Mohammed Siraj: मोहम्मद सिराज ने पहले ही ओवर में किया धमाका, निशान फर्नांडो के विकेट से थर्राया श्रीलंका
श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट के तीसरे दिन 462 रन बनाने के बाद टीम इंडिया ने गेंदबाजी में भी धमाकेदार शुरआत की है. भारतीय टीम के लिए गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज ने पारी के पहले ओवर की दूसरी गेंद पर निशान फर्नांडो को चलता किया. श्रीलंका ने बिना कोई रन बनाए अपना ये पहला विकेट गंवाया.
UGC-NET परीक्षा दोबारा होने पर कांग्रेस ने NTA को घेरा, राहुल गांधी बोले- छात्रों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA ने करीब दो माह बाद जून में हुए नेट परीक्षा के तीन पेपरों को रद्द कर दिया है. इसे लेकर कांग्रेस ने एजेंसी और सरकार को घेरा है. राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एनटीए अभी भी असली सवाल का जवाब नहीं देगी. क्या परीक्षा से पहले पेपर लीक हुए थे?
वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पूछा कि गलतियां पकड़ने में दो माह का समय क्यों लगा? उन्होंने कहा कि इस देरी की वजह से छात्र विभिन्न विश्वविद्यालयों में इस वर्ष शैक्षणिक सत्र में प्रवेश से वंचित हो जाएंगे. इसके नुकसान की भरपाई किस तरह से होगी? आपको बता दें कि नेट के तीनों पेपर इस साल जून में हुए थे. प्रश्न पत्रों में गड़बड़ी की वजह से परीक्षा रद्द कर दी गई. बताया जा रहा है कि पेपर में कई तत्थात्म गलतियां थीं. कई प्रश्नों में गलत जानकारियां दी गईं.
NTA की गलती की सजा छात्र क्यों भुगतें- जयराम रमेश
जयराम रमेश ने ट्वीट करके कहा, UGC NET जून 2026 की परीक्षा के करीब दो माह बाद NTA ने खुद माना कि अंग्रेजी, कॉमर्स और समाज शास्त्र के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गड़बड़ियां थीं. प्रमुख विद्वानों के नाम गलत लिखे गए. किताबों के शीर्षक बिगाड़ गए. प्रश्नों की भाषा में गलतियां देखी गई थीं. प्रश्नों में जेंडर बेस्ड गलतियां थीं. इतना ही नहीं, NTA की समिति ने यह भी पाया कि बड़ी संख्या में ऐसे प्रश्न को दोहराया गया जो पहले की परीक्षा में पूछे जा चुके थे. जयराम रमेश ने कहा कि हमारा सवाल है कि NTA की गलती की सजा देश के छात्र क्यों भुगतना पड़ेगा.
UGC NET जून 2026 की परीक्षा के करीब दो महीने बाद NTA ने खुद माना कि English, Commerce और Sociology के प्रश्नपत्रों में factual, typographical और translation errors थे। प्रमुख विद्वानों के नाम गलत लिखे गए, किताबों के शीर्षक बिगाड़ दिए गए, प्रश्नों की भाषा में त्रुटियां थीं,…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) August 17, 2026
गंभीर गलतियों वाला प्रश्नपत्र मंजूर कैसे हेा गया?
कांग्रेस नेता ने कहा कि सवाल सिर्फ यह नहीं है कि परीक्षा दोबारा क्यों की जा रही है? सवाल है कि इतनी गंभीर त्रुटियों वाला पेपर तैयार होने के बाद ये पास कैसे हो गया? लाखों युवाओं का करियर इससे जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस तरह की लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा? परीक्षा प्रणाली में गलती की कीमत अभ्यर्थी क्यों चुकानी पड़े? ये सवाल मात्र इन तीन विषयों के हजारों छात्रों का नहीं है। सरकार को यह बताना होगा कि 84 अन्य विषयों में परीक्षा दे चुके कई हजार अभ्यर्थियों के रिजल्ट में देरी किस लिए हुई? देश का युवा जवाब चाहता है. जिन युवाओं ने जून में परीक्षा दी, उनके लिए हर दिन महत्वपूर्ण है. परिणाम से JRF, Assistant Professor eligibility और PhD admissions जैसे अवसर जुड़े हैं.
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