जीतू पटवारी ने UCC पर MP सरकार को घेरा, कहा “यह ध्यान भटकाने का हथकंडा”, पांच विषयों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए समान नागरिक संहिता जैसे विषयों को राजनीतिक एजेंडा बना रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, बेरोजगारी, स्वास्थ्य, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे गंभीर स्तर पर पहुंच चुके हैं, लेकिन सरकार इन पर चर्चा से बच रही है।
जीतू पटवारी ने कहा कि यूसीसी पर चर्चा हो सकती है, लेकिन उससे पहले सरकार को यह बताना चाहिए कि क्या प्रदेश के सभी बच्चों को समान शिक्षा मिल रही है और युवाओं के लिए रोजगार की क्या व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूसीसी केंद्र सरकार का विषय है, लेकिन राज्य सरकार इसे इसलिए ला रही है ताकि अपनी विफलताओं और भ्रष्टाचार से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।
किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
जीतू पटवारी ने मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार ने सारी सीमाएं पार कर दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब, रेत, शिक्षा और खनिज माफिया का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और सरकार इन पर कार्रवाई करने के बजाय जनता के वास्तविक मुद्दों से दूरी बना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का कोई भी मंत्री ईमानदारी से काम करने का दावा नहीं कर सकता।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को मध्य प्रदेश के किसानों के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा कि अमेरिका के किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है, जबकि प्रदेश का किसान बढ़ती लागत और कम समर्थन मूल्य से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव के दौरान गेहूं, धान, सोयाबीन और मूंगफली की खरीद को लेकर बड़े वादे किए थे, लेकिन किसानों को घोषित दरों पर फसलों का मूल्य नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार मूंग की खरीद तक ठीक से नहीं कर पाई और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ भी नहीं मिल रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस किसानों के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करेगी। इसी क्रम में 24 जुलाई को हरदा, नर्मदापुरम और नरसिंहपुर में ट्रेड डील और किसान हितों के मुद्दे पर कांग्रेस आंदोलन करेगी, जिसमें वह स्वयं शामिल होंगे।
शिक्षा और युवाओं के भविष्य पर सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और बेरोजगारी युवाओं के लिए सबसे बड़ा संकट बन गई है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं सामने आई हैं। नीट परीक्षा विवाद और पेपर लीक जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कई छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं ली। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधीलगातार छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि वह इंदौर में छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं और युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाएंगे।
पांच श्वेत पत्र जारी करने की मांग
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से प्रदेश की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखने के लिए इन विषयों पर पांच श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
- मध्य प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर।
- कृषि और किसानों की वास्तविक स्थिति पर।
- शिक्षा और रोजगार की स्थिति पर।
- करोड़ों रुपये खर्च कर आयोजित इन्वेस्टर मीट के वास्तविक परिणामों पर।
- प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार और उससे जुड़े मामलों पर।
दतिया उपचुनाव पर भी दिया बयान
जीतू पटवारी ने दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर दावा किया कि कांग्रेस वहां बड़ी जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और जनता अब जवाब चाहती है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज किसान परेशान हैं, महिलाएं असुरक्षित हैं, युवाओं का भविष्य अधर में है और शिक्षा व्यवस्था लगातार गिरती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इन बुनियादी मुद्दों पर जवाब देने के बजाय राजनीतिक विषयों को प्राथमिकता दे रही है।
दमोह: खेत में करंट लगने से किसान की मौत, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बिजली विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
दमोह। तेजगढ़ थाना क्षेत्र के समदई गांव में इस समय गहरा मातम पसरा हुआ है, जिसकी वजह एक होनहार युवा किसान की असमय मृत्यु है। खेत में टूटी 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से 35 वर्षीय युवा किसान धनीराम यादव की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे न केवल उसके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, बल्कि पूरी गांव बस्ती गमजदा है। धनीराम ने अपने जीवनकाल में कई किसानों को उन्नत खेती के गुण सिखाकर उनकी किस्मत बदली थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और वह खुद एक हादसे का शिकार हो गया। इस घटना ने ग्रामीणों में गहरा आक्रोश भर दिया है, जो इस मौत के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, युवा किसान धनीराम यादव अपने खेत में लगी फसल को देखने गए थे। तभी खेत से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन का तार अचानक टूटकर गिरा और धनीराम उसकी चपेट में आ गए। आसपास के खेतों में काम कर रहे दूसरे किसानों ने जब यह देखा तो वे तुरंत मदद के लिए दौड़े और किसी तरह धनीराम को तार से अलग किया। बिना किसी वक्त की बर्बादी के, गंभीर रूप से झुलसे धनीराम को तत्काल दमोह जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश इलाज मिलने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि यह मौत महज एक हादसा नहीं, बल्कि बिजली विभाग की वर्षों पुरानी लापरवाही का सीधा परिणाम है। उनके मुताबिक, गांव से गुजरने वाली बिजली लाइनों के तार आए दिन खेतों में टूटकर गिरते रहते हैं। इससे पहले कई बार फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिसे ग्रामीणों ने किसी तरह सहन कर लिया था, लेकिन अब एक नौजवान की जान चली गई, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ समदई गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों में भी बिजली लाइनों और ट्रांसफार्मरों की हालत बेहद जर्जर है। जिस हालत में ट्रांसफार्मर और तार लगे हुए हैं, उन्हें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण इलाकों के लोग हर दिन किस तरह खतरों से खेलते हैं। यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, और धनीराम की मौत इसी लापरवाही का नतीजा है।
किसान की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा
इस युवा किसान की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में बिजली विभाग के अधिकारी अपनी लापरवाही मानने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं। बिजली विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता एम.एल. साहू का चौंकाने वाला दावा है कि कोई तार नहीं टूटा था, बल्कि मृतक धनीराम यादव ट्रांसफार्मर के पास से अपना बिजली कनेक्शन ठीक कर रहे थे और इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए। अधिकारी अब यह चेतावनी भी दे रहे हैं कि लोग खुद से सुधार कार्य न करें, अन्यथा वे भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। एक तरफ जहां ग्रामीण विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, वहीं विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता नजर आ रहा है।
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल, पुलिस ने किसान के शव का पोस्टमार्टम कराया है और तेजगढ़ थाना प्रभारी अरविंद सिंह के नेतृत्व में मामले की जांच में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वास्तव में हादसा किस वजह से हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग की लचर व्यवस्था और उससे होने वाले जानलेवा हादसों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




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