बिहार में सम्राट सरकार के 25 बड़े फैसले: राजगीर और रोहतास में बनेंगे नए एयरपोर्ट, गाड़ियों पर बढ़ा टैक्स
Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 25 बड़े प्रस्तावों पर सहमति बनी है. इन फैसलों का सीधा असर राज्य की पंचायत व्यवस्था, राजस्व संग्रह और हवाई संपर्क पर पड़ने वाला है. सरकार का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्वशासन को आत्मनिर्भर बनाना और राज्य के पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है. इन दूरगामी निर्णयों से बिहार के आर्थिक और प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे.
राजगीर और रोहतास में बनेंगे शानदार हवाई अड्डे
इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और आकर्षक फैसला राज्य के पर्यटन और हवाई संपर्क को बढ़ावा देना है. सरकार ने राजगीर और रोहतास-कैमूर क्षेत्र में दो नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के निर्माण के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है. इसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और बिहार सरकार के बीच एक आपसी समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी गई है. इस समझौते के बाद दोनों ही जगहों पर हवाई अड्डे के निर्माण की तकनीकी और भौगोलिक संभावनाओं का अध्ययन शुरू किया जाएगा. राजगीर जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थल पर एयरपोर्ट बनने से विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी, जबकि रोहतास और कैमूर के पहाड़ी इलाकों में विकास के नए रास्ते खुलेंगे.
पंचायतों को मिला नया रूप और अधिकार
स्थानीय प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों के नए परिसीमन को मंजूरी दी है. यह पूरा परिसीमन वर्ष 2011 की जनसंख्या के आंकड़ों को आधार मानकर किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इस कदम से सभी क्षेत्रों को जनसंख्या के हिसाब से सही और संतुलित प्रतिनिधित्व मिल सकेगा. इसके साथ ही प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और गांवों के विकास के लिए योजनाएं बनाना बेहद आसान हो जाएगा. भौगोलिक और सामाजिक एकता को ध्यान में रखकर इस प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा.
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गांवों की बढ़ेगी आय, खुद वसूलेंगे टैक्स
बिहार की पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कैबिनेट ने ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है. इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब ग्राम पंचायतों को अपने अधिकार क्षेत्र में होल्डिंग कर वसूलने की शक्ति मिल जाएगी. इसके अलावा गांवों में चलने वाले पेशा, व्यापार और उद्योगों से भी तय नियम के अनुसार शुल्क लिया जा सकेगा. पंचायतें अपनी दी जाने वाली सेवाओं के बदले भी आम लोगों से शुल्क ले सकेंगी. हालांकि, सरकार इन करों की एक अधिकतम सीमा तय करेगी ताकि आम जनता पर बोझ न पड़े. इससे पंचायतों की सरकारी अनुदान पर निर्भरता कम होगी.
गाड़ियों पर सफर करना होगा थोड़ा महंगा
राज्य सरकार ने अपने राजस्व को बढ़ाने के लिए बिहार मोटरवाहन करारोपण अधिनियम, 1994 में महत्वपूर्ण संशोधन करने का निर्णय लिया है. इस फैसले के तहत अब दोपहिया वाहनों की खरीद पर दिए जाने वाले एकमुश्त मोटर वाहन कर में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है. इसके साथ ही तिपहिया वाहनों पर भी एक हजार रुपये का अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा. कमर्शियल यानी व्यावसायिक वाहनों के व्यापार कर में चार गुना तक की बड़ी वृद्धि करने का फैसला लिया गया है. सरकार का तर्क है कि पिछले लंबे समय से इन टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था, इसलिए राजस्व बढ़ाने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था.
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क्या वनडे वर्ल्ड कप 2027 में तीन बार आमने-सामने होंगे भारत-पाकिस्तान? ICC के नए फॉर्मेट ने बढ़ाई हलचल
आईसीसी (ICC) की वार्षिक बैठक के बाद वनडे वर्ल्ड कप 2027 के फॉर्मेट में बदलाव की जानकारी सामने आई है। दरअसल इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई कि नए सिस्टम से भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ज्यादा मुकाबले देखने को मिल सकते हैं। वहीं क्रिकेट फैंस के बीच इस बदलाव को लेकर काफी उत्साह है क्योंकि भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं।
हालांकि यह साफ करना जरूरी है कि आईसीसी ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि फॉर्मेट में बदलाव सिर्फ भारत-पाकिस्तान मुकाबले बढ़ाने के लिए किया गया है। लेकिन नए फॉर्मेट में ऐसा गणित जरूर बनता है कि दोनों टीमें नॉकआउट से पहले दो बार भिड़ सकती हैं। वहीं इसके बाद अगर दोनों सेमीफाइनल या फाइनल में पहुंचती हैं तो तीसरा मुकाबला भी संभव हो सकता है।
वनडे वर्ल्ड कप 2027 का नया फॉर्मेट कैसा है?
दरअसल आईसीसी के नए फॉर्मेट के मुताबिक 2027 वनडे वर्ल्ड कप में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। पहले चरण में निचली रैंक वाली तीन टीमें सुपर सीरीज खेलेंगी जिसमें विजेता टीम मुख्य टूर्नामेंट में जगह बनाएगी। इसके बाद 12 टीमों को छह-छह टीमों के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। दोनों ग्रुप में राउंड-रॉबिन फॉर्मेट के तहत सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला खेलेंगी।
— Out Of Context Cricket (@GemsOfCricket) July 15, 2026
तीन-तीन टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी
वहीं ग्रुप स्टेज खत्म होने के बाद दोनों ग्रुप की शीर्ष तीन-तीन टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी। इनके साथ बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को मिलाकर सुपर-7 चरण खेला जाएगा। यहां भी सभी टीमें राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में मुकाबले खेलेंगी। दरअसल सुपर-7 के बाद शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी और फिर विजेता टीमें फाइनल खेलेंगी। इसी नए ढांचे की वजह से एक ही टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के दो या तीन बार आमने-सामने आने की संभावना बन रही है लेकिन इसके लिए दोनों टीमों का अगले चरणों तक पहुंचना जरूरी होगा।
जानिए भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर क्यों बढ़ी चर्चा?
दरअसल भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले दुनिया के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले खेल आयोजनों में गिने जाते हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज लंबे समय से नहीं हो रही है इसलिए फैंस को सिर्फ आईसीसी और एशिया कप जैसे टूर्नामेंट में ही यह मुकाबला देखने का मौका मिलता है। ऐसे में वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट के बाद इस प्रतिद्वंद्विता को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
वहीं सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि नया फॉर्मेट भारत-पाकिस्तान मैचों की संख्या बढ़ाने के लिहाज से तैयार किया गया है। हालांकि आईसीसी की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।



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