल आंसर-की जारी, दर्ज कराएं आपत्ति राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा जूनियर लीगल ऑफिसर (जयपुर विकास प्राधिकरण) परीक्षा - 2025 के प्रश्न पत्र- प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ की मॉडल उतरकुंजियाँ आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दी गई हैं। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता ने बताया कि यदि किसी अभ्यर्थी को इन मॉडल उतरकुंजियाँ पर कोई आपत्ति हो तो निर्धारित शुल्क के साथ 12 से 14 अगस्त 2026 को रात्रि 12:00 बजे तक अपनी आपत्ति ऑनलाईन दर्ज करवा सकता है। यह रहेगा शुल्क और प्रोसेस यहां करें कॉन्टैक्ट ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ईमेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 और 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं। RPSC अध्यक्ष ने किया निरीक्षण राजस्थान लोक सेवा आयोग अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह ने सोमवार को आयोग परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति देखी और सभी कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे करने के निर्देश दिए। आयोग में विभिन्न कार्यों से आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए आयोग अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को परिसर में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यहां बैठने के लिए समुचित और व्यवस्थित इंतजाम करने के लिए कहा। ………….. पढें ये खबर भी…. SI भर्ती-2021: 2.30 लाख कैंडिडेट ही देंगे री-एग्जाम:7 लाख 97 हजार ने भरा था फॉर्म; RPSC अध्यक्ष ने चुनाव आयोग को लिखा लेटर सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 का री-एग्जाम केवल 2 लाख 30 हजार अभ्यर्थी ही देंगे। इसका कारण यह है कि री-एग्जाम के लिए पहले भरे गए आवेदन पत्रों में सुधार और अपडेट करने का अवसर दिया गया था। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। पूरी खबर पढें

Continue reading on the app

एजुकेशन लोन से जुड़े हर सवाल का जवाब:7.5 लाख रुपए तक बिना सिक्योरिटी लोन; 15 साल तक करें रीपेमेंट का ऑप्‍शन

