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इंडोनेशिया में भूकंप से तबाही: 68 पहुंची मरने वालों की संख्या, हजारों लोग राहत के इंतजार में

इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में आए विनाशकारी भूकंप ने कम से कम 68 लोगों की जान ले ली है. हजारों लोग अभी भी राहत सामग्री के इंतजार में हैं, जबकि सैकड़ों घर तबाह हो चुके हैं.

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ट्रांसफर नीति पर घिरी सरकार, पटना हाईकोर्ट का सख्त रुख; शिक्षकों के तबादले पर फिलहाल ब्रेक

Bihar Teacher Transfer: बिहार के सरकारी स्कूलों में सरप्लस के आधार पर शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन के मामले में पटना हाईकोर्ट ने बहुत बड़ा और अहम अंतरिम फैसला सुनाया है. अदालत ने इस पूरी प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए वर्तमान में यथास्थिति यानी स्टेटस क्वो बनाए रखने का स्पष्ट निर्देश दिया है. हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब अगले आदेश तक किसी भी ऐसे शिक्षक का तबादला नहीं किया जा सकेगा, जो सरप्लस नीति के तहत प्रभावित हो रहे थे. इसका सीधा अर्थ यह है कि संबंधित सभी शिक्षक बिना किसी बाधा के अपने वर्तमान स्कूलों और कार्यस्थलों पर पहले की तरह ही अध्यापन कार्य करते रहेंगे.

अदालत में सरकार की नीति पर उठे गंभीर सवाल

यह पूरा मामला पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अजीत कुमार की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया था. नरेंद्र कुमार नंद और अन्य शिक्षकों की तरफ से दायर की गई रिट याचिका पर अदालत ने विस्तार से सुनवाई की. याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ललित किशोर और अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार ने अदालत के सामने मजबूती से पक्ष रखा. वकीलों ने कोर्ट को बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा सरप्लस शिक्षकों की पहचान करने और उनके तबादले की जो रूपरेखा तैयार की गई है, उसमें बहुत सारी खामियां और विसंगतियां हैं.

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को स्पष्ट रूप से बताया गया कि इस अव्यवहारिक व्यवस्था से प्रदेश भर के हजारों शिक्षक सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं. अचानक बिना ठोस आधार के शिक्षकों को उनके वर्तमान पदस्थापन से हटाए जाने के कारण उनके सामने भारी पारिवारिक और मानसिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं. अधिवक्ताओं ने अदालत के सामने दलील दी कि स्थानांतरण के लिए जो मापदंड अपनाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से पारदर्शी नहीं हैं. इसके चलते पूरे शिक्षक समुदाय में गहरा असंतोष और रोष देखने को मिल रहा है.

हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश का सीधा प्रभाव

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश की गई तमाम दलीलों और तथ्यों पर गंभीरता से विचार करने के बाद अदालत ने राज्य सरकार के रुख पर सवाल उठाए और मामले में अंतरिम रोक का फैसला सुनाया. कोर्ट ने साफ कर दिया कि जब तक इस मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती और कोई नया निर्देश नहीं आता, तब तक शिक्षकों की वर्तमान तैनाती में किसी भी प्रकार का फेरबदल नहीं किया जाएगा. विभाग द्वारा शुरू की गई या प्रस्तावित स्थानांतरण की पूरी कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया गया है.

हाईकोर्ट के इस फैसले को उन तमाम शिक्षकों के लिए एक बहुत बड़ी संजीवनी और राहत के रूप में देखा जा रहा है, जो अनचाहे तबादले के डर से परेशान थे. हालांकि, यह अदालत का अंतिम फैसला नहीं है, बल्कि एक अंतरिम व्यवस्था है ताकि किसी शिक्षक के साथ अन्याय न हो सके. अदालत ने इस पूरे विवाद पर राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है और चार सप्ताह के भीतर अपना विस्तृत जवाबी हलफनामा कोर्ट में पेश करने का कड़ा निर्देश दिया है.

तबादला नीति के मानकों पर जताई गई थी आपत्ति

मामले की सुनवाई के दौरान वकीलों ने इस बात को प्रमुखता से उठाया कि किसी भी स्कूल में शिक्षकों को सरप्लस घोषित करने का पैमाना तर्कसंगत होना चाहिए. याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि जमीनी हकीकत और स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात की सही पड़ताल किए बिना ही मनमाने तरीके से तबादले की सूची तैयार की जा रही थी. अगर इस तरह से शिक्षकों को हटाया जाएगा, तो इससे न केवल शिक्षकों के निजी जीवन पर असर पड़ेगा, बल्कि स्कूलों की पूरी पठन-पाठन व्यवस्था भी बुरी तरह चरमरा जाएगी. इन्हीं चिंताओं को देखते हुए अदालत से तुरंत दखल देने की गुहार लगाई गई थी.

