Responsive Scrollable Menu

लाडली बहनों के लिए रक्षाबंधन स्पेशल: सीएम मोहन यादव ट्रांसफर करेंगे ₹1500 की राशि


CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने हालिया दिल्ली दौरे के दौरान राज्य में औद्योगिक प्रगति और निवेश संवर्धन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया. उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ राज्य के औद्योगिक विकास के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाडली बहनों के लिए रक्षाबंधन के विशेष तोहफे का भी ऐलान किया है. वहीं, उद्योग निवेश संवर्धन की शीर्ष बैठक में सीएम ने बताया कि राज्य सरकार रोजगार आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दे रही है. मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और पारदर्शी व्यवस्था के कारण देश-विदेश के बड़े निवेशक आकर्षित हो रहे हैं. 30% निवेश प्रस्ताव जमीन पर: आमतौर पर कुल प्रस्तावों का केवल 10% ही धरातल पर उतर पाता है, लेकिन मध्य प्रदेश में मिले कुल प्रस्तावों में से 30% से अधिक (लगभग ₹10 लाख करोड़ से ज्यादा) के निवेश प्रोजेक्ट्स धरातल पर काम करना शुरू कर चुके हैं. औद्योगिक चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश की बहनों के लिए बड़ा ऐलान किया. उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाडली बहनों के खातों में 'लाडली बहना योजना' के तहत ₹1500 की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी. इसमें मासिक किस्त के साथ रक्षाबंधन के लिए ₹250 की अतिरिक्त राशि भी शामिल है.

Continue reading on the app

26/11 मुंबई हमला: BNSS के तहत पहली बार हाफिज सईद समेत 6 आतंकियों पर गैर-हाजिरी में ट्रायल शुरू

26/11 Mumbai terror attack: मुंबई के 26/11 के आतंकवादी हमलों में शामिल छह पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ 'ट्रायल इन एब्सेंटिया' (गैर-हाजिरी में सुनवाई) की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 के लागू होने के बाद, किसी आतंकवाद के मामले में इस तरह की यह पहली कार्रवाई है। ये छह आरोपी वर्तमान में फरार चल रहे हैं और माना जा रहा है कि वे पाकिस्तान में छिपे हुए हैं।

इस सूची में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का संस्थापक हाफिज सईद, जकी-उर-रहमान लखवी, साजिद मीर, अबू अलकमा, आसिम उर्फ अबू कहाफा और मेजर अब्दुर रहमान पाशा शामिल हैं। यह कदम मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती के उस अनुरोध के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर उज्ज्वल निकम से BNSS की धारा 356 के प्रावधानों के तहत इन आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने को कहा था। यह धारा अदालतों को भगोड़े घोषित अपराधियों की अनुपस्थिति में, निर्धारित कानूनी सुरक्षा उपायों के साथ मुकदमा चलाने की अनुमति देती है।

अदालत ने जारी की उद्घोषणा, 18 अगस्त तक पेश होने का निर्देश
26/11 मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने छह आरोपियों को 18 अगस्त या उससे पहले अदालत के समक्ष पेश होने का निर्देश देते हुए एक उद्घोषणा (प्रोकलेमेशन) जारी की है। अभियोजन पक्ष द्वारा वांटेड आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किए जाने के बाद स्पेशल जज एस.आर. नावान्देर ने यह आदेश पारित किया। इस उद्घोषणा को इंटरपोल के माध्यम से प्रकाशन के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भी भेज दिया गया है।

विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने दलील दी कि अभियोजन पक्ष ने इन छह आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश किए हैं और जांच के दौरान इनकी भूमिकाएं स्पष्ट रूप से सामने आई हैं। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, निकम ने कहा, "अजमल कसाब ने जांच के दौरान इनकी भूमिका का खुलासा किया था।" कसाब इस हमले में पकड़ा गया एकमात्र जीवित पाकिस्तानी आतंकवादी था। अभियोजन पक्ष ने इन आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से भी उद्घोषणाएं जारी करने की मांग की है।

मुंबई पुलिस ने कार्यवाही में तेजी लाने की मांग की
मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने कहा कि 26/11 का मामला अत्यधिक संवेदनशील है और फरार आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए सबूतों के आधार पर कानूनी कार्यवाही को आगे बढ़ाना जरूरी था।

भारती के अनुसार, अधिकारी BNSS की धारा 356 के प्रावधानों का उपयोग करना चाहते हैं ताकि आरोपियों की लंबी अनुपस्थिति के कारण न्यायिक प्रक्रिया में अनिश्चितकाल के लिए देरी न हो। यह विशेष प्रावधान अदालतों को उन आरोपियों के खिलाफ आगे बढ़ने का अधिकार देता है जिन्हें भगोड़ा घोषित किया जा चुका है और जो जानबूझकर कानून की प्रक्रिया से बच रहे हैं।

26/11 हमले से कैसे जुड़े हैं ये छह आरोपी
इन आरोपियों पर नवंबर 2008 के हमलों की साजिश रचने, समन्वय करने और देखरेख करने में अलग-अलग भूमिकाएं निभाने का आरोप है। हाफिज सईद इस बड़ी साजिश के मुख्य सूत्रधारों में से एक है। लखवी, अबू कहाफा और अबू अलकमा पर आरोप है कि वे हमलों के दौरान कराची के मालिर स्थित एक कंट्रोल रूम में मौजूद थे और पूरे ऑपरेशन तथा हमलावरों के प्रशिक्षण की निगरानी कर रहे थे।

इस कंट्रोल रूम में कथित तौर पर सैयद जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जुंदल भी मौजूद था, जो एक भारतीय नागरिक है और जिस पर हमलावरों को मुंबई में आसानी से ऑपरेट करने के लिए हिंदी तथा स्थानीय भाषा सिखाने का आरोप है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि कई हैंडलर्स ने कराची के कंट्रोल रूम से टेलीविजन पर इन हमलों को लाइव देखा था और ऑपरेशन के दौरान लगातार हमलावरों के संपर्क में थे।

26/11 के घातक हमलों में गई थी 166 लोगों की जान
मुंबई में यह भयानक आतंकी हमला 26 नवंबर 2008 को शुरू हुआ था और करीब तीन दिनों तक चला, जिसमें शहर के कई प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया गया था। आतंकवादियों ने ताजमहल पैलेस होटल, ट्राइडेंट होटल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, नरिमन हाउस, कामा अस्पताल, लियोपोल्ड कैफे और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं।

इस हमले में भारत, ब्रिटेन, अमेरिका और इजराइल के नागरिकों समेत कुल 166 लोगों की मौत हो गई थी। सुरक्षा बलों ने 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों में से नौ को ढेर कर दिया था, जबकि अजमल कसाब को जिंदा पकड़ लिया गया था। बाद में उस पर मुकदमा चलाया गया और उसे दोषी ठहराते हुए 2012 में फांसी दे दी गई थी।

फरार चल रहे आरोपियों की अनुपस्थिति के बावजूद उन्हें भारतीय न्याय प्रक्रिया के दायरे में लाने के लिए यह नया कानूनी कदम उठाया गया है, ताकि हमले में शामिल विदेशी साजिशकर्ताओं और संचालकों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जा सके।

Continue reading on the app

  Sports
  Videos
See all

मेरठ के मदरसे में मसूद अजहर का कोर्स...आतंकियों का यार, इस देश का गद्दार | Jaish-e-Mohammed | UP #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-18T08:14:33+00:00

ग्वालियर में मजदूरों से भरा वाहन पलटा, 8 मौतों की आशंका | Gwalior Road Accident #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-18T08:12:09+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers