Trump Tariff Refund: भारतीय निर्यातकों की बल्ले-बल्ले! $1 अरब से ज्यादा का रिफंड वापस हुआ
Trump Tariff Refund: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के दौरान लगाए गए अतिरिक्त आयात शुल्क (टैरिफ) को लेकर भारतीय एक्सपोर्ट्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन ने टैरिफ रिफंड की प्रोसेस शुरू कर दी और अब तक भारतीय निर्यातकों से जुड़े मामलों में 1 अरब डॉलर से अधिक की राशि वापस की जा चुकी। इसका फायदा टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी और सीफूड जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों को मिल रहा।
जानकारी के मुताबिक, कम से कम एक टेक्सटाइल और एक सीफूड निर्यातक ने पुष्टि की है कि उन्हें रिफंड मिलना शुरू हो गया। यह राहत अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद मिली। अदालत ने 20 फरवरी 2026 को कहा था कि तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत जो वैश्विक टैरिफ लगाए थे, वे कानून के मुताबिक नहीं थे।
भारतीय एक्सपोर्ट्स को रिफंड मिलना शुरू
कोर्ट ने साफ किया कि आयात शुल्क लगाने का अधिकार अमेरिकी कांग्रेस के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास। इसके बाद कोर्ट ने वसूले गए शुल्क को वापस करने का निर्देश दिया।
ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया था
ट्रंप प्रशासन ने अप्रैल 2025 में भारतीय उत्पादों पर पहले 26 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। बाद में अगस्त 2025 में कई भारतीय उत्पादों पर इसे बढ़ाकर 50 फीसदी तक कर दिया गया। इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा और मुनाफे पर बड़ा असर पड़ा था। हालांकि, रिफंड सीधे भारतीय कंपनियों को नहीं मिल रहा।
अमेरिकी नियमों के मुताबिक, यह राशि केवल इंपोर्टर ऑफ रिकॉर्ड यानी उस अमेरिकी आयातक को दी जाती, जिसने शुल्क जमा किया था। ऐसे में भारतीय निर्यातकों को पैसा तभी मिलेगा, जब उनका अमेरिकी खरीदार यह राशि उन्हें वापस देगा। व्यापार जगत के जानकारों का कहना है कि जिन कंपनियों के अमेरिकी आयातकों के साथ लंबे समय से अच्छे कारोबारी संबंध हैं, वहां रिफंड साझा किया जा रहा।
CBP के अनुसार, 29 जून तक दुनिया भर में 71 अरब डॉलर के टैरिफ रिफंड प्रोसेस किए जा चुके। विशेषज्ञों का कहना है कि सही दस्तावेजों के साथ किए गए दावों का निपटारा आमतौर पर 90 दिनों के भीतर हो सकता। हालांकि, दावा करते समय पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई, क्योंकि सीबीपी हर आवेदन की गहन जांच कर रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि भारी टैरिफ के बावजूद भारत और अमेरिका के बीच व्यापार मजबूत बना रहा। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के दौरान दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार 72.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इस दौरान इलेक्ट्रिकल मशीनरी और स्मार्टफोन निर्यात में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र में गिरावट देखने को मिली।
(प्रियंका कुमारी)
AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को झटका, IB अफसर अंकित शर्मा हत्या मामले में दोषी करार
दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े चर्चित मामले में आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया है।
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