ढाका में अमेरिकी दूतावास ने शनिवार को बताया कि अमेरिकी सेना और बांग्लादेश सशस्त्र बल रविवार को सालाना 'टाइगर लाइटनिंग' अभ्यास की आधिकारिक शुरुआत करेंगे। दूतावास ने कहा कि इस द्विपक्षीय अभ्यास में दोनों देशों के 160 से ज़्यादा सैनिक शामिल होंगे, जिससे सहयोग बढ़ेगा और वास्तविक स्थितियों में काम करने की क्षमता बेहतर होगी। बयान में कहा गया है कि 'टाइगर लाइटनिंग 26' में जंगल में ऑपरेशन, आतंकवाद-रोधी कार्रवाई और युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की देखभाल (टैक्टिकल कॉम्बैट कैजुअल्टी केयर) से जुड़ी ट्रेनिंग शामिल है, जिससे दोनों देशों को एक-दूसरे की क्षमताओं को समझने का मौका मिलेगा। इसमें कहा गया है कि यह द्विपक्षीय अभ्यास यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी पैसिफिक के 'थिएटर आर्मी कैंपेन प्लान' और सुरक्षा सहयोग के लक्ष्यों का हिस्सा है। इसका मकसद पेशेवर रिश्ते मजबूत करना, सैन्य अभियानों में सुधार करना, तैयारी बढ़ाना और अमेरिकी सेना व बांग्लादेश सेना के बीच आपसी तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) को बढ़ावा देना है।
अमेरिकी दूतावास ने बताया कि 'टाइगर लाइटनिंग' अमेरिकी सेना और बांग्लादेश सशस्त्र बलों के बीच एक द्विपक्षीय अभ्यास है, जिसकी शुरुआत 2017 में हुई थी।
महामारी के दौरान इसे कुछ समय के लिए रोक दिया गया था, लेकिन पिछले पांच वर्षों से यह लगातार चल रहा है। यह अभ्यास क्लासरूम और फील्ड, दोनों तरह के माहौल में होगा और इसका समापन फील्ड ट्रेनिंग अभ्यास के साथ होगा। पिछले साल, बांग्लादेश सेना और यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी पैसिफिक कमांड (USARPAC) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित सैन्य अभ्यास 'टाइगर लाइटनिंग (TL)-2025' का उद्घाटन समारोह 25 जुलाई को सिलहट के जलालबाद छावनी स्थित पैरा कमांडो ब्रिगेड में हुआ था। बांग्लादेश रक्षा मंत्रालय के ISPR निदेशालय के अनुसार, इस कार्यक्रम में USARPAC के डिप्टी कमांडिंग जनरल, मेजर जनरल एस्कॉट ए. विंटर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस अभ्यास की देखरेख संयुक्त रूप से बांग्लादेश सेना की पैरा कमांडो ब्रिगेड और यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी पैसिफिक कमांड के तहत नेवादा नेशनल गार्ड कर रहे हैं।
छह दिनों तक चलने वाला यह अभ्यास 30 जुलाई 2025 तक जारी रहा।
बांग्लादेश और अमेरिका क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी प्रयासों, आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता के मामलों में आपसी सहयोग बनाए रखते हैं। बांग्लादेश प्राकृतिक आपदाओं और वैश्विक खतरों का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध है और अमेरिका तथा अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखे हुए है।
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