चार हफ्ते बाद होगी अगली महत्वपूर्ण सुनवाई

पटना हाईकोर्ट ने अब गेंद राज्य सरकार के पाले में डाल दी है. चार सप्ताह के भीतर सरकार को यह बताना होगा कि सरप्लस शिक्षकों के निर्धारण और उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया किस आधार पर तय की गई थी. सरकार का जवाबी हलफनामा आने के बाद ही हाईकोर्ट इस मामले के सभी कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर अंतिम रूप से विचार करेगा. तब तक के लिए शिक्षकों को मिली यह राहत बरकरार रहेगी और कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उनके वर्तमान पदस्थापन में बदलाव नहीं कर सकेगा.

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  Sports

पाकिस्तान में अक्टूबर से क्रिकेट का घमासान, श्रीलंका और इंग्लैंड के साथ खेलेगा त्रिकोणीय श्रृंखला

पाकिस्तान में अक्टूबर से क्रिकेट का एक्शन तेज होने वाला है। पाकिस्तान, श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच तीन देशों की एकदिवसीय श्रृंखला खेली जाएगी, जिसे अगले साल होने वाले विश्व कप की तैयारी के लिहाज से अहम माना जा रहा है। तीनों टीमें पहले ही विश्व चैंपियन रह चुकी हैं और ऐसे में इस श्रृंखला में कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

मौजूद जानकारी के मुताबिक, श्रृंखला की शुरुआत 18 अक्टूबर को रावलपिंडी में पाकिस्तान और श्रीलंका के मुकाबले से होगी। इसके बाद 20 अक्टूबर को पाकिस्तान और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। 22 अक्टूबर को श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच मुकाबला होगा। शुरुआती तीनों मैच रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे।

इसके बाद मुकाबले लाहौर पहुंचेंगे। 25 अक्टूबर को पाकिस्तान और इंग्लैंड, 27 अक्टूबर को पाकिस्तान और श्रीलंका तथा 29 अक्टूबर को श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच मुकाबला होगा। श्रृंखला का फाइनल 31 अक्टूबर को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला जाएगा।

गौरतलब है कि तीन देशों की यह श्रृंखला अगले साल होने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। टीमों के पास अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी संयोजन को परखने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को मौका देने का भी अवसर रहेगा।

एकदिवसीय श्रृंखला से पहले पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच तीन मैचों की टी20 श्रृंखला भी खेली जाएगी। इसके मुकाबले 9, 11 और 13 अक्टूबर को रावलपिंडी में होंगे। दोनों टीमें इससे पहले 2026 के टी20 विश्व कप में भी आमने-सामने हुई थीं, जहां मुकाबला काफी रोमांचक रहा था।

इसके बाद दोनों देशों के बीच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। पहला टेस्ट 9 से 13 नवंबर तक रावलपिंडी में होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 17 से 21 नवंबर तक लाहौर में खेला जाएगा। इससे पहले 4 से 6 नवंबर तक इस्लामाबाद में तीन दिवसीय अभ्यास मुकाबला भी प्रस्तावित है।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो श्रीलंका छठे स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान आठवें स्थान पर है। पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछली टेस्ट श्रृंखला 1-1 से बराबर की थी। वहीं श्रीलंका को भारत के खिलाफ मौजूदा दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले मुकाबले में गाले में 165 रन से हार का सामना करना पड़ा है।

बता दें कि पाकिस्तान इस समय इंग्लैंड के दौरे पर तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेल रहा है, जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है। ऐसे में अक्टूबर-नवंबर का घरेलू कार्यक्रम पाकिस्तान के लिए लगातार क्रिकेट और अपनी टीम को मजबूत करने का बड़ा मौका होगा। श्रीलंका के लिए भी यह दौरा खास होगा, क्योंकि उसे भारत के खिलाफ मौजूदा चुनौती के बाद पाकिस्तान में तीनों प्रारूपों में खुद को साबित करना है।
Wed, 19 Aug 2026 22:51:00 +0530

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