'अगर अमेरिकी लाइसेंस मिल जाए तो...', आखिर ट्रंप से कौन सी मदद मांग रहे जेलेंस्की?
US License for Ukraine: यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका से हवाई रक्षा (एयर डिफेंस) में मदद बढ़ाने की अपील की है. उन्होंने अमेरिका से अनुरोध किया कि यूक्रेन को अपने देश में पैट्रियट मिसाइल सिस्टम बनाने का लाइसेंस दिया जाए. जेलेंस्की का कहना है कि इससे रूस के लगातार हो रहे मिसाइल हमलों के बीच यूक्रेन अपनी सुरक्षा और लोगों की जान बचाने की क्षमता को काफी मजबूत कर सकेगा.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली ने रूस के रातभर के हमलों को काफी हद तक नाकाम कर दिया. उन्होंने बताया कि दागी गई सभी 6 कलिब्र क्रूज मिसाइलों को मार गिराया गया, जबकि कुल 33 में से 31 मिसाइलों को भी सफलतापूर्वक रोक लिया गया. जेलेंस्की ने कहा, "जब हमारे पास जरूरी रक्षा उपकरण होते हैं, तो हमारे सैनिक दुश्मन की ज्यादातर मिसाइलों को रोकने में सफल रहते हैं."
क्यों यूक्रेन को है जरुरत?
जेलेंस्की ने इस बात पर जोर दिया कि इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी के कारण यूक्रेन को बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का मुकाबला करने में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, "बैलिस्टिक मिसाइलों की समस्या का एकमात्र कारण है अवरोधक मिसाइलों की अपर्याप्त संख्या। यह बात विशेष रूप से पैट्रियट मिसाइलों के मामले में सच है."
यह भी पढ़ें: 'ईरान को कुछ ही घंटों में नष्ट...', अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच ट्रंप ने दी बड़ी धमकी
अमेरिका से मांगा सहयोग
अमेरिका के साथ अधिक सहयोग का आह्वान करते हुए, जेलेंस्की ने कहा कि यदि यूक्रेन को आवश्यक लाइसेंस दिए जाते हैं तो वह पैट्रियट सिस्टम का निर्माण करने में सक्षम है. उन्होंने कहा, "हम लंबे समय से यह तर्क देते आ रहे हैं कि हम स्वयं ऐसे रक्षात्मक हथियार बनाने में सक्षम हैं. यदि यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइलों के उत्पादन के लिए अमेरिकी लाइसेंस मिल जाते हैं, तो हमारा अपना उत्पादन यूक्रेन की रक्षा करने और जरूरतमंद साझेदारों की मदद करने के लिए पर्याप्त होगा."
जेलेंस्की की प्राथमिकता क्या है?
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता अभी और ज्यादा एयर डिफेंस मिसाइलें हासिल करना है. उन्होंने बताया कि उनकी सरकार उन सभी देशों से लगातार संपर्क में है, जो इस समय यूक्रेन को हवाई रक्षा मिसाइलें उपलब्ध करा सकते हैं.
रूस ने दागी थीं 68 मिसाइलें
इससे पहले जेलेंस्की ने अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों से यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सख्त और तुरंत फैसले लेने की अपील की थी. यह अपील कीव और उसके आसपास रूस के बड़े मिसाइल और ड्रोन हमले के बाद की गई, जिसमें कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई थी. जेलेंस्की के अनुसार, रूस ने हमले के दौरान 68 मिसाइलें और 351 हमलावर ड्रोन दागे, जिससे यूक्रेनी राजधानी में आवासीय भवनों सहित 10 से अधिक स्थानों को नुकसान पहुंचा. उन्होंने कहा था कि यूक्रेनी सेना ने ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया, लेकिन रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए उनके पास पर्याप्त अवरोधक मिसाइलें नहीं थीं.
यह भी पढ़ें: NATO Ankara Summit: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अंकारा समिट के लिए नाटो का तय किया एजेंडा, जेलेंस्की से भी करेंगे मुलाकात
इस समय क्यों अहम है यह मांग
यूक्रेन की यह अपील ऐसे समय में आई है, जब नाटो के सदस्य देश अंकारा में शिखर सम्मेलन के लिए जुटे हैं. बैठक से पहले नाटो महासचिव मार्क रुट्टे ने कहा कि सभी सदस्य देशों को 2035 तक रक्षा पर अपनी जीडीपी का 5% खर्च करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए ठोस और भरोसेमंद योजना पेश करनी होगी.
NATO महासचिव ने लगातार मदद की कही बात
नाटो महासचिव मार्क रुट्टे ने यह भी कहा कि यूक्रेन को लगातार सैन्य मदद मिलती रहनी चाहिए. उनके मुताबिक, सभी सहयोगी देशों को अपना योगदान देना होगा, क्योंकि यूक्रेन की सुरक्षा, नाटो देशों की सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है. उन्होंने बताया कि इस शिखर सम्मेलन में नाटो की रक्षा क्षमता बढ़ाने, हथियारों के उत्पादन में तेजी लाने और रूस के हमलों का सामना कर रहे यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता देने पर खास जोर रहेगा.
