इस गाने ने 19 साल बाद फिर छेड़ी मोहब्बत की टीस, पुराने आशिकों के जख्म फिर हुए हरे, जो बना कल्ट एंथम
कुछ गाने सिर्फ सुने नहीं जाते, बल्कि दिल में उतर जाते हैं. 19 साल पहले आई फिल्म ‘अवारापन’ का ‘तो फिर आओ’ भी ऐसा ही गाना था, जिसने सालों पहले अधूरी मोहब्बत और जुदाई के दर्द को आवाज दी थी. अब इसी पुराने जादू को नए अंदाज में वापस लाया गया है. ‘अवारापन 2’ में ‘तो फिर आओ 2.0 (दोबारा)’ सुनने को मिल रहा है. गाने की आवाज एक बार फिर मुस्तफा जाहिद की है, जबकि इसके बोल सईद कादरी ने लिखे हैं. नया वर्जन सामने आते ही पुराने गाने से जुड़ी यादें ताजा हो गई हैं. खासकर उन आशिकों के लिए, जिन्होंने कभी किसी अपने के लौट आने का इंतजार किया है, ये गाना एक बार फिर दिल की वही पुरानी कहानी छेड़ता नजर आता है.
1 रियल स्टोरी पर मेकर्स ने बना डाली 6 अलग-अलग फिल्में, 3 एक ही महीने में हुईं रिलीज, 2 के बीच हुआ बड़ा क्लैश
भारत की आजादी की लड़ाई में शहीद भगत सिंह का नाम एक ऐसी मशाल है, जिसकी चमक सिल्वर स्क्रीन पर कभी कम नहीं हुई. सिर्फ 23 साल की उम्र में देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले इस महान क्रांतिकारी के आदर्श और साहस का इतना असर था कि फिल्ममेकर्स ने उनकी जिंदगी पर 6 अलग-अलग फिल्में बनाईं. इस सिनेमाई सफर का सबसे अनोखा चैप्टर 2002 में लिखा गया, जब एक ही महीने में तीन फिल्में थिएटर में आईं और दो फिल्में एक ही दिन बॉक्स ऑफिस पर सीधे क्लैश हुईं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18










