सोशल मीडिया का असर, छात्रों में हार्मोन बिगाड़ने वाले प्रोडक्ट का बढ़ा उपयोग : रिसर्च
नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। सोशल मीडिया आज सिर्फ मनोरंजन या दोस्तों से जुड़े रहने का जरिया नहीं रह गया है। खासकर किशोरों की रोजमर्रा की दिनचर्या का एक अहम हिस्सा बन गया है। अब एक नई रिसर्च ने सोशल मीडिया के एक और पहलू पर ध्यान खींचा है। अमेरिका में हुई इस स्टडी के मुताबिक, जो हाई स्कूल के छात्र सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताते हैं और ब्यूटी, हेयर केयर या मेकअप से जुड़ा कंटेंट ज्यादा देखते हैं, वे पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स का भी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। चिंता की बात यह है कि इनमें से कुछ प्रोडक्ट्स में ऐसे केमिकल हो सकते हैं जो शरीर के हार्मोन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं।
यह रिसर्च अमेरिका के रटगर्स विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने की है और इसे जर्नल ऑफ एक्सपोजर साइंस एंड एनवायर्नमेंटल एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित किया गया है। अध्ययन में न्यू जर्सी के प्रिंसटन हाई स्कूल के 143 छात्रों को शामिल किया गया। छात्रों से पूछा गया कि उन्होंने पिछले 24 घंटे में साबुन, शैंपू, डियोड्रेंट, परफ्यूम, सनस्क्रीन, स्किन केयर और मेकअप जैसे कितने पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल किए।
रिसर्च में सामने आया कि सोशल मीडिया और ब्यूटी कंटेंट का इस्तेमाल जितना ज्यादा था, प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी उतना ही ज्यादा था। जिन छात्रों ने ऐसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को फॉलो किया था जिनकी अपनी प्रोडक्ट लाइन थी, उन्होंने पिछले 24 घंटे में औसतन 30 फीसदी ज्यादा प्रोडक्ट्स इस्तेमाल किए। वहीं, जो छात्र हेयर या ब्यूटी ट्यूटोरियल देखते थे, उनके बीच प्रोडक्ट इस्तेमाल करीब 40 फीसदी ज्यादा पाया गया। शोधकर्ताओं ने उम्र, जेंडर, कक्षा, जातीयता और माता-पिता की शिक्षा जैसे कई दूसरे कारकों को ध्यान में रखने के बाद भी यह संबंध देखा।
इस स्टडी की खास बात यह भी है कि इसमें हाई स्कूल के दो छात्रों, गैब्रिएल कपुटा और वीटा मॉस-वांग ने भी रिसर्च टीम के साथ काम किया। उन्होंने सर्वे तैयार करने में मदद की और सुझाव दिया कि इसमें छात्रों के सोशल मीडिया इस्तेमाल से जुड़े सवाल भी शामिल किए जाएं। बाद में दोनों इस वैज्ञानिक पेपर के सह-लेखक भी बने।
रिसर्च की प्रमुख लेखिका एमिली बैरेट के मुताबिक, सोशल मीडिया इस अध्ययन का सबसे दिलचस्प हिस्सा रहा। आमतौर पर सोशल मीडिया के बच्चों पर मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े असर की चर्चा होती है, लेकिन यह अध्ययन एक दूसरी चिंता की तरफ इशारा करता है। सोशल मीडिया किशोरों को ऐसे पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित कर सकता है जिनमें संभावित रूप से हार्मोन को प्रभावित करने वाले केमिकल मौजूद हो सकते हैं।
पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं। साबुन, टूथपेस्ट, शैंपू, डियोड्रेंट, सनस्क्रीन, परफ्यूम, स्किन केयर और मेकअप जैसी चीजें लगभग हर घर में इस्तेमाल होती हैं। कुछ उत्पादों में फ्थैलेट्स, पैराबेन्स और फेनॉल्स जैसे केमिकल पाए जा सकते हैं। इनमें से कुछ रसायनों को हार्मोन सिग्नलिंग पर संभावित असर और कुछ स्वास्थ्य जोखिमों से जोड़ा गया है। हालांकि, किसी प्रोडक्ट में किसी रसायन की मौजूदगी का मतलब यह नहीं है कि उसके इस्तेमाल से निश्चित रूप से बीमारी होगी। जोखिम को समझने के लिए एक्सपोजर की मात्रा और लंबे समय के प्रभावों पर और रिसर्च जरूरी है।
स्टडी में लड़कियों और लड़कों के इस्तेमाल में भी काफी अंतर दिखा। लड़कियों ने पिछले दिन औसतन 14 पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने की जानकारी दी, जो लड़कों की तुलना में करीब दोगुना था। करीब 57 फीसदी छात्रों ने पिछले 24 घंटे में फ्रेगरेंस या परफ्यूम इस्तेमाल किया था।
सबसे चिंता वाली बात यह सामने आई कि ज्यादातर किशोर इन प्रोडक्ट्स में मौजूद सामग्री को लेकर बहुत ज्यादा सावधान नहीं थे। सिर्फ 19 फीसदी छात्र नियमित रूप से प्रोडक्ट के लेबल पढ़ते थे, जबकि केवल 5 फीसदी ऐसे ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करते थे जो अपेक्षाकृत सुरक्षित प्रोडक्ट चुनने में मदद करती हैं।
यानी समस्या सिर्फ यह नहीं है कि किशोर कितने प्रोडक्ट इस्तेमाल कर रहे हैं, बल्कि यह भी है कि उन्हें इन प्रोडक्ट्स के अंदर मौजूद सामग्री के बारे में कितनी जानकारी है। किशोरावस्था वैसे भी शरीर में तेजी से बदलाव का समय होता है। इस दौरान हार्मोन सिस्टम में बड़े बदलाव होते हैं, इसलिए शोधकर्ताओं का मानना है कि इस उम्र में केमिकल एक्सपोजर को कम करने के तरीके समझना महत्वपूर्ण हो सकता है।
अब शोधकर्ता आगे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कौन से सोशल मीडिया अकाउंट, इन्फ्लुएंसर्स और मैसेज किशोरों के प्रोडक्ट चुनने के फैसले को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। भविष्य में बड़े और ज्यादा विविध समूहों पर अध्ययन किए जाने की जरूरत है। शोधकर्ता छात्रों के इस्तेमाल किए गए प्रोडक्ट्स की जानकारी को उनके यूरिन सैंपल में मौजूद केमिकल्स के स्तर से जोड़कर भी देखना चाहते हैं।
--आईएएनएस
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बड़े भाई सलमान खान से भी ज्यादा बूढ़े क्यों दिखने लगे सोहेल खान? एक्टर ने खुद किया खुलासा
Sohail Khan on Weight Loss: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के भाई और एक्टर सोहेल खान (Sohail Khan) इन दिनों चर्चा में चल रहे है, इसकी एक वजह नहीं बल्कि कई वजहे हैं. सबसे बड़ा कारण तो यही है कि वह हाल ही रियलिटी शो अलायंस में नजर आए थे, जहां लोगों ने उनको करीब से जाना और उनका सलमान खान संग खास बॉन्ड भी देखने को मिला था. इतना ही नहीं उस दौरान सोहेल खान का बदला हुआ रूप भी नजर आया. वह पहले के मुकाबले काफी कमजोर और दुबले नजर आए, इतना ही नहीं वह सलमान खान से भी ज्यादा बूढ़े दिखाई दिए. जिसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा देखने को मिली थी कि आखिर क्या वजह है कि वह इतने कमजोर और बूढ़े नजर आ रहे हैं. इन सब बातों को लेकर एक्टर ने खुद खुलासा किया है. आइए जानते हैं.
