एक बहन पानी में दिखा रही दम, दूसरी कराटे में बरसा रही पंच, जोधपुर की दो बहनें लिख रहीं सफलता की इबारत
Jodhpur Sisters Success Story: जोधपुर की शिवांजना और मनुश्री की कहानी बहनों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और एक-दूसरे से सीखने की मिसाल है. बड़ी बहन शिवांजना तैराकी में 32 मेडल जीतकर राष्ट्रीय स्तर की तैयारी कर रही हैं. उनका सपना ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है. छोटी बहन मनुश्री ने शिवांजना से कराटे सीखा और इसे खेल के साथ आत्मरक्षा का जरिया बनाया. वह 15 मेडल जीत चुकी हैं और हाल ही में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम किया. मनुश्री लड़कियों के लिए सेल्फ डिफेंस को जरूरी मानती हैं. दोनों बहनों की सफलता में परिवार का लगातार प्रोत्साहन और संस्कार अहम रहे हैं. दादा धर्माराम चौधरी और पुखराज चौधरी की समाजसेवा की विरासत को परिवार आगे बढ़ा रहा है, वहीं दोनों बेटियां खेल उपलब्धियों से परिवार और शहर का नाम रोशन कर रही हैं.
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