NSG श्वान डॉनी को सेना प्रमुख का सम्मान मिला, Red Fort धमाके के बाद की थी विस्फोटकों की तलाश
वर्ष 2025 में लाल किला क्षेत्र में हुए धमाके के बाद विस्फोटकों की तलाश में अहम भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के छह साल के श्वान डॉनी को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सेना प्रमुख के प्रशंसा पत्र के लिए चुना गया है। नर लैब्राडोर डॉनी को फरवरी 2022 में ‘ब्लैक कैट’ कमांडो बल की के-9 (श्वान) इकाई में शामिल किया गया था। रक्षा मंत्रालय की ओर से 14 अगस्त को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया था कि डॉनी को इस सम्मान से अलंकृत किया जाएगा।
पिछले वर्ष 10 नवंबर को 17वीं सदी के मुगलकालीन स्मारक लाल किला के पास विस्फोट हुआ था, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। एनएसजी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि डॉनी को 10-11 नवंबर, 2025 को लाल किला क्षेत्र में तैनात किया गया था। उसने वाहन से किए गए आईईडी (वीबीआईईडी) विस्फोट से प्रभावित घटनास्थल को विस्फोटकों से मुक्त कराने की कार्रवाई के दौरान अहम भूमिका निभायी।
इसके बाद 12 नवंबर को डॉनी ने एक ऐसे वाहन की भी तलाशी ली, जिस पर लाल किला विस्फोट से जुड़े विस्फोटक ले जाए जाने का संदेह था। एनएसजी के अनुसार, यह वाहन हरियाणा के फरीदाबाद स्थित खंदावली में खड़ा था, जहां डॉनी ने एक बार फिर विस्फोटकों की मौजूदगी की पुष्टि की। एनएसजी ने कहा कि डॉनी को ‘‘असाधारण तकनीकी दक्षता, विश्वसनीयता और अभियान में प्रदर्शन’’ के लिए सम्मानित किया गया है।
Hapur में शादी के दो दिन बाद आभूषण लेकर दुल्हन फरार, Priest और परिजनों पर FIR
हापुड़ जिले में एक नवविवाहिता शादी के दो दिन बाद कथित तौर पर आभूषण लेकर घर से फरार हो गई जिसके बाद उसके पति ने महिला, एक पुजारी और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना सिंभावली थाना क्षेत्र के लिसड़ी-भगवतीपुर गांव की है।
महिला के देर रात घर से फरार होने का घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। महिला के पति विनोद कुमार की शिकायत के अनुसार, हल्द्वानी के पुजारी राकेश शास्त्री ने करीब तीन महीने पहले उनसे संपर्क किया था और शादी का प्रस्ताव रखा था। कुमार ने कहा, ‘‘पुजारी ने बताया था कि महिला गरीब परिवार से है और उसका विवाह मंदिर में कराया जाएगा।’’ पुलिस ने विनोद के हवाले से बताया कि वह 14 अगस्त को अपने परिवार के साथ रामपुर स्थित शिव मंदिर गए थे, जहां पुजारी ने सीमा नाम की महिला के साथ उनका विवाह कराया।
उसने कहा, ‘‘विवाह के बाद विनोद के परिवार ने दुल्हन की मां को एक लाख रुपये और पुजारी को दक्षिणा के तौर पर 2,100 रुपये दिए। सीमा को घर लाने के बाद सोने का मंगलसूत्र, चांदी का हार, बालियां और पायल दी गई थी।’’ पुलिस ने कहा कि 15 अगस्त की रात सीमा सभी आभूषण लेकर घर से चली गई। अगली सुबह परिवार के सदस्यों को उसके घर में नहीं होने का पता चला।
उन्होंने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने बताया कि विनोद की शिकायत के आधार पर पुजारी राकेश शास्त्री, सीमा और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
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