टाटा इंस्टीट्यूट ने बदला दीक्षांत समारोह का चीफ गेस्ट:अब CJI की जगह टाटा अस्पताल के डायरेक्टर होंगे; हैदराबाद लॉ यूनिवर्सिटी के छात्रों ने किया था विरोध
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) ने दीक्षांत समारोह के चीफ गेस्ट को बदल दिया है। समारोह में पहले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाया गया था। अब उनकी जगह टाटा मेमोरियल अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. सी.एस. प्रमेश मुख्य अतिथि होंगे। इससे पहले हैदराबाद की नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) यूनिवर्सिटी के करीब 450 छात्रों ने दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध किया था। समारोह पहले 2 अगस्त को होना था, लेकिन अब 22 अगस्त को होगा TISS का दीक्षांत समारोह पहले 2 अगस्त को होना था, लेकिन कार्यक्रम से दो दिन पहले इसे अचानक स्थगित कर दिया गया था। अब यह समारोह 22 अगस्त को आयोजित होगा। छात्रों और अधिकारियों ने CJI के दौरे को लेकर संभावित विरोध और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का जिक्र किया था। हालांकि, TISS ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि CJI के मुख्य अतिथि पद से हटने के बाद डॉ. सी.एस. प्रमेश को चुना गया या सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते संस्थान ने खुद यह बदलाव किया। इस मामले में संस्थान की ओर से अभी कोई जवाब नहीं आया है। हैदराबाद लॉ यूनिवर्सिटी के छात्र बेरोजगारों को कॉकरोच कहने से नाराज NALSAR के छात्रों ने NEET विवाद और हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान की घटनाओं को लेकर CJI को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी। 2026 बैच के छात्रों के एक ग्रुप ने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार, फैकल्टी सदस्यों और प्रशासन के अन्य सदस्यों को लेटर लिखा था। इसमें उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाने के फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की थी। छात्रों ने संवैधानिक जवाबदेही और अकादमिक स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया छात्रों के लेटर के मुताबिक, उनका विरोध सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शन से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान हुई घटनाओं को लेकर है। छात्रों का कहना है कि संवैधानिक जवाबदेही और अकादमिक स्वतंत्रता महत्वपूर्ण हैं। मौजूदा हालात में CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाना इन मूल्यों के अनुरूप नहीं होगा। इसी आधार पर छात्रों ने यूनिवर्सिटी से CJI को मुख्य अतिथि बुलाने के फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है। विरोध की शुरुआत 2026 के ग्रेजुएट बैच के करीब 70 छात्रों के वीसी को लेटर लिखने से हुई। जुलाई के अंत तक 2027 से 2031 के बैचों के करीब 380 से 450 छात्र भी इस विरोध में शामिल हो गए। ----------- ये खबर भी पढ़ें… बार काउंसिल अध्यक्ष ने लॉ स्टूडेंट्स से माफी मांगी:लेटर लिखकर कहा- छात्रों को बात रखने की आजादी; एक दिन पहले CJI सूर्यकांत ने फटकारा था बार काउंसिल इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह विवाद के बाद लॉ स्टूडेंट्स से माफी मांगी है। पूरी खबर पढ़ें…
भास्कर अपडेट्स:महुआ मोइत्रा ने सर्किट हाउस मामले में लोकसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की, 3 अफसरों पर प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कृष्णानगर सर्किट हाउस से देर रात बाहर जाने के मामले में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को विशेषाधिकार नोटिस दिया है। उन्होंने नदिया के डीएम श्रीकांत पाली, एडीएम निरपेंद्र सिंह और नाजरेथ डिप्टी कलेक्टर अनामिका बेरा पर प्रोटोकॉल उल्लंघन और उन्हें संसदीय काम से रोकने की कोशिश का आरोप लगाया। मोइत्रा के मुताबिक, 14 अगस्त की रात 9:47 बजे उन्हें सर्किट हाउस खाली करने को कहा गया, जबकि रखरखाव का आदेश 12 अगस्त को जारी हो चुका था और उनकी बुकिंग पहले से कन्फर्म थी। उन्होंने तीनों अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए मामला विशेषाधिकार समिति को भेजने और अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के दौरान सांसदों वाला प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने की मांग की है। आज की बाकी बड़ी खबरें… पटियाला हाउस कोर्ट ने कारोबारी साहिल लूथरा से ₹10 करोड़ मांगने वाले को जमानत दी, आरोपी 13 जून से न्यायिक हिरासत में था पटियाला हाउस कोर्ट ने डिफेंस कारोबारी साहिल लूथरा से ₹10 करोड़ की रंगदारी मांगने की साजिश के आरोपी गुरपिंदर सिंह को जमानत दे दी। कोर्ट ने ₹50 हजार के जमानत बॉन्ड और इतनी ही राशि के एक जमानतदार की शर्त पर उसे रिहा करने का आदेश दिया। आरोपी 13 जून से न्यायिक हिरासत में था। कोर्ट ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है, चार्जशीट दाखिल हो गई है और आरोपी की हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है। लूथरा ने आरोप लगाया था कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय नंबरों से व्हाट्सऐप पर धमकी देकर ₹10 करोड़ मांगे गए थे। मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गुरपिंदर सिंह समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गुजरात पुलिस ने 1,090 साइबर अपराधों से जुड़े आरोपी को गिरफ्तार किया; ₹1,071 करोड़ के अवैध लेनदेन का मामला गुजरात सीआईडी क्राइम ने असम से 25 साल के रफीकुल आलम को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी देशभर में 1,090 साइबर अपराधों और ₹1,071.5 करोड़ के अवैध लेनदेन से जुड़ा था। वह व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए चीन के साइबर अपराधियों के संपर्क में था। ठगी की रकम को 1,754 बैंक खातों में ट्रांसफर करने के बाद क्रिप्टोकरेंसी के जरिए चीन भेजता था। आरोपी के मोबाइल से 23 क्रिप्टो वॉलेट मिले, जिनमें करीब ₹16 करोड़ का लेनदेन हुआ था। जांच के दौरान सीसीई (साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) ने डिजिटल अरेस्ट के 10 मामलों को भी समय रहते रोकने का दावा किया है।
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