युवा साथियों के हाथों में राष्ट्र निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी, तिरंगा देश के प्रति समर्पण का प्रतीक: CM योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पांच करोड़ घरों में तिरंगा फहराने का महाअभियान देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को नई ऊर्जा दे रहा है. उन्होंने कहा कि यह देखकर मन हर्षित होता है कि तिरंगा अभियान के साथ प्रदेश के युवा और समाज के सभी वर्ग पूरे उत्साह से जुड़ रहे हैं.
संकल्प का कोई विकल्प नहीं रह जाता
मुख्यमंत्री ने अपने एक पत्र में कहा कि जब संकल्प का कोई विकल्प नहीं रह जाता, तभी असंभव लक्ष्य भी सिद्ध हो जाते हैं. स्वतंत्रता दिवस हमें उन वीरों के संकल्पों का स्मरण कराता है, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. बाबू बंधू सिंह, खुदीराम बोस, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह, पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जैसे अमर बलिदानियों ने युवावस्था में ही अपने संकल्प और संघर्ष से राष्ट्र को नई दिशा दी.
किशोरावस्था और युवावस्था जीवन का स्वर्णिम दौर
उन्होंने कहा कि किशोरावस्था और युवावस्था जीवन का स्वर्णिम दौर है. तरुणाई अंगड़ाई लेती है और सपने आकार लेते हैं. व्यक्तित्व का निर्माण होता है तथा कुछ कर गुजरने का संकल्प भी इसी समय दृढ़ होता है. यही समय है जब हमारी ऊर्जा और सामर्थ्य विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सकती है और समाज तथा राष्ट्र के भविष्य को नई दिशा दे सकती है.
देश और दुनिया का मार्गदर्शन किया
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास ऐसे अनेक दृष्टांतों से भरा पड़ा है, जब भारतीय विभूतियों ने उम्र की सीमाओं से परे जाकर देश और दुनिया का मार्गदर्शन किया. आदि शंकराचार्य ने अल्पायु में ही भारत की आध्यात्मिक चेतना को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया. स्वामी विवेकानंद ने भी भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति का संदेश विश्वभर में पहुंचाया. इनका जीवन सिखाता है कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन संकल्प और सामर्थ्य बड़ा होना चाहिए.
साथियों के हाथों में राष्ट्र निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि आज उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और खेल के क्षेत्र में अनेक अवसर उपलब्ध करा रही है. युवाओं को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने संकल्प को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना चाहिए. युवावस्था में अर्जित शिक्षा, अनुशासन, परिश्रम और संस्कार ही व्यक्ति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के भविष्य की आधारशिला बनते हैं. युवा साथियों के हाथों में राष्ट्र निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है. उनकी ऊर्जा, प्रतिभा, अनुशासन और संकल्प से ही विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का लक्ष्य साकार होगा. युवाओं को चाहिए कि वे अपने जीवन का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण से जोड़ें और अपने कार्यों से प्रदेश तथा देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में योगदान दें.
एकता और समरसता का मार्ग अपनाएं
मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे नियमित योग और व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाएं तथा जाति-पांति से ऊपर उठकर एकता और समरसता का मार्ग अपनाएं. युवाओं की शक्ति यदि सही दिशा में आगे बढ़े तो उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को और गति मिल सकती है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, बलिदान, एकता और संकल्प का प्रतीक है. ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक राष्ट्र के प्रति अपने सम्मान और जिम्मेदारी को अभिव्यक्त कर रहा है. यही सामूहिक भावना उत्तर प्रदेश को विकसित और सशक्त प्रदेश बनाने की नींव को मजबूत करेगी.
उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर के बाहर भीड़ का दबाव, 13 श्रद्धालु घायल, एक की हालत गंभीर
उज्जैन। सावन के तीसरे सोमवार पर उज्जैन में भगवान महाकाल और नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसी दौरान हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया और अफरा-तफरी मच गई। घटना में 13 श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने स्थिति संभाली। घायल श्रद्धालुओं को बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र से बाहर निकालकर इलाज के लिए उज्जैन जिला अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ श्रद्धालुओं को घबराहट और बेचैनी की शिकायत भी हुई।
जिला अस्पताल में घायलों का इलाज
घायलों को परिजन और सुरक्षाकर्मी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल एक श्रद्धालु पर विशेष निगरानी रखी गई है।
दरअसल, सावन के तीसरे सोमवार के चलते उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के साथ नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में केवल एक बार नागपंचमी के अवसर पर खुलता है। ऐसे में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है।
हरसिद्धि मंदिर के सामने बिगड़ी स्थिति
जानकारी के मुताबिक हरसिद्धि मंदिर के सामने बनाए गए बैरिकेडिंग वाले हिस्से में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बाद दबाव बढ़ गया। इसी दौरान कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने बैरिकेडिंग संभालते हुए श्रद्धालुओं को बाहर निकाला।
घटना के बाद मंदिर क्षेत्र और आसपास के रास्तों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था संभाली गई है। महाकाल और नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की टीम मंदिर क्षेत्र में तैनात है।
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