Swami Ramdev Health Tips: मानसिक तनाव से लेकर पेट की समस्याओं तक, नौली, अग्निसार और भ्रामरी क्रिया के हैं गजब के फायदे, जानें सही तरीका
Swami Ramdev Health Tips: आजकल की लाइफस्टाइल इतनी ज्यादा खराब हो चुकी है कि लोगों का शरीर धीरे-धीरे बेकार होने लगा है. इसे सही करने के लिए योग और आयुर्वेद की मदद लेनी चाहिए. स्वामी रामदेव ने आज अपने फेसबुक लाइव सेशन में इस बारे में गहन चर्चा की. उन्होंने बताया कि योग कि तीन क्रियाएं हैं, जिन्हें अगर इंसान रोज कुछ-कुछ देर के लिए कर लें तो कब्ज से लेकर पाचन की हर एक समस्या से छुटकारा मिल जाएगा. हाथ-पैर की मांसपेशियों में आ रही कमजोरी दूर हो जाएगी. बदन दुखना बंद हो जाएगा. और मेंटल पीस भी मिलेगा. लेकिन इन्हें पुरी सुरक्षा के साथ और शुरुआत में देखरेख के साथ ही करना चाहिए वरना नुकसान भी हो सकता है. आइए जानते हैं इन क्रियाओं के बारे में विस्तार से.
यहां देखें फेसबुक लाइव
इन 3 क्रियाओं को जरूर करें
1.नौली क्रिया
नौली क्रिया हठ योग की प्राचीन और उन्नत क्रिया होकी है. इसमें आपको सांस रोककर पेट की मांसपेशियों को अलग-अलग दिशाओं में मोड़ना होता है. जैसे की स्वामीरामदेव लाइव वीडियो में करते देखे जा रहे हैं. लाइव सेशन में उनका पेट लहर की तरह घूम रहा है. इससे पेट के अंगों की अंदरूनी मालिश होती है, जिससे पाचन और आंतों की सेहत में सुधार होता है. इसे करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है. कब्ज, गैस और एसिडिटी की समस्या से छुटकारा मिलता है. ये पेट की चर्बी को भी गलाता है. शरीर में ऊर्जा के संचार को बढ़ाता है.
ये भी पढ़ें- Kaai Cleaning Tips: बारिश में छत पर जम गई है काई? बिना महंगे केमिकल इन 5 घरेलू उपायों से करें मिनटों में साफ
2.अग्निसार क्रिया
स्वामी रामदेव बताते हैं कि यह भी हठ योग की एक शक्तिशाली क्रिया होती है, जो पेट की शुद्धि करती है. इससे पाचन अग्नि शांत होती है. इसे हमेशा सुबह खाली पेट या शौच के बाद करना चाहिए. शुरुआत दिनों में आप इसे पद्मासन में बैठकर कर सकते हैं. इसे करने के लिए आप बैठ सकते हैं या फिर खड़े हो सकते हैं. इसके बाद दोनों कंधों को आगे की तरफ करके अपने घुटनों को पकड़ें. इसके बाद गहरी सांस अंदर लें. अब पूरी ताकत के साथ सांस को नाक के रास्ते ही बार निकाले. ऐसा आपको 10 से 20 बार करना होता है. इस क्रिया को करने से पेट की मांसपेशियां मजूबत होती है. पेट की छोटी-बड़ी आंतों को भी शांति मिलती है. नियमित अभ्यास करने से पेट की अतिरिक्त चर्बी कम होती है. खाना पचाने में आसानी होती है. यह आंतरिक अंगों के रक्त संचार को भी सुधारता है. इससे शररी में ब्लड सर्कुलेशन इंप्रूव होता है.
3.भ्रामरी क्रिया
भ्रामरी प्राणायाम एक बेहद प्रभावी श्वास तकनीक है. स्वामी रामदेव बताते हैं कि इसे करने से मन को तुरंत शांत मिलती है. अनिद्रा की समस्या दूर होती है. इसे करने के लिए सबसे पहले किसी शांत स्थान पर बैठे. इसके बाद आंखों को बंद करें. अब दोनों हाथों के अंगूठों की मदद से अपने कानों को बंद करें. इंडेक्स फिंगर को माथे पर रखें, मध्यमा उंगली को आंखों पर रखें, अनामिका और कनिष्ठिका उंगली को नाक के पास रखें. इससे षण्मुखी मुद्रा बनती है. अब नाक से गहरी सांस अंदर खींचे और बाहर छोड़ें. इस प्रक्रिया को 5 से 15 बार दोहराएं. इस क्रिया का नियमित अभ्यास करने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है. ये तनाव और चिंता को कम करता है. इसे नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है. ये नर्वस सिस्टम के साथ-साथ हार्ट हेल्थ को भी इंप्रूव करता है. यह क्रिया दिमाग को स्थिर करती है.
किन लोगों को नहीं करनी चाहिए ये क्रियाएं
भ्रामरी क्रिया हाई बीपी के मरीजों, गंभीर हार्ट डिजीज और मिर्गी के रोगियों के लिए बिल्कुल सेफ नहीं है. गर्भावस्था और पीरियड्स में भी इस क्रिया को नहीं करना चाहिए. वहीं अग्निसार क्रिया को भी गर्भावस्था में करने से बचना चाहिए और किसी के पेट से जुड़ा कोई बड़ा ऑपरेशन हुआ हो. नौली क्रिया उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, हर्निया, पेट या आंतों के अल्सर, पित्ताशय की पथरी, गंभीर कब्ज से पीड़ित लोगों और हाल ही में पेट की सर्जरी कराने वालों व्यक्तियों के लिए सुरक्षित नहीं होती है.
ये भी पढ़ें- Giloy Amla Juice Benefits: रोज सुबह पिएं गिलोय-आंवला जूस, शरीर को मिलेंगे कई जबरदस्त स्वास्थ्य लाभ, जानिए इसके फायदे
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation



