एडमिशन का दौर चल रहा है। ऐसे में छात्रों और उनके माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता पढ़ाई की फीस होती है। ऐसे में सबसे पहले एजुकेशन लोन का ख्याल आता है। लोन कितना मिलेगा, कौन पात्र है, बिना सिक्योरिटी लोन मिलेगा या नहीं, ब्याज और EMI कितनी होगी... इसे ध्यान में रखते हुए हमने पाठकों से इस विषय पर उनके सवाल मांगे। मिले सवालों का जवाब दे रहे हैं हमारे फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स। 1. किन छात्रों और कोर्स के लिए लोन मिलता है? मान्यता प्राप्त संस्थानों के यूजी, पीजी, प्रोफेशनल, टेक्निकल, वोकेशनल और स्किल-बेस्ड कोर्स के लिए लोन मिल सकता है। मैनेजमेंट, कानून, कंप्यूटर, कृषि, वेटरिनरी आदि भी शामिल हैं। भारत और विदेश की पढ़ाई के लिए लोन मिल सकता है। पॉलिटिकल साइंस, सर्टिफिकेट, डिस्टेंस, पार्ट-टाइम और एग्जीक्यूटिव कोर्स की पात्रता बैंक और मान्यता पर निर्भर है। पीएम-विद्यालक्ष्मी में पात्र क्वालिटी हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस में मेरिट या ओपन कॉम्पिटिटिव एग्जाम से प्रवेश जरूरी है। जहां नियम लागू हों, मैनेजमेंट कोटा पात्र नहीं है। 2. क्या हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी के लिए लोन मिलता है? नहीं। बैंक संस्थान की मान्यता, एफिलिएशन, रेगुलेटरी अप्रूवल, एडमिशन का तरीका, एकेडमिक रिकॉर्ड, कोर्स, फीस, रोजगार और प्लेसमेंट रिकॉर्ड के साथ अपनी अप्रूव्ड लिस्ट भी देखता है। 3. अधिकतम कितना लोन मिलता है? सभी बैंकों की एक समान सीमा नहीं है। राशि कोर्स की लागत, संस्थान, देश, छात्र और को-एप्लिकेंट की प्रोफाइल, सिक्योरिटी और बैंक की नीति पर निर्भर है। पुरानी आईबीए मॉडल स्कीम में भारत में 10 लाख रु. और विदेश में 20 लाख रु. तक की सीमा थी, लेकिन कई बैंक इससे ज्यादा भी देते हैं। विदेश में राशि आमतौर पर ज्यादा होती है। पूरा स्वीकृत लोन लेना जरूरी नहीं; भविष्य की ईएमआई और रीपेमेंट कैपेसिटी भी देखें। पीएम-विद्यालक्ष्मी में पात्र छात्रों को ट्यूशन फीस व अन्य कोर्स खर्च के लिए कोलेटरल-फ्री और गारंटर-फ्री लोन मिल सकता है। 4. बिना सिक्योरिटी कितना लोन मिलता है? कई मामलों में 7.5 लाख रु. तक का सामान्य एजुकेशन लोन बिना सिक्योरिटी मिलता है। यह क्रेडिट गारंटी और बैंक की शर्तों पर निर्भर है। ज्यादा राशि पर घर, जमीन, एफडी, बीमा पॉलिसी आदि कोलेटरल मांग सकते हैं। बैंक संपत्ति की कीमत और कानूनी स्थिति जांचता है। पीएम-विद्यालक्ष्मी के पात्र क्यूएचईआई छात्रों को कोलेटरल और गारंटर के बिना लोन मिल सकता है। 5. लोन से कौन-कौन से खर्च पूरे हो सकते हैं? ट्यूशन, एडमिशन, एग्जामिनेशन, लाइब्रेरी, लैबोरेटरी, हॉस्टल, किताबें, इक्विपमेंट, जरूरी लैपटॉप/कंप्यूटर, प्रोजेक्ट, थीसिस, स्टडी टूर और अन्य मंजूर शैक्षणिक खर्च शामिल हो सकते हैं। विदेश में कुछ ट्रैवल और लिविंग खर्च भी मिल सकते हैं। अंतिम सूची बैंक की सैंक्शन टर्म्स पर निर्भर है। 6. विदेश में पढ़ाई के लिए क्या ध्यान रखें? बैंक एडमिशन लेटर, यूनिवर्सिटी की रैंकिंग व रिकग्निशन, कोर्स, फीस, वीजा-पासपोर्ट दस्तावेज और रीपेमेंट कैपेसिटी देखता है। लोन रु. में सैंक्शन और फीस विदेशी मुद्रा में दी जा सकती है। रु. की कीमत गिरने पर खर्च और ईएमआई बढ़ सकती है। इसे करेंसी रिस्क कहते हैं। 7. लोन के लिए आवेदन कैसे करें? बैंक की शाखा, वेबसाइट या डिजिटल प्लेटफॉर्म से आवेदन कर सकते हैं। पीएम-विद्यालक्ष्मी पात्र योजनाओं के लिए यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यहां योजनाओं की जानकारी, आवेदन और स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा है। हर लोन के लिए योजना से आवेदन जरूरी नहीं है। 