Credit Card Tips: क्रेडिट कार्ड का सिर्फ मिनिमम ड्यू भरना क्यों पड़ सकता है महंगा, समझिए पूरा गणित
क्रेडिट कार्ड का बिल आने पर ज्यादातर लोगों के सामने दो रकम दिखाई देती हैं- एक कुल बकाया और दूसरी मिनिमम अमाउंट ड्यू (Minimum Amount Due)। कई बार पैसों की कमी होने पर लोग सिर्फ मिनिमम ड्यू भरकर बाकी रकम अगले महीने के लिए छोड़ देते हैं। इससे तत्काल डिफॉल्ट से तो बचा जा सकता है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना आपकी वित्तीय स्थिति पर भारी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह विकल्प सिर्फ आपात स्थिति के लिए है, इसे आदत नहीं बनाना चाहिए।
मिनिमम ड्यू भरने से तुरंत नहीं गिरता क्रेडिट स्कोर
अगर आप तय तारीख तक कम से कम मिनिमम ड्यू का भुगतान कर देते हैं, तो आमतौर पर इसे भुगतान चूक नहीं माना जाता। इसलिए एक-दो बार ऐसा करने से आपका क्रेडिट स्कोर तुरंत खराब नहीं होता। यही वजह है कि कई लोग इसे सुरक्षित विकल्प समझ लेते हैं।
असल नुकसान बकाया रकम पर शुरू होता
मिनिमम ड्यू भरने के बाद बची हुई राशि अगले बिलिंग साइकिल में चली जाती है। इस रकम पर बैंक ऊंची ब्याज दर से ब्याज वसूलते हैं, जो कई अन्य प्रकार के लोन से कहीं अधिक होती है। अगर हर महीने सिर्फ मिनिमम ड्यू भरते रहे तो ब्याज लगातार बढ़ता जाएगा और कर्ज तेजी से बढ़ सकता है।
क्रेडिट यूटिलाइजेशन भी बढ़ाता है जोखिम
बैंक और वित्तीय संस्थान सिर्फ समय पर भुगतान ही नहीं देखते, बल्कि यह भी देखते हैं कि आपने अपनी कुल क्रेडिट लिमिट का कितना हिस्सा इस्तेमाल किया है। यदि लंबे समय तक बकाया राशि ज्यादा रहती है तो क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो बढ़ जाता है। इससे भविष्य में आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है।
कर्ज चुकाने में लग सकता है लंबा समय
मिनिमम ड्यू का उद्देश्य आपका खाता सक्रिय रखना है, न कि कर्ज जल्दी खत्म करना। हर महीने मूल रकम का छोटा हिस्सा ही चुकता होता है, जबकि ब्याज लगातार जुड़ता रहता है। ऐसे में पूरा बकाया चुकाने में कई महीने या साल भी लग सकते हैं।
कब करें इसका इस्तेमाल
- मेडिकल इमरजेंसी या अचानक आर्थिक परेशानी में ही मिनिमम ड्यू का विकल्प चुनें।
- इसे नियमित भुगतान का तरीका न बनाएं।
- कोशिश करें कि हर महीने पूरा क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुका दें।
- इससे ब्याज नहीं लगेगा और क्रेडिट प्रोफाइल भी मजबूत बनी रहेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, क्रेडिट कार्ड को उधार लेने का नहीं बल्कि भुगतान का माध्यम मानकर इस्तेमाल करना बेहतर होता है। मिनिमम ड्यू सिर्फ डिफॉल्ट से बचाने का विकल्प है, सस्ता कर्ज नहीं। इसलिए इसे अंतिम विकल्प के रूप में ही अपनाना समझदारी है।
(प्रियंका कुमारी)
पैकेज्ड फूड उत्पादों की लेबलिंग और विज्ञापन नियमों पर एफएसएसएआई ने आयोजित किया प्रशिक्षण कार्यक्रम, उपभोक्ता जागरूकता और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शुक्रवार को बताया कि उसने खाद्य कारोबार संचालकों (एफबीओ) के लिए खाद्य उत्पादों की लेबलिंग, डिस्प्ले, विज्ञापन और दावों से जुड़े नियमों पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। यह प्रशिक्षण सत्र ऐसे समय में की गई है जब पैकेज्ड फूड उत्पादों पर पोषण संबंधी जानकारी और वार्निंग लेबल को लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य और उपभोक्ता जागरूकता पर व्यापक चर्चा चल रही है और एफएसएसएआई देश भर में खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को लेकर खाद्य व्यवसाय संचालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है।
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