मध्य प्रदेश के भिंड जिले में नेशनल हाईवे 719 पर कल देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। धान की रोपाई का काम निपटाकर उत्तर प्रदेश लौट रहे प्रवासी मजदूरों से भरी एक लोडिंग पिक-अप गाड़ी और ट्रक के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।
यह हादसा आधी रात के करीब गोहद चौराहा पुलिस स्टेशन इलाके के छिम्का गांव के पास हुआ। टक्कर के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को निकालकर गोहद स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। बाद में गंभीर रूप से घायल कई लोगों को ग्वालियर के अस्पतालों में रेफर किया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, ये मज़दूर ग्वालियर ज़िले में डबरा के पास चिनोर गांव में धान की रोपाई का काम करने के बाद उत्तर प्रदेश में अपने गांवों लौट रहे थे।
उत्तर प्रदेश के पचगांव, लखीमपुर खीरी और आस-पास के गांवों के रहने वाले ये मज़दूर लोडिंग गाड़ी में यात्रा कर रहे थे, तभी छिम्का गांव के पास सामने से आ रहे ट्रक से उनकी गाड़ी की टक्कर हो गई।
हादसे की वजह आवारा गायें होने का शक
शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि हादसा तब हुआ होगा जब लोडिंग गाड़ी सड़क पर बैठी गायों से बचने की कोशिश कर रही थी। बताया जा रहा है कि दोनों गाड़ियां तेज़ रफ़्तार में थीं, जिससे ज़बरदस्त टक्कर हुई।
पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को गोहद अस्पताल ले जाने के बाद, गंभीर रूप से घायल कई लोगों को ग्वालियर रेफर किया गया, जिनमें से तीन और लोगों की रास्ते में ही मौत हो गई। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि लोडिंग गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, खासकर उसका अगला हिस्सा।
गोहद चौराहा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज रामनरेश यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर बचाव अभियान चलाया। घटनास्थल पर तुरंत पांच एम्बुलेंस भेजी गईं, जबकि घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए डायल 112 और डायल 108 सेवाओं का इस्तेमाल किया गया।
कई पीड़ितों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस टक्कर की सही वजह का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कर रही है।
UP के CM ने मुआवज़े का ऐलान किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौतों पर दुख जताया और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मध्य प्रदेश सरकार के साथ समन्वय करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हादसे में मारे गए उत्तर प्रदेश के निवासियों के शव उनके संबंधित गृह ज़िलों तक पहुंचाए जाएं और उनके परिवारों को सौंपे जाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक मृतक निवासी के परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और घायलों को उचित चिकित्सा उपचार मिले।
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