DU Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में बीए (ऑनर्स) पॉलिटिकल साइंस के लिए बढ़ी होड़, कटऑफ में बड़ा उछाल आने की उम्मीद
DU Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में हर साल कुछ ऐसे कोर्स होते हैं, जिनके लिए छात्रों के बीच सबसे ज्यादा कड़ी टक्कर देखने को मिलती है. बीए (ऑनर्स) पॉलिटिकल साइंस भी उन्हीं मशहूर पाठ्यक्रमों में शामिल है. साल 2026 में नए सेशन में भी इस कोर्स की मांग काफी ज्यादा रहने की संभावना जताई जा रही है. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार कटऑफ पिछले साल की तुलना में 8 से 10 अंक तक बढ़ सकती है.
क्यों बढ़ रही है पॉलिटिकल साइंस की मांग?
पिछले कुछ सालों में पॉलिटिकल साइंस विषय के प्रति छात्रों का रुझान लगातार बढ़ा है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यह विषय कई करियर विकल्पों का रास्ता खोलता है. जो छात्र संध लोक सेवा आयोग (UPSC), राज्य लोक सेवा आयोग (PSC), न्यायिक सेवाओं, कानून, पत्रकारिता, अंतरराष्ट्रीय संबंध, सार्वजनिक नीति में भविष्य बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह कोर्स पहली पसंद माना जाता है. यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में छात्र इस विषय में एडमिशन लेने के लिए आवेदन करते हैं.
2026 में कटऑफ और अधिक रहने की उम्मीद
बीए (ऑनर्स) पॉलिटिकल साइंस में इस बार भी कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी. यदि आवेदन संख्या में बढ़ोतरी होती है, तो शीर्ष कॉलेजों की कटऑफ 8 से 10 अंक तक बढ़ सकती है. इस वजह से छात्रों को बेहतर स्कोर के साथ-साथ कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकता तय करते समय भी सावधानी बरतनी होगी.
पिछले साल इन कॉलेजों की रही सबसे अधिक कटऑफ
वर्ष 2025 में बीए (ऑनर्स) पॉलिटिकल साइंस के लिए सबसे अधिक कटऑफ हिंदू कॉलेज में दर्ज की गई थी. इसके बाद मिरांडा हाउस, लेडी श्रीराम कॉलेज, किरोड़ीमल कॉलेज, हंसराज कॉलेज, श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज और जीसस एंड मैरी कॉलेज जैसे मशहूर संस्थानों में भी ऊंचे अंकों पर प्रवेश मिला. इन आंकड़ों से साफ है कि यह कोर्स दिल्ली यूनिवर्सिटी के सबसे मशहूर कार्यक्रमों में शामिल है.
कोर्स में क्या-क्या पढ़ाया जाता है?
बीए (ऑनर्स) पॉलिटिकल साइंस के दौरान छात्रों को राजनीति और शासन व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई कराई जाती है. इसके अलावा भारतीय संविधान, लोकतंत्र, संसद, चुनाव प्रणाली, राजनीतिक सिद्धांत, अंतरराष्ट्रीय संबंध, मानवाधिकार, वैश्विक राजनीति और सार्वजनिक नीजि जैसे विषय शामिल होते हैं. इन विषयों की गहरी समझ छात्रों को प्रशासनिक सेवाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद करती है.
टॉप कॉलेजों में मिलता है बेहतर माहौल
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के कई मशहूर कॉलेज इस कोर्स के लिए देशभर में पहचान रखते हैं. इसमें हिंदू कॉलेज, लेड श्रीराम कॉलेज, मिरांडा हाउस, किरोड़ीमल कॉलेज, रामजस कॉलेज, हंसराज कॉलेज, श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, दौलत राम कॉलेज, इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वूमेन और जीसस एंड मैरी कॉलेज शामिल हैं. इन संस्थानों में अनुभवी फैकल्टी, मॉडल यूनाइडेट नेशन (MUN), रिसर्च प्रोजेक्ट्स और सिविल सेवा की तैयारी के लिए अच्छा माहौल उपलब्ध कराया जाता है. इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलता है.
करियर के कई बेहतरीन विकल्प
पॉलिटिकल साइंस की डिग्री केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है. इस विषय की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मौजूद हैं. इसके अलावा छात्र प्रशासनिक सेवाओं, संसद, नीति आयोग, थिंक टैंक, संसद अनुसंधान, राजनीतिक परामर्श, मीडिया, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, गैर सरकारी संस्थाओं (NGO) और रिसर्च के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं. साथ ही LLG, UGC-NET और उच्च शिक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी यह विषय काफी फायदेमंद माना जाता है.
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