गाज़ियाबाद की MP-MLA कोर्ट में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ एक केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का अनादर किया। इस मामले की सुनवाई मंगलवार दोपहर को होनी है। शिकायत दर्ज कराने वाले हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता का आरोप है कि 15 अगस्त को नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में राष्ट्रगीत गाए जाने के दौरान गांधी ने जानबूझकर दखल दिया। शिकायत में 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' (जिसमें 2026 में संशोधन किया गया था) की धारा 3 और 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' के संबंधित प्रावधानों के तहत आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के बीच मौजूद गांधी ने 'वंदे मातरम' गाए जाने के समय इशारे किए और दखल दिया, साथ ही कथित तौर पर उसे रोकने का निर्देश भी दिया। इसमें कहा गया है कि यह घटना वीडियो फुटेज में कैद हो गई थी और कथित दखल की प्रकृति और असर का पता लगाने के लिए पूरी ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग की न्यायिक जांच की मांग की गई है।
ANI से बात करते हुए गुप्ता ने कहा, "आज हमने गाजियाबाद की MP-MLA कोर्ट में सोनिया गांधी के खिलाफ राष्ट्रीय सम्मान, हमारी राष्ट्रीय भावनाओं और हमारे राष्ट्रीय गीत का अपमान करने के लिए एक याचिका दायर की है।
शिकायत में कहा गया है कि आरोप सिर्फ़ गांधी के गाना न गाने पर नहीं, बल्कि गाना गाए जाने के दौरान कथित तौर पर जान-बूझकर दखल देने पर आधारित है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के 1986 के 'बिजो इमैनुएल और अन्य बनाम केरल राज्य और अन्य' मामले के फैसले का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रगान गाते समय सम्मानपूर्वक शामिल न होना, अपने आप में जान-बूझकर उसे गाने से रोकने या गा रही सभा में बाधा डालने के बराबर नहीं है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि 15 अगस्त के कार्यक्रम के दौरान किया गया व्यवहार जान-बूझकर किया गया था और कहा कि वीडियो फुटेज से इस कथित इरादे का पता चल जाएगा।
उन्होंने कहा जैसा कि आपने कुछ दिन पहले 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान देखा होगा, जब 'वंदे मातरम' गाया जा रहा था, तो सोनिया गांधी ने पहले से तय रणनीति के तहत बाधा डालने की कोशिश की। शिकायत में 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम' की धारा 3 में 2026 के संशोधन का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि यह राष्ट्रीय गीत को कानूनी सुरक्षा देता है और इसे जान-बूझकर गाने से रोकने या ऐसे गीत गा रही सभा में बाधा डालने को दंडनीय बनाता है। गुप्ता ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कोर्ट मंगलवार दोपहर इस मामले की सुनवाई करेगा और गांधी को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया जाएगा और वह या तो उसका जवाब देंगी या खुद पेश होंगी।
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पकौड़े खाना आखिर किसको अच्छा नहीं लगता। अक्सर लोग मेहमानों के आने पर या फिर शाम की चाय के साथ गरमा-गरम पकौड़े खाना काफी पसंद करते हैं। पकौड़े खाने में तो बेहद ही टेस्टी लगते हैं, लेकिन इनके साथ एक समस्या यह होती है कि वे बहुत अधिक ऑयली बन जाते हैं।
अमूमन यह माना जाता है कि तेल पर्याप्त गर्म ना होने या फिर बहुत ज्यादा तेल कड़ाही में होने की वजह से ऐसा हुआ। लेकिन हर बार ऐसा ही हो, यह जरूरी नहीं है। आपको शायद जानकर हैरानी हो, लेकिन पकौड़े कितना तेल सोखेंगे, इसमें बैटर का टेक्सचर और उसमें की गई छोटी-सी गलती भी बड़ी भूमिका निभाती है। जो चलिए जानते हैं ऐसी कौन-सी बैटर गलतियां हैं, जिनकी वजह से पकौड़े कुरकुरे होने के बजाय हैवी और ऑयली हो जाते हैं-
बहुत पतला बैटर होना
पकौड़े के बैटर को लेकर की जाने वाली यह सबसे आम गलती है। जब बेसन में जरूरत से ज्यादा पानी डाल दिया जाता है, तो बैटर सब्जी की सतह पर एक मजबूत परत बनाने के बजाय पतली कोटिंग करता है। ऐसे में तलते समय यह कोटिंग जल्दी सिकुड़ सकती है और उसकी संरचना में छोटे-छोटे खाली स्थान बन सकते हैं। यही जगह बाद में तेल को पकड़ने लगती है। बैटर हमेशा इतना गाढ़ा हो कि सब्जी को डुबोने पर उसके चारों तरफ एक समान परत चढ़े, लेकिन इतना भी गाढ़ा न हो कि बेसन की मोटी, आटे जैसी परत बन जाए।
बैटर को बहुत ज्यादा गाढ़ा कर देना
कुछ लोग पतले बैटर से परेशान होकर उसमें बार-बार बेसन डालते जाते हैं और यह गलती भी तेल सोखती जाती है। दरअसल, ऐसा करने से बैटर इतना भारी हो जाता है कि पकौड़े की बाहरी परत मोटी बनने लगती है। मोटी परत के अंदर मौजूद नमी को बाहर निकलने में ज्यादा समय लगता है। अगर पकौड़ा सही तरीके से नहीं पकता, तो बाहर से तैयार दिखने के बावजूद अंदर नमी रह सकती है।
बैटर में नमक बहुत पहले डाल देना
यह एक छोटी-सी गलती नजर आती है, लेकिन सब्जी वाले पकौड़ों में इससे बड़ा फर्क पड़ सकता है। दरअसल, नमक सब्जियों से पानी बाहर खींचता है। अगर प्याज या दूसरी नमीयुक्त सब्जियों को नमक डालकर काफी देर तक छोड़ दिया जाए, तो वे अतिरिक्त पानी छोड़ सकती हैं और आपका बैटर धीरे-धीरे पतला हो सकता है। इसलिए, आप यह तरीका आजमाएं। बेसन की मात्रा शुरुआत में जरूरत से बहुत ज्यादा न रखें, बल्कि प्याज के नमी छोड़ने के बाद बैटर की वास्तविक कंसिस्टेंसी देखकर जरूरत के अनुसार बेसन एडजस्ट करें।
- मिताली जैन
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