ध्रुव जुरेल का कैच नहीं देखा तो क्या देखा...,गॉल टेस्ट में पकड़ा ऐसा अविश्वसनीय Catch कि सभी हुए हैरान, वीडियो वायरल
IND vs SL: भारतीय टीम ने स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने गॉल टेस्ट के चौथे दिन श्रीलंका के स्टार ओपनर लाहिरू उदारा का एक ऐसा अविश्वसनीय कैच पकड़ा, जिसे देख किसी को भी यकीन नहीं हुआ. उन्होंने नीचे की ओर जाती हुए गेंद का एक अद्भुत कैच पकड़कर सभी को हैरान कर दिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बता दें कि टीम इंडिया ने श्रीलंका को जीत के लिए 372 रनों का लक्ष्य दिया है, जिसके जवाब में चौथे दिन के तीसरे सेशन में श्रीलंका की टीम ने सिर्फ 47 रन के स्कोर पर अपना चौथा विकेट गंवा दिया है. इस तरह गॉल टेस्ट में टीम इंडिया ने अपनी मजबूत पकड़ बना लिया है.
ध्रुव जुरेल ने पकड़ा अविश्वसनीय कैच
श्रीलंका के 3 विकेट जल्दी गिरने के बाद एक बार फिर कप्तान शुभमन गिल ने युवा स्पिनर मानव सुथार को गेंद सौंपी. मानव इससे पहले 8वें ओवर में पासिंदु सूरियाबंदारा को जीरो पर आउट कर चुके थे. मानव सुथार ने ऑफ-स्टंप की लाइन पर चतुराई भरी गेंद फेंकी, जिस पर लाहिरू उदारा ने शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन गेंद उदारा के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर बहुत तेजी से नीचे की ओर गई.
ध्रुव जुरेल को कैच पकड़ने के लिए बल्लेबाज के ठीक आगे फील्डिंग पर लगाया गया था. वह हेलमेट पहनकर फील्डिंग कर रहे थे. गेंद को नीचे जाते देख ध्रुव जुरेल ने गजब के रिफ्लेक्स दिखाए. उन्होंने नीचे की तरफ तेजी से डाइव लगाई और जमीन से कुछ ही सेंटीमीटर ऊपर गेंद को अपनी उंगलियों के सहारे पकड़ लिया. कैच इतना क्लोज था कि बल्लेबाज लाहिरू को लगा कि बॉल जमीन पर लग गई है. फील्ड अंपायर्स ने मामले को थर्ड अंपायर के पास भेजा. रिप्ले में साफ दिखा कि जुरेल की उंगलियां गेंद के बिल्कुल नीचे थीं, जिसके बाद अंपायर ने उदारा को आउट करार दिया.
Wicket number 2⃣ for Manav Suthar!
— BCCI (@BCCI) August 18, 2026
A sharp catch by Dhruv Jurel at gully ????????
Sri Lanka lose their 4th wicket
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पीएम मोदी 'सेमीकॉन इंडिया' के पांचवें सत्र का 17 सितंबर को करेंगे उद्घाटन
नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी में सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। इससे देश के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। यह जानकारी मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में दी गई।
मंत्रालय ने बताया कि सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम थीम वाली तीन दिन की कॉन्फ्रेंस और प्रदर्शनी 17 से 19 सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी। इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) और ग्लोबल इंडस्ट्री एसोसिएशन एसईएमआई मिलकर आयोजित कर रहे हैं।
इस कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, ग्लोबल सेमीकंडक्टर कंपनियों, इंडस्ट्री के अधिकारियों, रिसर्चर्स, एकेडेमिक्स, स्टार्ट-अप्स और स्टूडेंट्स के एक साथ आने की उम्मीद है, ताकि सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में हो रहे विकास पर चर्चा की जा सके।
इसके अलावा, केंद्र सरकार ने हाल ही में देश की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई-चेन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी दी है।
सरकार ने कहा है कि वह 332 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों और 105 स्टार्ट-अप्स को एडवांस्ड डिजाइन टूल्स उपलब्ध कराकर सेमीकंडक्टर रिसर्च, इनोवेशन और डिजाइन में भी मदद कर रही है।
इसके अलावा, डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) स्कीम के तहत 24 स्टार्ट-अप्स को मंजूरी दी गई है।
मंत्रालय के अनुसार, सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के तहत भारत के सेमीकंडक्टर से जुड़े लक्ष्यों को तेजी मिली है। इसके तहत घरेलू सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने में मदद के लिए सेमीकॉन 1.0 के अंतर्गत 12 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि 2026 का एडिशन भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा के एक अहम पड़ाव पर हो रहा है। उन्होंने बताया कि सेमीकॉन 1.0 के तहत मंजूर किए गए 12 प्रोजेक्ट्स में से तीन में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा, छह मुख्य स्तंभों के साथ सेमीकॉन 2.0 की घोषणा, एक मजबूत और टिकाऊ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने के भारत के संकल्प को और मजबूत करती है।
एसईएमआई के अध्यक्ष और सीईओ अजीत मनोचा ने कहा कि भारत अपने टैलेंट पूल, पॉलिसी सपोर्ट और लंबे समय के विजन के जरिए ग्लोबल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में अपनी भूमिका बढ़ाने के लिए अच्छी स्थिति में है।
एसईएमआई इंडिया और आईईएसए के अध्यक्ष अशोक चंडक ने कहा कि यह इवेंट एक व्यापक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन बनाने की भारत की कोशिशों को दिखाता है और इंडस्ट्री लीडर्स, पॉलिसी बनाने वालों, इन्वेस्टर्स और रिसर्चर्स के बीच सहयोग के लिए एक अहम मंच बन गया है।
इसके अलावा, इस प्रदर्शनी में 500 से ज्यादा प्रदर्शक के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें 240 से ज्यादा इंटरनेशनल कंपनियां और 40 से ज्यादा देशों के डेलिगेशन शामिल होंगे।
मंत्रालय के अनुसार, इस इवेंट में छह देशों के पवेलियन, 10 राज्य सरकारों के पवेलियन, एक स्टार्ट-अप पवेलियन, इनोवेशन शोकेस, स्टार्ट-अप पिच कॉम्पिटिशन, स्टूडेंट हैकाथॉन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन भी शामिल होंगे।
--आईएएनएस
एबीएस
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