8. पीएम-विद्यालक्ष्मी और सीधे बैंक में आवेदन में क्या अंतर है? पीएम-विद्यालक्ष्मी पात्र योजनाओं और पार्टिसिपेटिंग लेंडर्स के लिए डिजिटल व्यवस्था देता है। सीधे बैंक में आवेदन करने पर उसकी अपनी पॉलिसी लागू होती है और अन्य लोन प्रोडक्ट भी मिल सकते हैं। ब्याज, कुल लागत, कोलेटरल, गारंटर, मॉरेटोरियम और रीपेमेंट पीरियड की तुलना करें। 9. कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए? केवाईसी, पैन/आधार, पता प्रमाण, मार्कशीट, एंट्रेंस रिजल्ट, एडमिशन/ऑफर लेटर, कॉलेज का पत्र, फीस स्ट्रक्चर और कोर्स की जानकारी चाहिए। जरूरत पर हॉस्टल अनुमान, को-एप्लिकेंट के इनकम डॉक्यूमेंट, बैंक स्टेटमेंट और कोलेटरल दस्तावेज भी देने होंगे। विदेश के लिए पासपोर्ट, वीजा और यूनिवर्सिटी के कागजात चाहिए। पीएम-विद्यालक्ष्मी में इनकम प्रूफ आदि भी मांगे जा सकते हैं। 10. को-एप्लिकेंट या गारंटर क्यों चाहिए? विद्यार्थी की आमतौर पर अपनी आय नहीं होती। इसलिए माता-पिता या योग्य परिवार के सदस्य को को-एप्लिकेंट/को-बॉरोअर बनाया जाता है। गारंटर की जरूरत राशि, बैंक और योजना पर निर्भर है। पीएम-विद्यालक्ष्मी के पात्र क्यूएचईआई लोन में गारंटर और कोलेटरल नहीं लिया जाता। 11. सीआईबीआईएल स्कोर का क्या असर पड़ता है? बैंक छात्र के साथ को-एप्लिकेंट की क्रेडिट प्रोफाइल भी देख सकता है। खराब सीआईबीआईएल से लोन हमेशा रिजेक्ट नहीं होता, लेकिन ज्यादा सिक्योरिटी, मजबूत को-एप्लिकेंट या कम लोन मांगा जा सकता है। पीएम-विद्यालक्ष्मी में कोलेटरल और गारंटर की छूट है, लेकिन बाकी क्रेडिट जांच रहती है। 12. लोन मंजूर होने में कितना समय लगता है? समय बैंक, दस्तावेज, संस्थान की जांच, कोलेटरल और केस पर है। पीएम-विद्यालक्ष्मी में पूरे आवेदन से सैंक्शन तक 14 दिन की सीमा है। फीस की आखिरी तारीख से पहले आवेदन करें। देरी पर बैंक शाखा/नोडल अधिकारी और जरूरत पर शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल करें। 13. लोन रिजेक्ट होने के मुख्य कारण क्या हैं? संस्थान/कोर्स पात्र न होना, मैनेजमेंट कोटा, अधूरे दस्तावेज, फीस की अस्पष्ट जानकारी, कमजोर एकेडमिक रिकॉर्ड, रीपेमेंट कैपेसिटी या को-एप्लिकेंट की कमजोर प्रोफाइल, कोलेटरल की समस्या, जरूरत से ज्यादा लोन और गलत जानकारी कारण हो सकते हैं। रिजेक्शन पर लिखित कारण मांगकर कमी दूर कर दोबारा आवेदन करें। 14. लोन मंजूर होने के बाद पैसा कैसे मिलता है? पूरी रकम आमतौर पर एक साथ कैश में नहीं मिलती। फीस के शेड्यूल के अनुसार साल या सेमेस्टर के हिसाब से रकम जारी की जाती है। ट्यूशन फीस आमतौर पर सीधे संस्थान को भेजते हैं। सैंक्शन लेटर और डिस्बर्समेंट शेड्यूल जरूर देखें। 15. पढ़ाई के दौरान लोन बढ़ सकता है? हां, फीस या अन्य खर्च बढ़ने पर एन्हांसमेंट/एडिशनल लोन मांग सकते हैं। विदेश में करेंसी बदलने से खर्च बढ़ना भी कारण हो सकता है। बैंक कॉस्ट एस्टिमेट, एकेडमिक प्रोग्रेस, रीपेमेंट कैपेसिटी और सिक्योरिटी फिर जांच सकता है। मंजूरी बैंक की नीति पर है। 16. कम आय वाले परिवारों के लिए क्या मदद है? कम आय या कृषि आय वाले परिवार भी लोन ले सकते हैं। आय से जुड़े दस्तावेज देने होंगे। पीएम-विद्यालक्ष्मी में 8 लाख रु. तक सालाना आय वाले पात्र छात्रों को 10 लाख रु. तक के लोन पर मॉरेटोरियम में ब्याज पर 3% की छूट मिल सकती है। मॉरेटोरियम पीरियड में सामान्य ईएमआई शुरू नहीं होती। यह कोर्स पीरियड और उसके बाद 1 साल तक होता है। यह इंटरेस्ट-फ्री अवधि नहीं है। सब्सिडी न मिलने पर ब्याज जुड़ सकता है। पात्र सीएसआईएस मामलों में सरकार यह ब्याज सब्सिडी के रूप में दे सकती है। 17. ब्याज दर कैसे तय होती है? ब्याज दर बैंक की बेंचमार्क-लिंक्ड रेट, लोन राशि, कोर्स, संस्थान, सिक्योरिटी, रिस्क और क्रेडिट प्रोफाइल पर निर्भर है। सरकारी और निजी बैंकों की दर अलग हो सकती है। फ्लोटिंग रेट में बेंचमार्क बदलने पर ब्याज और ईएमआई बदल सकती है। कुल लोन लागत की तुलना करें। 