UGC-NET परीक्षा दोबारा होने पर कांग्रेस ने NTA को घेरा, राहुल गांधी बोले- छात्रों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA ने करीब दो माह बाद जून में हुए नेट परीक्षा के तीन पेपरों को रद्द कर दिया है. इसे लेकर कांग्रेस ने एजेंसी और सरकार को घेरा है. राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एनटीए अभी भी असली सवाल का जवाब नहीं देगी. क्या परीक्षा से पहले पेपर लीक हुए थे?
वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पूछा कि गलतियां पकड़ने में दो माह का समय क्यों लगा? उन्होंने कहा कि इस देरी की वजह से छात्र विभिन्न विश्वविद्यालयों में इस वर्ष शैक्षणिक सत्र में प्रवेश से वंचित हो जाएंगे. इसके नुकसान की भरपाई किस तरह से होगी? आपको बता दें कि नेट के तीनों पेपर इस साल जून में हुए थे. प्रश्न पत्रों में गड़बड़ी की वजह से परीक्षा रद्द कर दी गई. बताया जा रहा है कि पेपर में कई तत्थात्म गलतियां थीं. कई प्रश्नों में गलत जानकारियां दी गईं.
NTA की गलती की सजा छात्र क्यों भुगतें- जयराम रमेश
जयराम रमेश ने ट्वीट करके कहा, UGC NET जून 2026 की परीक्षा के करीब दो माह बाद NTA ने खुद माना कि अंग्रेजी, कॉमर्स और समाज शास्त्र के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गड़बड़ियां थीं. प्रमुख विद्वानों के नाम गलत लिखे गए. किताबों के शीर्षक बिगाड़ गए. प्रश्नों की भाषा में गलतियां देखी गई थीं. प्रश्नों में जेंडर बेस्ड गलतियां थीं. इतना ही नहीं, NTA की समिति ने यह भी पाया कि बड़ी संख्या में ऐसे प्रश्न को दोहराया गया जो पहले की परीक्षा में पूछे जा चुके थे. जयराम रमेश ने कहा कि हमारा सवाल है कि NTA की गलती की सजा देश के छात्र क्यों भुगतना पड़ेगा.
UGC NET जून 2026 की परीक्षा के करीब दो महीने बाद NTA ने खुद माना कि English, Commerce और Sociology के प्रश्नपत्रों में factual, typographical और translation errors थे। प्रमुख विद्वानों के नाम गलत लिखे गए, किताबों के शीर्षक बिगाड़ दिए गए, प्रश्नों की भाषा में त्रुटियां थीं,…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) August 17, 2026
गंभीर गलतियों वाला प्रश्नपत्र मंजूर कैसे हेा गया?
कांग्रेस नेता ने कहा कि सवाल सिर्फ यह नहीं है कि परीक्षा दोबारा क्यों की जा रही है? सवाल है कि इतनी गंभीर त्रुटियों वाला पेपर तैयार होने के बाद ये पास कैसे हो गया? लाखों युवाओं का करियर इससे जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस तरह की लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा? परीक्षा प्रणाली में गलती की कीमत अभ्यर्थी क्यों चुकानी पड़े? ये सवाल मात्र इन तीन विषयों के हजारों छात्रों का नहीं है। सरकार को यह बताना होगा कि 84 अन्य विषयों में परीक्षा दे चुके कई हजार अभ्यर्थियों के रिजल्ट में देरी किस लिए हुई? देश का युवा जवाब चाहता है. जिन युवाओं ने जून में परीक्षा दी, उनके लिए हर दिन महत्वपूर्ण है. परिणाम से JRF, Assistant Professor eligibility और PhD admissions जैसे अवसर जुड़े हैं.
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अशोक धाम में हादसे से पहले क्या हुआ था? प्रत्यक्षदर्शियों की बातों से सामने आएं बड़े सवाल
Ashokdham Temple Stampede: बिहार के लखीसराय में स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया. आज सावन की तीसरी सोमवारी के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर मे उपस्थित थी. इस दौरान बिजली का खंभा गिरने और करंट फैलने की खबर के चलते भगदड़ मच गई, जिसमें 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबाकि कई लोग घायल हैं.
सावन के सोमवार के चलते मंदिर में थी भीड़
जानकारी के मुताबिक सावन के सावन की तीसरी सोमवारी के चलते अशोक धाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे हुए थे. मंदिर परिसर ने भीड़ को नियत्रण करने के लिए बैरिकेंडिंग की थी. लेकिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने और बैरिकेंडिंग टूटने के बाद अचानक भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई, जिसे देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे. बैरिकेडिंग के टूटने से पहले वहां बिजली का खंभा गिरा हुआ था, जिससे वहां भगदड़ के हालात बन गए. भगदड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने राहत बचाव कार्य शुरू किया. सभी घायलों को पास के लखीसराय सदर अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है.
बिजली का खंभा गिरने के कारण हुआ हादसा
लखीसराय के अशोकधाम में भगदड़ जैसी स्थिति में हुई 7 मौतों पर बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. मैं दुर्घटनास्थल जा रहा हूं. यह घटना मंदिर परिसर के बाहर हुई, जहां एक बिजली का खंभा था और बिजली का तार गिर गया. यह अफवाह फैली कि तार गिरने के बाद बिजली का करंट फैल रहा है और इसी के चलते भगदड़ मच गई. अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जाएगी. मैंने मुख्यमंत्री से भी बात की है. सरकार द्वारा राहत कार्य किया जाएगा. घायलों का इलाज और सभी प्रकार की राहत हमारी तरफ से उपलब्ध कराई जाएगी.
#WATCH | Patna, Bihar: On 7 deaths in a stampede-like situation in Ashokdham, Lakhisarai, Bihar Minister Vijay Kumar Sinha says, "This is really sad and unfortunate. I express my sympathies to the bereaved families. I am going to the accident site...The incident occurred outside… pic.twitter.com/8nn444FHCJ
— ANI (@ANI) August 17, 2026
दो मिनट के भीतर हुआ हादसा
लखीसराय डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया, " श्रद्धालुओं की कतार अशोकधाम हॉल्ट तक पहुंच गई थी. दो ट्रेनें हॉल्ट पर रुकी थीं. अचानक वहां एक बिजली का खंभा गिर गया. यह खंभा पुरुषों की कतार के दाहिनी ओर स्थित था. खंभा गिरने पर यह अफवाह फैल गई कि लोगों पर बिजली का तार गिर गया है, लेकिन यह केबल का तार था. इससे बाईं ओर महिलाओं की कतार पर दबाव बढ़ गया. महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़ीं. पुलिस प्रशासन सुबह 3 बजे से वहां गश्त कर रहा था. यह सब कुछ अचानक दो मिनट के भीतर हो गया. हम इस समय सदर अस्पताल में हैं. सभी मृतक महिलाएं है. हम मृतकों की सही संख्या का पता लगा रहे हैं."
#WATCH | Lakhisarai DM Shailendra Kumar says, "The queue of devotees had reached till Ashokdham Halt. Two trains had stopped at the Halt. Suddenly, an electric pole fell there. The pole was located on the right side of the men's queue. When the pole collapsed, a rumour spread… https://t.co/utto4M8r8c pic.twitter.com/Q14X6PVLmX
— ANI (@ANI) August 17, 2026
मामले की जांच जारी
पुलिस द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने के साथ-साथ भगदड़ के कारणों की जांच की जा रही है. प्रशासन की ओर से मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है. मंदिर में हादसे के बाद से मातम और अफरा-तफरी का माहौल है. हादसे में घायल और मृतक श्रद्धालुओं की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है.
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