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दक्षिणी फिलीपीन के स्कूल में गोलीबारी, कम से कम दो लोग घायलJPSC Merit Scam: झारखंड सरकार की बड़ी कार्रवाई, पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य का PA गिरफ्तार
JPSC Merit Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित मेधा घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले में नए नाम सामने आ रहे हैं। अब CID ने JPSC की पूर्व सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य के निजी सहायक (PA) ब्रज कुमार राम को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, पूर्व में गिरफ्तार आरोपितों के बयानों में ब्रज कुमार राम की भूमिका सामने आई थी। आरोप है कि वह पूर्व सदस्य के नाम का इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का भरोसा देता था और इसके बदले उनसे पैसे की वसूली करता था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया है।
JPSC मेधा घोटाले में एक और गिरफ्तारी
JPSC मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही CID ने ब्रज कुमार राम को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित परीक्षा सिंडिकेट में उसकी भूमिका कितनी बड़ी थी और उसके जरिए कितने अभ्यर्थियों से संपर्क किया गया था।
आरोप है कि ब्रज कुमार राम, पूर्व JPSC सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य के PA के तौर पर काम करता था और उनके नाम का हवाला देकर अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफलता दिलाने का भरोसा देता था।
अभय कुमार तिवारी के बयान से सामने आया नाम
इस मामले में CID ने परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी को भी गिरफ्तार किया था।
पूछताछ के दौरान अभय कुमार तिवारी ने कथित तौर पर जांच एजेंसी को परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े सिंडिकेट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसी पूछताछ में JPSC के कुछ पदाधिकारियों और उनसे जुड़े कथित एजेंटों की भूमिका का भी खुलासा होने की बात सामने आई है। जांच में ब्रज कुमार राम का नाम भी इसी कड़ी में सामने आया।
पूर्व सदस्य के नाम पर अभ्यर्थियों से वसूली का आरोप
CID की जांच के अनुसार, अभय कुमार तिवारी ने ब्रज कुमार राम को डॉ. अजिता भट्टाचार्य का PA बताया था। आरोप है कि ब्रज कुमार राम पूर्व सदस्य के नाम का इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का आश्वासन देता था और इसके बदले रकम वसूलता था। हालांकि, इन आरोपों की पूरी तस्वीर CID की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में स्पष्ट होगी।
सिंडिकेट में किसकी क्या भूमिका, जांच जारी
पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर CID कथित सिंडिकेट में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि अभ्यर्थियों से संपर्क कौन करता था, रकम की वसूली कैसे होती थी और कथित तौर पर परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश में किस स्तर तक नेटवर्क फैला हुआ था।
ब्रज कुमार राम की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी उसके संपर्कों, अभ्यर्थियों से कथित लेन-देन और मामले में सामने आए अन्य आरोपितों से उसके संबंधों की भी जांच कर सकती है।
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