18. ईएमआई कब शुरू होती है और लोन कितने साल में चुकता होता है? आमतौर पर कोर्स और मॉरेटोरियम खत्म होने के बाद ईएमआई शुरू होती है। रीपेमेंट अवधि बैंक और योजना पर है। पीएम-विद्यालक्ष्मी में मॉरेटोरियम के बाद अधिकतम 15 साल तक रीपेमेंट हो सकता है। नौकरी में देरी पर बैंक अपनी नीति के अनुसार राहत दे सकता है। 19. क्या लोन समय से पहले चुका सकते हैं? हां। आमतौर पर लोन समय से पहले चुका सकते हैं। लागू आरबीआई नियमों के तहत फ्लोटिंग रेट वाले व्यक्तिगत टर्म लोन पर प्रीपेमेंट/फोरक्लोजर पेनल्टी नहीं लग सकती। फिक्स्ड रेट या अन्य मामलों में बैंक की शर्तें देखें। सैंक्शन लेटर और की फैक्ट स्टेटमेंट जरूर जांचें। 20. स्कॉलरशिप मिलने के बाद भी लोन लिया जा सकता है? हां। स्कॉलरशिप से पूरी फीस न भरने पर बाकी फीस और पात्र खर्चों के लिए लोन लिया जा सकता है। लेकिन इंटरेस्ट सब्सिडी के नियम अलग हैं। जैसे सीएसआईएस में दूसरी सरकारी स्कॉलरशिप या फीस रिइम्बर्समेंट लेने पर ब्याज सब्सिडी नहीं मिलती। 21. कोर्स/कॉलेज बदलने या पढ़ाई छोड़ने पर क्या होगा? बैंक को तुरंत बताना जरूरी है। बैंक नए संस्थान, कोर्स, फीस, पहले जारी लोन और रीपेमेंट स्थिति की जांच करेगा। कुछ मामलों में लोन ट्रांसफर, कंटिन्यूएशन या रिवाइज्ड सैंक्शन मिल सकता है। पढ़ाई छोड़ने पर लोन की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती और आगे की डिस्बर्समेंट रुक सकती है। सरकारी सब्सिडी भी प्रभावित हो सकती है। 22. नौकरी न मिलने पर ईएमआई नहीं भर पा रहे हों तो क्या करें? ईएमआई रुकने का इंतजार न करें। तुरंत बैंक से संपर्क करें। बैंक रीपेमेंट शेड्यूल बदलने, टेन्योर बढ़ाने, अस्थायी राहत या रीस्ट्रक्चरिंग पर विचार कर सकता है। यह बैंक की जांच और नियमों पर है। नौकरी न मिलना अपने आप ईएमआई माफी का आधार नहीं है। 23. लंबे समय तक ईएमआई नहीं भरने पर क्या होगा? विद्यार्थी और को-एप्लिकेंट की क्रेडिट हिस्ट्री खराब हो सकती है। लागू नियमों में 90 दिन से ज्यादा मूलधन या ब्याज ओवरड्यू रहने पर टर्म लोन एनपीए हो सकता है। बैंक रिकवरी कार्रवाई कर सकता है और सिक्योर्ड लोन में कोलेटरल पर भी कार्रवाई हो सकती है। आगे लोन या क्रेडिट कार्ड लेने में परेशानी हो सकती है। समस्या आते ही बैंक से संपर्क कर रीस्ट्रक्चरिंग या रीपेमेंट राहत के विकल्प पूछें।

Continue reading on the app

  Sports

AUS vs BAN: बदले की आग में मिचेल स्टार्क ने बरपाया कहर, 12 रन पर बांग्लादेश की आधी टीम आउट

Australia vs Banglades, 2nd Test Match: ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच दूसरे टेस्ट मैच की शुरुआत हो चुकी है. मेकाय में खेले जा इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतने के बाद बांग्लादेश को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया था. कप्तान पैट कमिंस के पहले बॉलिंग के फैसले को सही साबित करते हुए नई गेंद से मिचेल स्टार्क ने ऐसा कहर बराया कि बांग्लादेश ने सिर्फ 12 बनाने में अपने 5 विकेट गंवा दिए. Sat, 22 Aug 2026 06:43:39 +0530

  Videos
See all

Rahul Gandhi : 'कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पैसे की पेशकश' | #shorts #viral #ytshorts #news #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-22T01:08:26+00:00

Cancer Injection Black Market | Rajasthan News: Bikaner की दवाएं, Delhi में Black Marketing! News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-22T01:01:52+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers