Hard Water Stains: नल और टाइल्स पर जमे जिद्दी दाग होंगे मिनटों में गायब! किचन की ये 5 चीजें लौटाएंगी चमक
Hard Water Stains: रसोई और बाथरूम के नल, सिंक और टाइल्स पर समय के साथ पानी के दाग, साबुन की परत और जिद्दी गंदगी जमना आम बात है। कई लोग इन्हें साफ करने के लिए महंगे क्लीनर खरीदते हैं, लेकिन हर बार बेहतर परिणाम नहीं मिल पाते। अच्छी बात यह है कि आपके किचन में मौजूद कुछ सामान्य चीजें ही इन दागों को आसानी से हटाने में मदद कर सकती हैं।
अगर सही तरीके से इन घरेलू उपायों का इस्तेमाल किया जाए तो न केवल नल और टाइल्स की चमक वापस लाई जा सकती है, बल्कि केमिकल क्लीनर पर होने वाला खर्च भी बचाया जा सकता है। हालांकि, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले उसे किसी छोटे हिस्से पर आजमाना बेहतर रहता है ताकि सतह को नुकसान न पहुंचे।
इन 5 तरीकों से करें नल, टाइल्स की क्लीनिंग
सफेद सिरका हटाएगा पानी के जिद्दी दाग
सफेद सिरका प्राकृतिक एसिडिक गुणों से भरपूर होता है, जो हार्ड वॉटर के दाग और लाइमस्केल को ढीला करने में मदद करता है। एक स्प्रे बोतल में बराबर मात्रा में सिरका और पानी मिलाकर दाग वाली जगह पर छिड़कें। 10 से 15 मिनट बाद मुलायम कपड़े या स्पंज से साफ करें। इसके बाद साफ पानी से धो लें।
बेकिंग सोडा से मिलेगी नई जैसी चमक
बेकिंग सोडा हल्का एब्रेसिव होता है, जो जिद्दी दाग हटाने में मदद करता है। इसमें थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें और दाग वाली जगह पर लगाएं। 10 मिनट बाद नरम ब्रश से हल्के हाथों से रगड़ें। इससे टाइल्स और स्टील के नल चमकदार नजर आने लगते हैं।
नींबू का रस करेगा कमाल
नींबू में मौजूद प्राकृतिक साइट्रिक एसिड दाग और बदबू दोनों को कम करने में सहायक माना जाता है। आधा नींबू सीधे नल या टाइल्स पर रगड़ें और 5 से 10 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद गीले कपड़े से पोंछ दें। इससे सतह ताजा और साफ दिखाई देती है।
नमक और नींबू का कॉम्बिनेशन
अगर दाग काफी पुराने और जिद्दी हैं तो नमक और नींबू का मिश्रण असरदार साबित हो सकता है। नींबू पर थोड़ा नमक लगाकर दाग वाली जगह पर रगड़ें। यह मिश्रण गंदगी की परत को हटाने में मदद करता है। बाद में साफ पानी से धोकर सूखे कपड़े से पोंछ दें।
डिशवॉश लिक्विड और गर्म पानी
चिकनाई और साबुन की जमी हुई परत हटाने के लिए गुनगुने पानी में थोड़ा डिशवॉश लिक्विड मिलाएं। स्पंज की मदद से टाइल्स और नल साफ करें। अंत में सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से पोंछने पर अतिरिक्त चमक मिल सकती है।
सफाई करते समय रखें ये जरूरी बातें
- तेजाब या बहुत अधिक केमिकल वाले क्लीनर का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें।
- स्टील व क्रोम फिनिश पर स्टील वूल या कठोर स्क्रबर का उपयोग न करें।
- सफाई के बाद सतह को सूखे कपड़े से जरूर पोंछें, ताकि पानी के नए दाग न बनें।
- सप्ताह में एक बार नियमित सफाई करने से जिद्दी दाग बनने की संभावना कम हो सकती है।
- किसी भी नए घरेलू उपाय को पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करना बेहतर रहता है।
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लेखक: (कीर्ति)
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Monsoon Pet Care: मॉनसून में अपने डॉग का रखें खास ख्याल, वॉक पर ले जाने से पहले जान लें ये 5 जरूरी टिप्स
Monsoon Pet Care: मॉनसूनी हवाएं लोगों को सुकून देती है, लेकिन ये मौसम डॉग्स के लिए कई परेशानियां बढ़ा देता है। निरंतर बारिश, कीचड़, नमी और बढ़ते जीवाणु डॉग्स की सेहत पर बुरा असर डालते हैं। ऐसे में अगर आप भी अपने डॉग को लेकर वॉक पर जाने के शौकीन हैं, तो अपने पेट की सुरक्षा और फिटनेस के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं, मॉनसून में डॉग वॉक के दौरान किन 5 जरूरी टिप्स को अपनाएं।
1.वॉक के लिए सही जगह और सही समय चुनें
बहुत से डॉग्स को पानी में खेलना और हल्की बारिश में दौड़ना पसंद होता है, लेकिन ये पानी विल्कुल भी सुरक्षित नहीं होता। सड़क पर ठहरे हुए पानी में वायरस फैलाने किटाणु मौजूद है। जो आपके डॉग को बीमार कर सकते हैं।
2.पंजों और फर की सफाई जरूर करें
मॉनसून मे वॉक के दौरान डॉग्स के पंजो में कीचड़ लग जाती है, उस कीचड़ के साथ कई तरह के कीटाणु आते हैं। ऐसे में अगर पंजो में ज्यादा देर तक नमी रहने से बैकटीरिया और फंगस पनप सकते हैं। वॉक से बापिस आने के बाद उनके पंजे, पैर, और गीले शरीर को साफ करके सुखा दें।
3.टिक, पिस्सू और माइट्स से बचाव करें
बारिश के समय में पिस्सू , टिक और माइट्स बढ़ने लगते है। इन जीवों से डॉग्स में जानलेवा बीमारियां फैल सकती है। इसलिए हर वॉक के बाद डॉग के कान, गर्दन, बगल और पंजों की उंगलियों को अच्छे से चेक कर लें।
4.स्किन एलर्जी और वायरस के लक्षणों पर नजर रखें
मानसून में नमी के कारण डॉग्स में त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इस दौरान खुजली, लाल चकत्ते, रैशेज, कान में जलन या बार-बार पंजे चाटना जैसी समस्याएं दिखाई देने लगती हैं। इसलिए उनके व्यवहार में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है।
5.खाना और सफाई का रखें ध्यान
बारिश के मौसम में सिर्फ बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि सही पोषण भी बेहद जरूरी है। ऐसा संतुलित और पौष्टिक आहार, जो त्वचा और फर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करे, डॉग्स में बीमारियों से लड़ने की क्षमता रहे इसके लिए पौष्टिक आहार जरूरी है।
अगर आप अच्छे रास्तों का चयन करें, वॉक के बाद डॉग के पंजों और फर की अच्छी तरह सफाई करें और त्वचा से जुड़ी किसी भी समस्या के शुरुआती संकेतों पर ध्यान दें, तो आपका डॉग पूरे मानसून में स्वस्थ, सुरक्षित और खुश रह सकता है।
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