CJP बोली-BJP कार्यकर्ताओं ने वर्कर के पिता को पीटा, मौत:पीड़ित ने स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाया था; पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नेता आशुतोष रांका ने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज के पिता की मौत BJP कार्यकर्ताओं की पिटाई के बाद हुई। CJP की एक टीम सोमवार को पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा पहुंची और हफीज के घर जाकर उनके परिवार से मुलाकात की। हफीज के पिता मफीक पर 13 अगस्त को कुछ लोगों ने हमला किया था। इसके दो दिन बाद उनकी मौत हो गई। इस मामले में बैंकुरा पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 3 नामजद आरोपी और 5 अन्य संदिग्ध शामिल हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मफीक अपने गांव करिसुंडा के सरकारी स्कूल में CJP के 'स्कूल ठीक करो' अभियान में शामिल हुए थे। उन्होंने स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाया था। उसी शाम हथियारबंद लोगों ने घर में घुसकर उन्हें पीटा था। पहले देखिए अब्दुल का बनाया वीडियो… रांका ने कहा- पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की रांका ने आरोप लगाया कि हफीज के परिवार को धमकी मिलने के बावजूद बंगाल पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हाफिज 18 जुलाई को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर गया था। वहां से लौटने के बाद वह CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जुड़ा। इसके बाद स्थानीय बीजेपी विधायक निर्मल धारा और उनके समर्थकों ने हाफिज को धमकाना शुरू कर दिया। पुलिस ने आरोपियों को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा बंगाल पुलिस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अब्दुल हाफिज के पिता को मामूली चोट लगी थी, जिसके लिए एक टांका लगाया गया था। पुलिस ने बताया कि 15 अगस्त की सुबह मफीक ने ब्लड प्रेशर में अचानक उतार-चढ़ाव के बाद खुद को बर्दवान मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उन्हें जानलेवा चोट नहीं थी। हालांकि, उसी रात उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। वहीं, 2 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। हाफिज के घर पर सुरक्षा के लिए एक पुलिसकर्मी भी तैनात किया गया है। दीपके ने 2 दिन पहले शुरु किया स्कूल ठीक करो अभियान अभिजीत दीपके ने शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली में अपने गांव से 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार की अनदेखी की वजह से गरीब छात्रों को नुकसान हो रहा है, और उन्होंने प्राइवेट स्कूलों की फीस पर सीमा लगाने की मांग की। --------- ये खबर भी पढ़ें… CJP वर्कर के पिता की हत्या, पार्टी टीम बंगाल पहुंची:आरोपियों की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया; पीड़ित ने स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाया था कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की एक टीम सेामवार को पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा पहुंची। जहां वे कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज के घर गए। पूरी खबर पढ़ें…
फिजिकल हेल्थ- बांहों पर रेत जैसे बारीक खुरदरे दाने:ये ‘चिकन स्किन’ हो सकती है, डॉक्टर से समझें इसका कारण, इलाज और बचाव के टिप्स
कई बार स्किन पर छोटे-छोटे खुरदरे दाने दिखाई देते हैं। ये न पिंपल होते हैं और न ही रैश जैसे लगते हैं। आमतौर पर इनमें दर्द या खुजली भी नहीं होती। इसलिए लोग इन्हें सामान्य समझकर इग्नोर कर देते हैं। हालांकि कई बार ये दाने 'चिकन स्किन' यानी केराटोसिस पिलारिस का संकेत हो सकते हैं। ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, करीब 50% से 80% किशोर और लगभग 40% वयस्क जीवन में कभी–न–कभी इस समस्या का सामना करते हैं। ऐसे में आज 'फिजिकल हेल्थ' में चिकन स्किन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. डिंपल कोठारी, कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- चिकन स्किन क्या है? जवाब- चिकन स्किन एक कॉमन स्किन प्रॉब्लम है। मेडिसिन की भाषा में इसे ‘केराटोसिस पिलारिस’ कहते हैं। सवाल- चिकन स्किन क्यों होती है? जवाब- पॉइंटर्स से समझते हैं- सवाल- किन लोगों में चिकन स्किन का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- कुछ लोगों में चिकन स्किन का रिस्क ज्यादा होता है। इसके पीछे जेनेटिक्स और स्किन बैरियर से जुड़ी कंडीशन अहम