Ashokdham Stampede: अशोकधाम भगदड़ में 7 मौतों का जिम्मेदार कौन? सिस्टम या सरकार?
Ashokdham Stampede: बिहार के लखीसराय जिले में स्थित ऐतिहासिक और प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर के पास सावन महीने की सोमवारी पर एक बड़ा हादसा सामने आया. मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी. इसी दौरान अचानक मची भगदड़ में सात श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हो गए. इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया, लेकिन तब तक कई परिवार उजड़ चुके थे. इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है और टीवी डिबेट से लेकर सड़क तक प्रशासनिक विफलता पर तीखी बहस शुरू हो गई है.
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा
स्थानीय प्रशासन और जिला अधिकारी के अनुसार, अशोकधाम हॉल्ट के पास श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी हुई थी. कतार इतनी लंबी थी कि वह रेलवे स्टेशन के पास तक पहुंच चुकी थी. इसी दौरान वहां दो ट्रेनों का ठहराव भी हुआ, जिससे स्टेशन पर यात्रियों और श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ गई. तभी रेलवे स्टेशन के सामने एक बिजली का पोल या केबल तार गिर गया. तार गिरते ही भीड़ में अचानक यह अफवाह फैल गई कि बिजली का करंट आ गया है या आकाशीय बिजली गिर गई है. पुरुषों की कतार के पास हुए इस शोर से लोग तेजी से दूसरी तरफ भागे. इसका सीधा दबाव महिलाओं की कतार पर पड़ा. कतार के बगल में खेत और गड्ढा होने के कारण महिलाएं एक दूसरे के ऊपर गिरती चली गईं और देखते ही देखते बड़ा हादसा हो गया.
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Bihar Student Protest: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों को लेकर छात्रों का आक्रोश अब सड़क पर उतरने वाला है. दिल्ली और रांची में छात्र आंदोलनों के बाद अब पटना में अभ्यर्थियों ने मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है. बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष और छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जा रहा है. आंदोलन को 'छात्र न्याय सत्याग्रह' नाम दिया गया है.
अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है. सबसे बड़ा मुद्दा BPSC TRE-4 के नोटिफिकेशन का है. अभ्यर्थी लगातार भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे हैं.
TRE-4 नोटिफिकेशन में देरी पर सरकार से सवाल
छात्र नेता दिलीप कुमार का आरोप है कि BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी करने को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग की तरफ से लगातार आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक विज्ञापन सामने नहीं आया. यही देरी अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी की बड़ी वजह बन गई है.
छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी का सीधा असर उन युवाओं पर पड़ रहा है, जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं. ऐसे में अब वे आश्वासन नहीं, बल्कि भर्ती की स्पष्ट समयसीमा और नोटिफिकेशन चाहते हैं.
परीक्षा पैटर्न में बदलाव भी बना विवाद
BPSC TRE-4 के परीक्षा पैटर्न को लेकर भी अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए हैं. छात्रों का कहना है कि पहले केवल प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ती थी, जबकि अब मुख्य परीक्षा को भी शामिल किया जा रहा है.
दिलीप कुमार का कहना है कि अगर परीक्षा पैटर्न बदलना है तो इसे TRE-4 से लागू करने के बजाय TRE-5 से लागू किया जाना चाहिए, ताकि जिन अभ्यर्थियों ने पुराने पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयारी की है, उन्हें अचानक बदलाव का सामना न करना पड़े.
कई मांगों को लेकर एक साथ आंदोलन
अभ्यर्थियों की मांग सिर्फ TRE-4 तक सीमित नहीं है. उनकी प्रमुख मांगों में BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करना, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे की मांग, BSSC परीक्षा की तारीख घोषित करना, लाइब्रेरियन बहाली, BET और दारोगा-सिपाही भर्ती समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है. छात्र नेताओं ने साफ किया है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
लालू और तेजस्वी भी छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे
इस आंदोलन के बीच आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद ने भी छात्रों से 19 अगस्त को पटना में एकजुट होने की अपील की है. उन्होंने पेपरलीक, शिक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा है.
समस्त छात्र-युवा शक्ति पेपरलीक, बदहाल शिक्षा प्रणाली, पक्षपातपूर्ण बहाली प्रक्रिया और बेरोजगारी से त्रस्त है।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) August 18, 2026
लूट तंत्र से बनी दंभी सरकार उनकी लोकतांत्रिक मांगों को सुनने की बजाय AK-47 से गोलियां बरसाती है, यह अन्यायपूर्ण है। इस तानाशाही के विरुद्ध सभी 19 अगस्त को पटना में…
वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी 19 अगस्त को पटना में मार्च निकालने का ऐलान किया है. उनके मुताबिक पार्टी मुख्यालय से लोकभवन तक मार्च निकाला जाएगा, जिसमें आरजेडी के सांसद, विधायक, विधान पार्षद और कार्यकर्ता शामिल होंगे.
अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती
पटना में छात्रों का आंदोलन ऐसे समय शुरू हो रहा है जब भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार के सामने लगातार सवाल उठ रहे हैं. अभ्यर्थियों की मांगें अब केवल आश्वासन तक सीमित नहीं हैं. वे नोटिफिकेशन, परीक्षा तारीख और भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट फैसला चाहते हैं.
ऐसे में गर्दनीबाग से शुरू होने वाला 'छात्र न्याय सत्याग्रह' सम्राट सरकार के लिए एक अहम राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौती बन सकता है. अब देखना होगा कि सरकार छात्रों की मांगों पर बातचीत करती है या आंदोलन आगे बढ़ने के बाद कोई बड़ा फैसला लिया जाता है.
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