अलायंस में सोहेल को फैंस ने किया था सपोर्ट
जब सोहेल खान ने अलायंस में हिस्सा लेने का ऐलान किया था, तो उनके फैंस काफी एक्साइटेड दिखे थे. फैंस उन्हें करीब से जानना चाहते थे. जब एक्टर ने शो में एंट्री की तो फैंस का खुशी का ठिकाना नहीं था. इस दौरान उनके कई रूप देखने को मिले थे. शो में उन्होंने दिखाया कि वह कितने शांत और सेंसिटिव और लोगों की परवाह करने वाले इंसान हैं. हालांकि, उन्होंने कुछ मौके पर अपने अंदर का गुस्सा भी दिखाया था. शो में उनका अपनी एक्स वाइफ के साथ ही काफी अच्छा बॉन्ड दिखाई दिया. फैंस ने उनकी जर्नी को खूब इंजॉय किया. हालांकि, उनकी हेल्थ को लेकर भी फैंस चिंतित दिखे थे क्योंकि वह बहुत ज्यादा कमजोर और बूढ़े दिखाई दे रहे थे, ऐसे में इसको तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे थे.
सोहेल खान की हेल्थ को लेकर उठे सवाल
अलायंस में सोहेल खान का आना किसी बड़े फैसले से कम नहीं था क्योंकि इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी कि सलमान खान के परिवार से कोई रियलिटी में कंटेस्टेंट के रूप में नजर आ सकता है. शो में उनकी पर्सनैलिटी के साथ-साथ उनकी हेल्थ को लेकर सबसे ज्यादा सवाल उठे क्योंकि वह बहुत ज्यादा कमजोर दिखे थे. अब एक्टर ने इन्हीं सब बातों को लेकर खुलासा किया है कि वह इतने कमजोर और बदले हुए क्यों नजर आए थे. उनके मुताबिक, जब वह अलायंस के घर में थे, उसके पहले ही हफ्ते में उनकी पेट से जुड़ी बीमारी बढ़ गई थी, जिसकी वजह से उन्हें कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा.
यहां पर एक बात साफ कर दें कि सोहेल खान ने सीधे तौर पर अपने लुक यानी बूढ़ें होने जैसे सवाल का जवाब नहीं दिया लेकिन उन्होंने इतना जरूर स्पष्ट किया है कि उनका वजह कैसे घटा था. यानी उनके इससे समझा जा सकता है कि पेट की बीमारी की वजह से उनका वजन घट गया, जिसका असर उनके लुक पर साफ देखने को मिला.
12 किलो वजन कम होने और बदले हुए रूप को लेकर किया खुलासा
सोहेल खान ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया कि अलायंस के शुरू के हफ्ते उनके लिए बहुत मुश्किल भरे थे और वह बीमार पड़ गए थे. उन्होंने कहा, 'शुरुआती कुछ दिनों में मुझे थोड़ी घबराहट हो गई थी क्योंकि मैं पहली बार किसी रियलिटी शो का हिस्सा बना था. घर में घुसने के पहले ही हफ्ते में पेट की तकलीफ (Stomach Bug) ने मेरी परेशानी और बढ़ा दी.' सोहेल ने साफ किया कि उन्होंने ओजेम्पिक और फैट बर्नर्स के जरिए वजन नहीं घटाया. उन्होंने कहा कि शो में घरवालों ने उनका काफी ख्याल रखा, जिसकी वजह से वह पांच हफ्ते तक और शो में रुक पाए.
शो से कमाया लोगों का प्यार
सोहेल ने कहा, 'मुझे बस अपने खान-पान पर कंट्रोल करने की जरूरत थी क्योंकि मैं उन चैलेंजेस का हिस्सा बने रहना चाहता था और आखिरी दिन तक और अब पूरी लाइफ के लिए अपनी नई फैमिली और दोस्तों के साथ रहना चाहता था. इसलिए न ओजेम्पिक, न फैट बर्नर, मैं तो बस सबसे ढेर सारा प्यार और अपनापन ले रहा हूं.'
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