UP Police ने जारी किया 'खाकी का सितारा' का पूरा वीडियो, Amitabh Bachchan की आवाज से सजा
उत्तर प्रदेश पुलिस के पहले आधिकारिक गान ‘खाकी का सितारा’ का 6.5 मिनट का पूरा वीडियो यूट्यूब पर जारी कर दिया गया है। अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी पुलिस के पोस्ट को ‘एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा, “कुछ सितारे आसमान में चमकते हैं… कुछ खाकी पहनकर जमीन पर। खाकी का सितारा।” पुलिस विभाग के अनुसार, यह गान केवल संगीत वीडियो नहीं, बल्कि पुलिस की जिम्मेदारियों और कार्यों के विभिन्न पहलुओं को सामने रखने का प्रयास है।
इसमें कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, तकनीक, आपदा एवं राहत कार्य, जनसेवा और रोजमर्रा की पुलिसिंग को दिखाया गया है। यह गान एक-दो दिन में तैयार नहीं हुआ, बल्कि इसकी शूटिंग महाकुंभ-2025 से स्वतंत्रता दिवस-2026 तक अलग-अलग अवसरों और परिस्थितियों में की गई। पुलिस के इस आंतरिक रचनात्मक प्रयास को पूरा होने में एक साल से अधिक समय लगा।
गान को अमिताभ बच्चन की आवाज, पद्मश्री शंकर महादेवन के स्वर एवं संगीत और कवि-गीतकार आलोक श्रीवास्तव के शब्द मिले हैं। अभिनेता करण आनंद ने इसमें पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई है। ‘खाकी का सितारा’ की औपचारिक शुरुआत 14 अगस्त को लखनऊ स्थित लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी।
इस अवसर पर शंकर महादेवन, पद्मश्री नाना पाटेकर, आलोक श्रीवास्तव और करण आनंद समेत फिल्म एवं संगीत जगत की कई हस्तियां मौजूद थीं। गान में पुलिस की सख्ती के साथ उसकी संवेदनशीलता और जनसेवा को भी प्रमुखता दी गई है। इसका केंद्रीय संदेश है—“सुरक्षा आपकी, संकल्प हमारा।
West Bengal के तारापीठ में होटल में आग से 9 लोगों की मौत, मालिक समेत दो हिरासत में
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में सोमवार तड़के एक होटल में आग लगने से नौ लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने होटल में उचित अग्निशमन व्यवस्था न होने के आरोप में होटल के मालिक समेत दो लोगों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार मृतकों में मेघालय के एक ही परिवार के पांच सदस्य शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि घटना के समय होटल में ठहरे 43 लोगों में से 34 को प्राथमिक चिकित्सा के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि एक घायल व्यक्ति का इलाज अस्पताल में किया जा रहा था, जिसने बाद में शाम को दम तोड़ दिया। किंवदंती के अनुसार, 13वीं सदी का तारापीठ मंदिर भारत की 51 शक्तिपीठों में से एक है और यहां देवी तारा की पूजा की जाती है। मंदिर नगरी तारापीठ में चार मंजिला होटल के भूतल पर तड़के करीब 4:30 बजे आग लगी जिस समय ज्यादातर मेहमान सो रहे थे।
इनमें कई श्रद्धालु थे, जो सावन महीने के सोमवार को पूजा करने आए थे। अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के बाद घना धुआं पूरे भवन में फैलने के कारण कई मेहमान ऊपरी मंजिलों पर फंस गए, इसके बाद दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर भेजकर आग पर काबू पाया गया। उन्होंने कहा कि घायलों को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग झुलस गए, जबकि कुछ लोग दम घुटने के कारण बीमार हो गए। होटल के अधिकारियों ने दावा किया कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था के एक उपकरण में चिंगारी भड़कने के बाद होटल के ‘रिसेप्शन’ के पास आग शुरू हुई।
हालांकि आग लगने का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों ने बताया कि होटल के अंदर सजावट और फाइबर की सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई और धुआं ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया, जिसके कारण कई मेहमान अपने कमरों में फंस गए। अधिकारियों ने बताया कि होटल में आग बुझाने वाले उपकरणों के रखरखाव में कथित लापरवाही के संबंध में पुलिस ने होटल के मालिक समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है।
मेघालय के एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत से मातम छा गया है। अधिकारी पीड़ितों के परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए मेघालय सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रहे हैं। इस घटना और आगामी कौशिकी अमावस्या पर्व के दौरान भारी भीड़ जुटने के मद्देनजर बीरभूम जिला प्रशासन ने तारापीठ के होटलों, लॉज और अन्य प्रतिष्ठानों में बिजली व्यवस्था और अग्निशमन व्यवस्था की विशेष जांच कराने की घोषणा की है।
प्रशासन ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, होमस्टे एवं अन्य प्रतिष्ठानों में पर्याप्त और सुरक्षित बिजली व्यवस्था तथा आग से बचाव एवं आग बुझाने की प्रभावी व्यवस्था हो। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हादसे में लोगों की मौत होने पर दुख जताया और कहा कि श्रद्धालु सावन के सोमवार पर मंदिर में पूजा करने के लिए तारापीठ आए थे। अधिकारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “बीरभूम जिले के तारापीठ में होटल में आग लगने से जान गंवाने वाले तीर्थयात्रियों से जुड़ी इस घटना से मैं बहुत दुखी हूं।” उन्होंने कहा कि अपने प्रियजन को खोने वाले परिवारों के दुख को शब्दों में पूरी तरह व्यक्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में लोगों को बचाया, लेकिन “सभी प्रयासों के बावजूद लोगों की दुखद मौत को नहीं टाला जा सका।” अधिकारी ने कहा कि पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी, स्थानीय विधायक ध्रुव साहा और अग्निशमन विभाग के राज्य मंत्री कौशिक चौधरी मौके पर रहे और बचाव कार्य की निगरानी की। उन्होंने कहा कि वे प्रभावित और मृतकों के परिवारों को सभी जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए मेघालय सरकार और अलीपुरद्वार के स्थानीय प्रशासन के साथ भी समन्वय कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा, “राज्य सरकार ने इस घटना के मूल कारण का पता लगाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।” उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि “जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार उन्हें सख्त सजा दी जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे की घोषणा उचित समय पर की जाएगी।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, “मैं तारापीठ में अचानक आग लगने की घटना से बेहद स्तब्ध हूं। मैं इस भयानक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति और अपने प्रियजनों को खो चुके लोगों को इस दुख से उबरने की शक्ति देने की कामना करती हूं।
मैं इलाज करा रहे लोगों के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की भी प्रार्थना करती हूं।
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