हिंदू धर्म की दिव्य जोड़ियां, शिव जी की धर्मपत्नी पार्वती तो ब्रह्मा जी की कौन? जानें हर देवी का नाम और महत्व
Wives of Hindu Lords: सनातन धर्म में लोग अपने घर और मंदिर में देवी-देवताओं की पूजा करते हैं. पर क्या आप सभी देवों की पत्नियों के बारे में जानते हैं? कहते हैं कि देवियां उनकी शक्ति होती हैं और उनके बिना वह भी अधूरे होते हैं. हिंदू धर्म में प्रत्येक देव की एक शक्ति होती है, जो उन्हें पूर्णता प्रदान करती है. देवियां सिर्फ अर्धांगिनी नहीं होती है. वे उन्हें पृथ्वी के संचालन, संचार और संतुलन बनाए रखने में सहायता करती है. सनातन धर्म में विवाह संस्कार को पुण्यकारी मानने का एक कारण ये भी है. देवों की पूजा भी देवियों के बिना संपूर्ण नहीं मानी जाती है. विवाह के दौरान भी दूल्हा-दुल्हन को इनका स्वरूप माना जाता है. आइए जानते हैं हिंदू देवताओं की शक्ति यानी पत्नियों के बारे में.
किस देव की देवी कौन हैं?
1.भगवान शिव और पार्वती माता
भगवान शिव का नाम सदा-सदा के लिए माता पार्वती के साथ जुड़ गया है. पार्वती जी उनकी पत्नी और शक्ति स्वरूप है. उनका प्रेम, सच्चा रिश्ता तपस्या और अटूट विश्वास का प्रतीक है. इनका अर्धनारीश्वर स्वरूप इस बात का प्रतीक है कि नारी शक्ति और पुरुष शक्ति अधूर है.
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2.भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी
धरती के पालनहार भगवान विष्णु की पत्नी माता लक्ष्मी होती है. इन दोनों के मिलन से बनते हैं लक्ष्मीनारायण. इनका रिश्ता सुख-समृद्धि और पालन पोषण का माना जाता है. विष्णु जी पृथ्वीलोक का पालन करते हैं तो वहीं माता लक्ष्मी संसार चलाने के लिए ऐश्वर्य और धन देती हैं.
3.भगवान गणेश और रिद्धि-सिद्धि
शिव जी के पुत्र और प्रथमपुज्य देव गणेश जी को दो पत्नियां होती हैं. उनके नाम रिद्धि-सिद्धि है. इनका अर्थ होता है सफलता. जहां भगवान गणेश बुद्धि के देव होते हैं वहीं उनकी पत्नियां समृद्धि की देवी हैं.
4.भगवान ब्रह्मा और सरस्वती
भगवान ब्रह्मा की पत्नी देवी सरस्वती है. ब्रह्मा जी को धरती का निर्माता कहते हैं. सरस्वती माता ज्ञान की देवी है. वे ब्रह्मा जी की शक्ति हैं. बिना ज्ञान के सृष्टि की रचना करना ही मुश्किल है.
5.भगवान राम-सीता
भगवान राम की पत्नी माता सीता है. दोनों का रिश्ता मर्यादा, समर्पण और पवित्रता की मिसाल देता है. विवाह के बाद से दोनों के जीवन में मुश्किले ही मुश्किले आ गई थी. माता सीता ने राम जी का साथ कभी भी नहीं छोड़ा वहीं प्रभु राम का विश्वास भी माता सीता पर अटूट था. इसलिए, इन दोनों को आदर्श माना जाता है.
6.भगवान कृष्ण और रुक्मिणी
भगवान कृष्ण की पत्नी रुक्मिणी हैं. दोनों के बीच का संबंध बेहद मधुर और समर्पण से भरा था.
7.भगवान इंद्र की पत्नी इंद्राणी
स्वर्गलोक के राजा इंद्रदेव की पत्नी का नाम इंद्राणी या शचि है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, उनकी पत्नी देवियों में बेहद शक्तिशाली मानी जाती हैं.
8.भगवान सूर्य की पत्नी का नाम क्या है?
सूर्यदेव की पत्नी का नाम संज्ञा था. इनका आपसी संबंध भी संघर्षों से भरा हुआ था. सूर्यदेव और उनकी पत्नी हमें सिखाता है कि जीवन में तेज और ऊर्जा के साथ संतुलन बनाना काफी जरूरी है. सूर्य देव की दो पत्नियां हैं- संज्ञा और छाया. दरअसल, संज्ञा विश्वकर्मा देव की पुत्री हैं. वे सूर्य का तेज सहन नहीं कर पाती थी. इसलिए, उन्होंने अपनी छाया को सूर्यदेव के पास पत्नी के रूप में छोड़ दिया और खुद तपस्या करने चली गईं. इस दौरान उन्हें लगा कि उनकी पहली पत्नी उनके साथ हैं.
9.भगवान चंद्रमा की पत्नी रोहिणी
भगवान चंद्रमा की पत्नी का नाम रोहिणी है. चंद्रमा को शीतलता और मन का देवता कहते हैं. उनकी पत्नी रोहिणी का संबंध शांति, सौंदर्य और भावनात्मक स्थिरता का प्रतीक है.
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'अनगिनत वीरों के शौर्य की साक्षी रही है ये धरती', राजस्थान के बालोतरा में बोले PM मोदी
PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान और गुजरात के दौरे पर हैं. सबसे पहले पीएम मोदी राजस्थान के बालोतरा पहुंचे. जहां से उन्होंने जोधपुर एयरपोर्ट समेत कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इसके बाद पीएम मोदी ने एक जनसभा को भी संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि गर्मी के मौसम में एक स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में लोगों का आना हम सबको आशीर्वाद देना ये दिखाता है कि भाजपा सरकार के प्रयासों पर आपका विश्वास कितना बुलंद है.
राजस्थान की धरती अनगिनत वीरों के शौर्य की साक्षी- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि मैं समर्थन और स्निग्धि के लिए राजस्थान की माटी का ऋणी हूं. पीएम मोदी ने कहा ये धरती अनगिनत वीरों से शौर्य की साक्षी रही है. उन्होंने आगे कहा कि इस रण के कण-कण में हमें स्वाभिमान को सर्वोपरि रखने की सीख दी है और स्वाभिमान व्यक्ति का या फिर स्वाभिमान देश का तभी ऊंचा रह सकता है जब वो आत्मनिर्भर है. दूसरों पर कम से कम निर्भर हो. आज राजस्थान की धरती से भारत के विकसित होने, आत्मनिर्भर होने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. आज इस रिफाइनरी को देश को समर्पित किया गया है. ये रिफाइनरी यहां हजारों लोगों के रोजगार का माध्यम बनेगी.
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