देव आनंद का वो रोमांटिक गाना, जिसे सुनकर आज भी जाग उठती है प्यार की पुरानी यादें
कुछ गाने वक्त के साथ पुराने नहीं होते, बल्कि हर पीढ़ी के साथ और खास हो जाते हैं. ‘ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत’ भी ऐसा ही सदाबहार गीत है, जिसकी मिठास आज भी बरकरार है. साल 1965 में आई फिल्म ‘तीन देवियां’ के इस गाने में देव आनंद और सिमी गरेवाल की रोमांटिक केमिस्ट्री नजर आई. किशोर कुमार की दिलकश आवाज और संगीत ने इस खूबसूरत एहसास को यादगार बना दिया. गाने के बोल सुनते ही ऐसा लगता है जैसे कोई आशिक अपनी मोहब्बत के सामने खड़ा होकर खुद से ही सवाल कर रहा हो. देव आनंद का खास रोमांटिक अंदाज और किशोर कुमार की आवाज का जादू मिलकर इस गीत को हिंदी सिनेमा के उन गानों में शामिल करते हैं, जिन्हें आज भी सुनने का मन करता है.
इस गाने ने 19 साल बाद फिर छेड़ी मोहब्बत की टीस, पुराने आशिकों के जख्म फिर हुए हरे, जो बना कल्ट एंथम
कुछ गाने सिर्फ सुने नहीं जाते, बल्कि दिल में उतर जाते हैं. 19 साल पहले आई फिल्म ‘अवारापन’ का ‘तो फिर आओ’ भी ऐसा ही गाना था, जिसने सालों पहले अधूरी मोहब्बत और जुदाई के दर्द को आवाज दी थी. अब इसी पुराने जादू को नए अंदाज में वापस लाया गया है. ‘अवारापन 2’ में ‘तो फिर आओ 2.0 (दोबारा)’ सुनने को मिल रहा है. गाने की आवाज एक बार फिर मुस्तफा जाहिद की है, जबकि इसके बोल सईद कादरी ने लिखे हैं. नया वर्जन सामने आते ही पुराने गाने से जुड़ी यादें ताजा हो गई हैं. खासकर उन आशिकों के लिए, जिन्होंने कभी किसी अपने के लौट आने का इंतजार किया है, ये गाना एक बार फिर दिल की वही पुरानी कहानी छेड़ता नजर आता है.
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