Dhoot Transmission Share Listing: 74 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद शानदार प्रीमियम पर हुई लिस्टिंग, बाय-सेल या होल्ड करें?
Dhoot Transmission Share Listing: ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी धूत ट्रांसमिशन के शेयर सोमवार को स्टॉक एक्सचेंज पर अच्छे प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए. कंपनी के IPO को 74.21 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था. NSE पर शेयर ₹1,200 प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए, जो 37.77% का प्रीमियम था. ₹3,067 करोड़ का यह इश्यू ₹829-871 प्रति शेयर के प्राइस बैंड के साथ लॉन्च किया गया था. कंपनी के शेयर BSE पर ₹1,193.80 प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए, जो 37.06% का प्रीमियम था. लिस्टिंग के बाद, कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹24,418.95 करोड़ हो गया. धूत ट्रांसमिशन की मार्केट में एंट्री ग्रे मार्केट की उम्मीदों से बेहतर रही, जहां लगभग 30% लिस्टिंग गेन का अनुमान लगाया गया था.
यह भी पढ़ें- वैश्विक तनावों के बीच लाल निशान में खुला शेयर बाजार, 300 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स
Dhoot Transmission Listing: खरीदें, बेचें या होल्ड करें?
स्वास्तिका इंवेस्टमार्ट में वेल्थ हेड शिवानी न्याति का कहना है कि कंपनी की मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ, वायरिंग हार्नेस सेगमेंट में मजबूत स्थिति और EV सेगमेंट में बढ़ती मौजूदगी से लंबे समय में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है. हालांकि वो क्लाइंट कंसंट्रेशन और काम को पूरा करने से जुड़े जोखिमों पर नजर रखने की जरूरत भी बताती हैं. लंबे समय के लिए पॉजिटिव नजरिया रखते हुए, उन्होंने ₹1,100 के स्टॉप-लॉस के साथ इस स्टॉक को होल्ड करने की सलाह दी है.
कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च और बिजनेस डेवलपमेंट) महेश एम. ओझा का सुझाव है कि शानदार लिस्टिंग के बाद शॉर्ट-टर्म निवेशक आंशिक मुनाफा कमा सकते हैं, जबकि मीडियम से लॉन्ग-टर्म निवेशक कंपनी के बेहतर EV-आधारित प्रोडक्ट मिक्स और कैपेसिटी विस्तार का लाभ उठाने के लिए स्टॉक को होल्ड कर सकते हैं. नए निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे कीमत के स्थिर होने का इंतजार करें और बेहतर वैल्यूएशन पर धीरे-धीरे शेयर जमा करें.
कंपनी जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कहां करेगी?
कंपनी नए इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कुछ बकाया कर्जों को चुकाने या समय से पहले चुकाने (जिसमें कर्ज चुकाने के लिए सब्सिडियरी कंपनियों में निवेश भी शामिल है) और झज्जर (हरियाणा) व होसुर (तमिलनाडु) में नए वायरिंग हार्नेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए करेगी. फंड का एक हिस्सा इनऑर्गेनिक अधिग्रहण और दूसरी रणनीतिक पहलों के लिए भी रखा जाएगा.
कंपनी क्या करती है?
1999 में स्थापित और महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मुख्यालय वाली कंपनी धूत ट्रांसमिशन, वायरिंग हार्नेस, इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और कंट्रोलर, ऑटोमोटिव स्विच, पावर कॉर्ड, केबल, कनेक्टर और टर्मिनल जैसे प्रोडक्ट बनाती है. कंपनी के प्रोडक्ट का इस्तेमाल टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, कमर्शियल व्हीकल, ऑफ-रोड व्हीकल, अर्थमूवर, खेती के उपकरण, मेडिकल डिवाइस और घरेलू उपकरणों में किया जाता है.
यह भी पढ़ें- क्या होते हैं डेट फंड्स, इनमें कैसे होता है निवेश? जानिए इनके फायदे और किन जोखिमों का रखना चाहिए ध्यान
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए दी गई है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी निवेश फैसले से पहले कृपया अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें.
युवा साथियों के हाथों में राष्ट्र निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी, तिरंगा देश के प्रति समर्पण का प्रतीक: CM योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पांच करोड़ घरों में तिरंगा फहराने का महाअभियान देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को नई ऊर्जा दे रहा है. उन्होंने कहा कि यह देखकर मन हर्षित होता है कि तिरंगा अभियान के साथ प्रदेश के युवा और समाज के सभी वर्ग पूरे उत्साह से जुड़ रहे हैं.
संकल्प का कोई विकल्प नहीं रह जाता
मुख्यमंत्री ने अपने एक पत्र में कहा कि जब संकल्प का कोई विकल्प नहीं रह जाता, तभी असंभव लक्ष्य भी सिद्ध हो जाते हैं. स्वतंत्रता दिवस हमें उन वीरों के संकल्पों का स्मरण कराता है, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. बाबू बंधू सिंह, खुदीराम बोस, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह, पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जैसे अमर बलिदानियों ने युवावस्था में ही अपने संकल्प और संघर्ष से राष्ट्र को नई दिशा दी.
किशोरावस्था और युवावस्था जीवन का स्वर्णिम दौर
उन्होंने कहा कि किशोरावस्था और युवावस्था जीवन का स्वर्णिम दौर है. तरुणाई अंगड़ाई लेती है और सपने आकार लेते हैं. व्यक्तित्व का निर्माण होता है तथा कुछ कर गुजरने का संकल्प भी इसी समय दृढ़ होता है. यही समय है जब हमारी ऊर्जा और सामर्थ्य विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सकती है और समाज तथा राष्ट्र के भविष्य को नई दिशा दे सकती है.
देश और दुनिया का मार्गदर्शन किया
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास ऐसे अनेक दृष्टांतों से भरा पड़ा है, जब भारतीय विभूतियों ने उम्र की सीमाओं से परे जाकर देश और दुनिया का मार्गदर्शन किया. आदि शंकराचार्य ने अल्पायु में ही भारत की आध्यात्मिक चेतना को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया. स्वामी विवेकानंद ने भी भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति का संदेश विश्वभर में पहुंचाया. इनका जीवन सिखाता है कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन संकल्प और सामर्थ्य बड़ा होना चाहिए.
साथियों के हाथों में राष्ट्र निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि आज उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और खेल के क्षेत्र में अनेक अवसर उपलब्ध करा रही है. युवाओं को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने संकल्प को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना चाहिए. युवावस्था में अर्जित शिक्षा, अनुशासन, परिश्रम और संस्कार ही व्यक्ति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के भविष्य की आधारशिला बनते हैं. युवा साथियों के हाथों में राष्ट्र निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है. उनकी ऊर्जा, प्रतिभा, अनुशासन और संकल्प से ही विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का लक्ष्य साकार होगा. युवाओं को चाहिए कि वे अपने जीवन का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण से जोड़ें और अपने कार्यों से प्रदेश तथा देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में योगदान दें.
एकता और समरसता का मार्ग अपनाएं
मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे नियमित योग और व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाएं तथा जाति-पांति से ऊपर उठकर एकता और समरसता का मार्ग अपनाएं. युवाओं की शक्ति यदि सही दिशा में आगे बढ़े तो उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को और गति मिल सकती है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, बलिदान, एकता और संकल्प का प्रतीक है. ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक राष्ट्र के प्रति अपने सम्मान और जिम्मेदारी को अभिव्यक्त कर रहा है. यही सामूहिक भावना उत्तर प्रदेश को विकसित और सशक्त प्रदेश बनाने की नींव को मजबूत करेगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation








