न मेन्यू बदला, न रेसिपी... 1953 से आज तक इसी हलीम के दीवाने हैं लोग, जामा मस्जिद के पास ये छोटी दुकान क्यों खास?
जामा मस्जिद की गलियों में 70 साल पुरानी हलीम की दुकान आज भी दादा की रेसिपी और पारंपरिक स्वाद को कायम रखे हुए है. सुबह 4 बजे से शुरू होने वाली तैयारी के बाद यहां रोजाना ताजा हलीम तैयार होता है, जिसकी एक प्लेट महज 50 रुपये में मिलती है.
बारिश आते ही लगती है लंबी लाइन, 65 साल पुराने फिरोजाबाद के मंगौड़े का आखिर क्या है राज? जानिए आसान रेसिपी
बारिश की बूंदों के साथ अगर गरमा-गरम और कुरकुरे दाल के मंगौड़े मिल जाएं, तो मौसम का मजा दोगुना हो जाता है. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में दाल के मंगौड़े का ऐसा ही खास स्वाद लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है. घंटाघर के पास करीब 65 साल से एक परिवार इस पारंपरिक स्नैक को तैयार कर रहा है. छिलके वाली मूंग दाल को भिगोकर पीसा जाता है, फिर इसमें घर पर तैयार किए गए मसाले मिलाकर सरसों के तेल में मंगौड़े तले जाते हैं. यही पारंपरिक स्वाद आज फिरोजाबाद के साथ आसपास के शहरों के लोगों को भी अपनी ओर खींच रहा है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18