भूमिका निभाती हैं। ग्राफिक में देखिए किन्हें ज्यादा रिस्क होता है- सवाल- चिकन स्किन के लक्षण क्या हैं? जवाब- चिकन स्किन के लक्षण मुख्य रूप से स्किन की बनावट में बदलाव के रूप में दिखाई देते हैं। इसमें छोटे-छोटे खुरदरे दाने उभर सकते हैं और स्किन सामान्य से ज्यादा रफ महसूस होती है। ग्राफिक में इसके सभी लक्षण देखिए- सवाल- चिकन स्किन और सामान्य ड्राई स्किन में क्या फर्क है? जवाब- दोनों समस्याओं में स्किन ड्राई और खुरदरी लग सकती है, लेकिन इनके पीछे की वजह अलग होती है। इसी कारण दोनों का इलाज भी अलग होता है। ग्राफिक में दोनों के बीच का फर्क देखिए- सवाल- चिकन स्किन और फॉलिकुलाइटिस (पिंपल्स) में क्या फर्क है? जवाब- स्किन और पिंपल्स दोनों में स्किन पर छोटे-छोटे दाने दिखाई दे सकते हैं। इसलिए लोग अक्सर इन्हें एक ही समस्या समझ लेते हैं। हालांकि दोनों के लक्षण अलग होते हैं। ग्राफिक में दोनों के बीच का फर्क देखिए- सवाल- क्या चिकन स्किन कोई बीमारी या इंफेक्शन है? जवाब- नहीं, चिकन स्किन कोई बीमारी नहीं है। यह स्किन कंडीशन है। इससे शरीर के दूसरे अंग प्रभावित नहीं होते और ज्यादातर मामलों में यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं बनती। सवाल- क्या चिकन स्किन अपने आप ठीक हो जाती है? जवाब- कई लोगों में उम्र बढ़ने के साथ इसके लक्षण अपने-आप कम हो जाते हैं। कुछ लोगों में यह लंबे समय तक बनी रह सकती है या समय-समय पर फिर उभर सकती है। सवाल- क्या चिकन स्किन का इलाज संभव है? जवाब- हां, लेकिन, इसे हमेशा पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। इलाज का उद्देश्य स्किन के खुरदरेपन, ड्राईनेस और दानों को कम करना होता है। सही इलाज और नियमित स्किन केयर से ज्यादातर लोगों में इसके लक्षण काफी हद तक कंट्रोल हो जाते हैं। सवाल- डॉक्टर चिकन स्किन का इलाज कैसे करते हैं? जवाब- डॉक्टर चिकन स्किन की गंभीरता, लक्षण और स्किन की कंडीशन के अनुसार इलाज तय करते हैं। इसके लिए ये तरीके अपनाए जा सकते हैं- मॉइश्चराइजर: स्किन की ड्राईनेस और खुरदरापन कम करने के लिए दिया जाता है। मेडिकेटेड क्रीम: यूरिया, लैक्टिक एसिड, सैलिसिलिक एसिड या ग्लाइकोलिक एसिड वाली क्रीम, जो केराटिन प्लग को ढीला करने में मदद करती हैं। रेटिनॉइड क्रीम: नई स्किन सेल्स के बनने की प्रक्रिया को सामान्य करने के लिए दी जाती है। लेजर ट्रीटमेंट: अगर रेडनेस ज्यादा हो या दवाओं से पर्याप्त सुधार न हो, तो कुछ मामलों में लेजर ट्रीटमेंट का इस्तेमाल किया जाता है। सवाल- चिकन स्किन की देखभाल कैसे करें? जवाब- चिकन स्किन के लक्षण कम करने के लिए घर पर कुछ उपाय अपनाए जा सकते हैं, जैसेकि- सवाल- किन गलतियों से चिकन स्किन की समस्या बढ़ सकती है? जवाब- कुछ आदतें चिकन स्किन के लक्षणों को बढ़ा सकती हैं, जैसेकि- सवाल- क्या वैक्सिंग, शेविंग या हेयर रिमूवल से चिकन स्किन बढ़ सकती है? जवाब- हां, वैक्सिंग, शेविंग या हेयर रिमूवल से स्किन में जलन हो सकती है। इससे चिकन स्किन के दाने कुछ समय के लिए ज्यादा उभरे हुए या लाल दिख सकते हैं। सवाल- कौन से पोषक तत्व चिकन स्किन से बचाव में मदद करते हैं? जवाब- चिकन स्किन को सिर्फ खानपान से रोका नहीं जा सकता। हालांकि, कुछ पोषक तत्व स्किन को हेल्दी रखने और स्किन बैरियर को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं, जैसेकि- ध्यान दें इन पोषक तत्वों का पर्याप्त सेवन स्किन हेल्थ के लिए फायदेमंद है, लेकिन ये चिकन स्किन का इलाज नहीं है और न ही इनसे इसके पूरी तरह ठीक होने की गारंटी होती है। सवाल- किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए? जवाब- अगर नीचे ग्राफिक में दिए लक्षण दिखें, तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें- चिकन स्किन कोई इमरजेंसी नहीं है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। अगर लंबे समय तक दाने बने रहें या उनमें बदलाव दिखे, तो सही कारण जानने के लिए स्किन स्पेशलिस्ट से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है। …………………………. ये खबर भी पढ़ें… फिजिकल हेल्थ- बैठने, खड़े रहने पर भी फूलती है सांस:हो सकता है डिस्प्निया, डॉक्टर से जानें यह कब खतरनाक, बचाव के लिए 6 सावधानियां आपने देखा होगा कि कुछ लोग थोड़ी दूर चलने, सीढ़ियां चढ़ने या हल्का-सा काम करने पर ही हांफने लगते हैं। ऐसा कभी-कभार हो तो सामान्य है। लेकिन बिना किसी मेहनत या मूवमेंट के अगर बैठे–बैठे भी सांस फूल रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…
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