भारत में बेरोजगारी दर को लेकर राहत, जुलाई में घटकर 5.1 प्रतिशत रही
भारत में बेरोजगारी दर 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में जुलाई में कम होकर 5.1 प्रतिशत हो गई है. इसमें सालाना आधार और मासिक आधार दोनों में गिरावट देखी गई है. यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी डेटा में दी गई.
मंत्रालय की ओर से जारी डेटा में कहा गया कि जुलाई 2026 में पुरुषों और महिलाओं दोनों की बेरोजगारी दर पिछले महीने की तुलना में कम हुई, जिससे पता चलता है कि दोनों ही वर्गों के लिए रोजगार की स्थितियों में सुधार हुआ है.
ग्रामीण इलाकों में, जुलाई 2026 में बेरोजगारी दर पिछले महीने के 5 प्रतिशत से घटकर तेजी से 4.5 प्रतिशत हो गई. इसी दौरान, शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर 6.6 प्रतिशत के मुकाबले लगभग स्थिर रही और 6.7 प्रतिशत पर बनी रही.
जुलाई 2025 की तुलना में, जुलाई 2026 में कुल बेरोजगारी दर और ग्रामीण बेरोजगारी दर मोटे तौर पर स्थिर रही, जबकि शहरी बेरोजगारी दर जुलाई 2025 के 7.2 प्रतिशत से 0.5 प्रतिशत अंक घटकर जुलाई 2026 में 6.7 प्रतिशत हो गई.
कुल श्रम बल भागीदारी दर (एसएफपीआर) 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में जुलाई 2026 में बढ़कर 55.4 प्रतिशत हो गई है, जो कि जून 2026 में 54.4 प्रतिशत थी.
ग्रामीण इलाकों में एलएफपीआर (15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में) पिछले महीने के मुकाबले 1.4 प्रतिशत बढ़कर जुलाई 2026 में 58 प्रतिशत हो गई है. वहीं, शहरी इलाकों में एलएफपीआर जून 2026 के 50.1 प्रतिशत से बढ़कर 50.4 प्रतिशत हो गया है.
15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग की महिलाओं में एलएफपीआर जुलाई 2026 में बढ़कर 34.4 प्रतिशत हो गया है, जो कि पिछले महीने के मुकाबले 1.7 प्रतिशत अधिक है. जून में यह आंकड़ा 32.7 प्रतिशत पर था.
आंकड़ों के मुताबिक, कुल कामगार जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में जुलाई 2026 में बढ़कर 52.5 प्रतिशत हो गया है. फरवरी 2026 के बाद यह पहला मौका है, जब डब्ल्यूपीआर में इजाफा देखा गया है. इससे पहले जून 2026 में डब्ल्यूपीआर 51.4 प्रतिशत था.
ग्रामीण इलाकों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में डब्ल्यूपीआर जुलाई में 55.4 प्रतिशत रहा है. इसमें जून 2026 के मुकाबले 1.6 प्रतिशत और जुलाई 2026 के मुकाबले एक प्रतिशत का इजाफा हुआ है.
खास बात यह है कि ग्रामीण महिलाओं का डब्ल्यूपीआर जून 2026 में 34.7 प्रतिशत से 2.5 प्रतिशत अंक बढ़कर जुलाई 2026 में 37.2 प्रतिशत हो गया और इसी दौरान शहरी महिलाओं का डब्ल्यूपीआर 22.7 प्रतिशत से बढ़कर 23.1 प्रतिशत हो गया. इसी दौरान शहरी इलाकों में डब्ल्यूपीआर मामूली रूप से बढ़कर 46.8 प्रतिशत से 47.0 प्रतिशत हो गया.
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(DISCLAIMER: हेडिंग, समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
Explainer: गॉल टेस्ट में अब बचे हैं सिर्फ 2 दिन, टीम इंडिया को कैसे मिलेगी जीत?
IND vs SL: भारतीय टीम के लिए गॉल टेस्ट का तीसरा दिन पूरी तरह से उनके नाम रहा, जहां शानदार गेंदबाजी के दम पर भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की पहली पारी को सिर्फ 284 रनों पर समेटकर 178 रनों की विशाल और मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल कर ली. बारिश की वजह से तीसरे दिन का खेल जल्दी खत्म कर दिया गया. अब खेल के चौथे दिन टीम इंडिया अपनी दूसरी पारी की शुरुआत करेगी. इस मजबूत स्थिति के बाद अब लगभग गॉल टेस्ट टीम इंडिया की मुट्ठी में आ चुका है. अब चौथे दिन टीम इंडिया क्या रणनीति अपनाएगी, वह श्रीलंका के सामने कितना टारगेट रखेगी और जीत का समीकरण कैसे तैयार होगा, चलिए इस आर्टिकल में समझने की कोशिश करते हैं.
178 रनों की बढ़त का मनोवैज्ञानिक महत्व
टेस्ट क्रिकेट में उपमहाद्वीप की पिचों पर पहली पारी में 150 से अधिक रनों की लीड मैच में बेहद निर्णायक साबित होती है. टीम इंडिया के 462 रनों के जवाब में श्रीलंकाई टीम दबाव नहीं झेल सकी और सिर्फ 284 रनों पर ही सिमट गई. भारत की इस बढ़त ने श्रीलंका को पूरी तरह से रक्षात्मक मोड में डाल दिया है, क्योंकि वे जानते हैं कि चौथी पारी में इस पिच पर बल्लेबाजी करना किसी नरक से कम नहीं होगा.
Innings Break!
— BCCI (@BCCI) August 17, 2026
Sri Lanka are all-out for 2⃣8⃣4⃣
4⃣ wickets for Manav Suthar
3⃣ wickets for Ravindra Jadeja
1⃣ wicket each for Mohammed Siraj, Prasidh Krishna and Kuldeep Yadav
Scorecard ▶️ https://t.co/M9LVyCAp8y#TeamIndia | #SLvIND pic.twitter.com/kOzprMVVsZ
गॉल टेस्ट के चौथे दिन क्या होगा भारत का बैटिंग प्लान?
गॉल टेस्ट के चौथे दिन जब भारतीय टीम की पारी शुरू होगी और सलामी बल्लेबाज क्रीज पर उतरेंगे, तो उनका इरादा मैच को श्रीलंका की पहुंच से पूरी तरह बाहर करने का होगा. टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज पिच के बर्ताव को भांपते हुए तेजी से रन बनाने की कोशिश करेंगे ताकि श्रीलंका को खेल में वापसी करने का कोई मौका न दें. भारतीय टीम का पहला टारगेट होगा कि अपनी इस 178 रनों की बढ़त को जल्द से जल्द 450 के पार ले जाएं और फिर पारी घोषित कर श्रीलंका के सामने एक बड़ा लक्ष्य रखें.
कब घोषित होगी दूसरी पारी?
भारतीय कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर के सामने सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि श्रीलंका को चौथी पारी में बल्लेबाजी के लिए कब आमंत्रित किया जाए. चौथे और पांचवें दिन गॉल की टूटती पिच पर 400+ का लक्ष्य हासिल करना नामुमकिन जैसा है. भारत दूसरी पारी में 220 से 250 रन बनाकर पारी घोषित कर श्रीलंका के सामने 400+ का टारगेट रख सकता है. भारत चौथे दिन के आखिरी सत्र या पांचवें दिन की शुरुआत में श्रीलंका को बल्लेबाजी के लिए बुला सकता है, जिससे भारतीय स्पिनरों को विकेट निकालने के लिए कम से कम 100-120 ओवर मिल सकें.
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