Bhopal Women Drug Peddlers : राजधानी में नशे के कारोबार में महिलाओं की एंट्री! पुलिस के खुलासे ने खोले ऐसे राज, हर कोई रह गया हैरान
भोपाल में नशे के कारोबार का नया चेहरा सामने आया है। 2021 से 2026 के बीच क्राइम ब्रांच ने 54 महिला तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मुंबई से बिहार तक फैले नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच जारी है। हाल ही में एक नाबालिग समेत तीन महिला तस्करों को भी पकड़ा गया है।Digital Bihar की शुरुआत, AI से होंगे सरकारी काम; मुख्यमंत्री की मौजूदगी में बड़ा समझौता
Bihar News: बिहार में सरकारी सेवाओं को तेज, पारदर्शी और नागरिकों के लिए अधिक आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. अब बिहार के सरकारी दफ्तरों में फाइलों का काम और आम जनता से जुड़ी योजनाओं की प्रक्रिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के जरिए संचालित की जाएगी. राज्य सरकार ने इस आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए दो प्रमुख भारतीय टेक कंपनियों के साथ एक बड़ा समझौता किया है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य बिहार की स्थानीय जरूरतों के अनुसार स्वदेशी AI मॉडल तैयार करना है, जिससे सरकारी कामकाज को तकनीक के दम पर मजबूत बनाया जा सके. इसके साथ ही राज्य में AI आधारित शोध, नए स्टार्टअप और युवाओं के स्किल डेवलपमेंट को भी एक नई दिशा मिलेगी.
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुआ बड़ा समझौता
इस ऐतिहासिक शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' कक्ष में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. मुख्यमंत्री की गरिमामयी मौजूदगी में सूचना प्रावैधिकी विभाग, सरवम डॉट AI (एक्सोनवाइज प्राइवेट लिमिटेड) और भारत GPT (कोरोवर प्राइवेट लिमिटेड) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए. इस कार्यक्रम के दौरान विभाग और दोनों कंपनियों के आला अधिकारियों ने एक-दूसरे के साथ समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया. सरकार का मानना है कि इस कदम से बिहार में डिजिटल गवर्नेंस के एक नए युग की शुरुआत होगी.
हर नागरिक और अधिकारी तक पहुंचेगी AI की सुविधा
इस समझौते के लागू होने के बाद राज्य के आम नागरिकों और सरकारी अधिकारियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक तक पहुंच बहुत आसान हो जाएगी. सरकार इसके लिए एक बेहद मजबूत और आधुनिक तकनीकी ढांचा तैयार करने जा रही है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बिहार के सभी सरकारी विभागों को भारत में ही विकसित किए गए AI मॉडल और एडवांस एप्लिकेशन का सीधा लाभ मिल सकेगा. इससे दफ्तरों में होने वाले काम की गति कई गुना बढ़ जाएगी और लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
स्थानीय भाषाओं और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
इस नई तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह सिर्फ अंग्रेजी या हिंदी तक सीमित नहीं रहेगी. समझौते के तहत बिहार के स्वीकृत शोधकर्ताओं को भारतीय भाषाओं के साथ-साथ बिहार की स्थानीय बोलियों में भी AI आधारित रिसर्च करने की पूरी सुविधा दी जाएगी. इसका मतलब है कि बिहार की स्थानीय समस्याओं का समाधान वहां की स्थानीय भाषाओं में ही खोजा जाएगा. सरकार की योजना बिहार को AI आधारित सुशासन के एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में विकसित करने की है, जिससे पूरे देश को एक नई राह दिखाई जा सके.
सरकारी कर्मचारियों को दी जाएगी खास ट्रेनिंग
इस पूरी व्यवस्था को जमीन पर उतारने के लिए राज्य सरकार बड़े स्तर पर काम करने जा रही है. सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से AI प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि वे इस नई तकनीक का सही तरीके से इस्तेमाल करना सीख सकें. इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर AI से जुड़ा एक मजबूत पार्टनर इकोसिस्टम बनाया जाएगा, जिससे लंबे समय तक राज्य में इस तकनीक का विकास होता रहे. बिहार के युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने के लिए AI आधारित स्टार्टअप को भी सरकार की तरफ से पूरा सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाएगा.
डिजिटल बिहार की दिशा में मील का पत्थर
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह पहल डिजिटल बिहार और विकसित बिहार के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने साफ किया कि बिहार की जमीनी जरूरतों को ध्यान में रखकर ही स्वदेशी AI मॉडल तैयार किए जाएंगे. इन आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज, सरल और जनता के अनुकूल बनाया जा सकेगा. इसके साथ ही राज्य में बड़े पैमाने पर युवाओं का स्किल डेवलपमेंट होगा, जिससे उन्हें भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा सके.
इस विशेष कार्यक्रम में राज्य के उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा सहित मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत भी मौजूद रहे. इनके अलावा सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, विशेष सचिव अरविंद कुमार चौधरी, भारत GPT के वाइस प्रेसिडेंट शशांक शेखर ठाकुर और सरवम डॉट AI के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर राज चौहान समेत शासन और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी इस बड़े फैसले के गवाह बने.
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