दिल्ली में संसद की ओर मार्च कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारियों पर भारी कार्रवाई के बाद, आधी रात के बाद भी जंतर-मंतर पर काफी भीड़ जमा थी और लोग केंद्र सरकार व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारे लगा रहे थे। मंगलवार को भी राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही, क्योंकि यह विरोध प्रदर्शन अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका था। पुलिस के अनुसार, 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसा में 170 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी दोनों शामिल थे।
CJP का क्या रुख है?
सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दिपके ने घोषणा की कि वे दोबारा मार्च नहीं करेंगे क्योंकि ऐसा करने पर पुलिस फिर से युवाओं को चोट पहुंचाएगी। हालांकि, आंदोलन जारी रखने का भरोसा दिलाते हुए उन्होंने लिखा 20 से ज़्यादा छात्रों की मौत के लिए ज़िम्मेदार धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए सरकार और भी कई युवा छात्रों का खून बहाने को तैयार थी... हम आप सभी के लिए लड़ते रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफ़े की अपनी मांग को दोहराते हुए, CJP ने कहा है कि सरकार ने खुद को पूरी तरह से "शर्मिंदा" किया है। "अगर वे चाहते, तो इस्तीफ़ा बहुत पहले ही हो गया होता, लेकिन बीजेपी के सभी लोग अहंकार में हैं।
पुलिस की तरफ से क्या ताज़ा जानकारी है?
दिल्ली पुलिस ने पांच FIR दर्ज की हैं और इस बात की जांच शुरू कर दी है कि क्या यह हिंसा शहर में शांति भंग करने की किसी बड़ी साज़िश का हिस्सा थी। अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ संसद मार्ग, बाराखंभा और कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशनों में दंगा करने, सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने से जुड़ी धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई हैं। सूत्रों ने बताया कि जांच टीम हिंसा और पुलिसकर्मियों पर हमलों में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए CCTV फुटेज की जांच कर रही है, जिसमें फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी वाले कैमरों की फुटेज भी शामिल है। सूत्र ने कहा कि हम जांच के हिस्से के तौर पर सोशल मीडिया पोस्ट और मोबाइल फ़ोन रिकॉर्डिंग की भी समीक्षा कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया और 15 से 20 सरकारी गाड़ियों व अन्य सरकारी संपत्ति में तोड़-फोड़ की। लगभग 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
CJP के साथ बातचीत पर नड्डा का क्या कहना है?
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को कहा कि CJP के साथ बातचीत ठीक रही। एनडीए संसदीय दल की बैठक के लिए पहुँचते हुए नड्डा ने सोमवार की बैठक के बारे में अपना जवाब छोटा रखते हुए कहा, यह ठीक था, यह हमेशा ठीक ही रहता है। सोमवार को जब प्रदर्शनकारी NEET-UG 2026 पेपर लीक के आरोपों को लेकर प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करते हुए संसद की ओर बढ़ रहे थे, तब नड्डा ने अपने आवास पर CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास से मुलाकात की। इससे पहले दिन में उन्होंने कहा कि बातचीत का प्रस्ताव पहली बार सोमवार सुबह प्रदर्शनकारियों की ओर से आया था। उन्होंने X पर पोस्ट किया, "आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया और हमारी चर्चा सुबह 11:50 बजे से चल रही है। बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ शुरुआती मौखिक चर्चा विस्तार से हुई और उन्होंने शाम करीब 4 बजे मुझे एक लिखित याचिका सौंपी। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अपना धरना समाप्त करने और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की सहायता करने का अनुरोध किया है।
क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान धर्मेंद्र प्रधान की कल मुलाकात हुई और शायद यूजीसी के बाद और दूसरे विवादों के बाद एक चर्चा चली थी कि धर्मेंद्र प्रधान के साथ कुछ पार्टी कर सकती है। लेकिन जिस तरह से ये प्रोटेस्ट हुआ पार्टी के अंदर यह मंथन हो रहा है कि अगर अभी धर्मेंद्र प्रधान को हटाया तो बाद में एक पेंडोरास बॉक्स खुल जाएगा। इस देश में किसानों को समस्याएं होगी। एग्रीकल्चर मिनिस्टर का इस्तीफा मांगेंगे। इसी तरह आके कल को रोड में गड्ढे होंगे तो रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर का इस्तीफा मांगे। मतलब इसका कोई अंत नहीं है। और जरूरी नहीं कि वो समस्या बड़ी हो। किसी भी समस्या के लिए कोई भी 500 आदमी आ जाए तो कहा कि इस्तीफा दो और नहीं तो हम संसद तोड़ेंगे। तो अभी बहुत खराब मैसेज आएगा।
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