Bombay HC Clerk Typing Test Row: बांबे हाई कोर्ट लिपिक भर्ती के टाइपिंग टेस्ट में भारी गड़बड़ी; सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी
बांबे हाई कोर्ट के अंतर्गत लिपिक संवर्ग के पदों के लिए आयोजित ऑनलाइन टाइपिंग कौशल परीक्षा में तकनीकी अव्यवस्थाओं के कारण राज्यभर में विवाद खड़ा हो गया है।
छत्रपति संभाजीनगर और कल्याण-डोंबिवली सहित कई जिलों के परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खराबी के चलते सैकड़ों अभ्यर्थी परीक्षा पूरी नहीं कर सके। इसके विरोध में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों के बाहर सड़कों पर उतर आए और जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया।
10 मिनट में लॉगआउट, खराब कीबोर्ड और स्क्रीन हुई पीली
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त थीं। टेस्ट शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद कंप्यूटर स्क्रीन पीली पड़ने लगी, माउस और कीबोर्ड की 'की' ने काम करना बंद कर दिया और बड़ी संख्या में छात्र 10 मिनट के भीतर अपने आप सिस्टम से लॉगआउट हो गए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि बिना उनकी किसी गलती के सिस्टम ने उन्हें अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया, जिससे महीनों की कड़ी मेहनत पर पानी फिर गया।
उम्मीदवारों के धरने में पहुंचे अभिजीत दीपके, उठाए गंभीर सवाल
छत्रपति संभाजीनगर के सुराणा नगर स्थित परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी की सूचना मिलते ही कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके प्रभावित अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे और उनके साथ धरने में शामिल हो गए। दीपके ने प्रशासन और परीक्षा कराने वाली निजी एजेंसी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, "छात्र 10 मिनट में लॉगआउट हो गए और पूरा सिस्टम फेल हो गया।
यदि सरकार और संबंधित एजेंसियां निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन परीक्षा कराने में सक्षम नहीं हैं, तो ऐसी परीक्षाएं आयोजित कर छात्रों का भविष्य क्यों बर्बाद किया जा रहा है?"
पुनः परीक्षा और लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े छात्र
अभिजीत दीपके ने कहा कि राज्य के दूरदराज इलाकों- बीड, लातूर, अमरावती और अंबाजोगाई से छात्र 6-7 महीने तैयारी करके परीक्षा देने आए थे। उन्होंने केंद्र पर मौजूद न्यायिक अधिकारियों से बाहर आकर छात्रों को पारदर्शी व्यवस्था के साथ दोबारा परीक्षा आयोजित करने का लिखित आश्वासन देने की मांग की।
दीपके ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रभावित सभी छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता और री-एग्जाम की आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बांबे हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार की ओर से तकनीकी जांच का आश्वासन
विवाद गहराने के बाद बांबे हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार (कार्मिक) की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया गया। प्रशासन ने कहा कि लिपिक पद के लिए टाइपिंग परीक्षा अधिकांश केंद्रों पर सुचारू रूप से आयोजित की गई थी, लेकिन छत्रपति संभाजीनगर और कल्याण के कुछ केंद्रों पर एजेंसी की ओर से तकनीकी खामियों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
पूरे मामले और तकनीकी विसंगतियों की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है, और जल्द ही आधिकारिक सूचना के माध्यम से अभ्यर्थियों को आगामी उचित कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी।
UGC NET 2026 Re-Exam: NTA फिर विवादों में; यूजीसी-नेट के तीन प्रमुख विषयों की परीक्षा रद्द, 9 और 10 सितंबर को दोबारा होगा एग्जाम
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और परीक्षाओं की शुचिता पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। नीट विवाद के बाद अब देश की सबसे प्रतिष्ठित पात्रता परीक्षाओं में शामिल यूजीसी-नेट में भी बड़ी खामियां उजागर हुई हैं।
छात्रों के विरोध और शिकायतों के बाद एनटीए ने रविवार देर शाम आदेश जारी करते हुए अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र (Sociology) विषयों की परीक्षा को निरस्त कर दिया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित अभ्यर्थियों को नए सिरे से परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा और इसके लिए अलग से एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
प्रश्न पत्रों में तथ्यात्मक और व्याकरण संबंधी भारी गलतियों के कारण फैसला
एनटीए द्वारा परीक्षा रद्द करने के पीछे जो आधार बताए गए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आंतरिक जांच में सामने आया कि प्रश्न पत्रों में गंभीर तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद की गलतियां थीं। इसके अलावा मशहूर विद्वानों और विचारकों के नामों की गलत स्पेलिंग, प्रसिद्ध किताबों के गलत शीर्षक, सवालों की भाषा, व्याकरण, लिंग और वचन से जुड़ी बुनियादी त्रुटियां पाई गईं।
इतना ही नहीं, प्रश्न पत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे प्रश्न भी शामिल पाए गए जो पूर्व की परीक्षाओं में हूबहू पूछे जा चुके थे, जिससे पेपर की गोपनीयता पर संदेह गहरा गया। एनटीए ने माना कि इतनी गंभीर विसंगतियों को केवल सामान्य चैलेंज प्रक्रिया के जरिए ठीक नहीं किया जा सकता था।
9 और 10 सितंबर को दो शिफ्टों में आयोजित होगी पुनः परीक्षा
एनटीए ने रद्द किए गए तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। अंग्रेजी विषय की परीक्षा 9 सितंबर को पहली शिफ्ट (सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक) में आयोजित की जाएगी। कॉमर्स विषय की परीक्षा 9 सितंबर को ही दूसरी शिफ्ट (दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक) में होगी।
वहीं, समाजशास्त्र विषय की परीक्षा 10 सितंबर को पहली शिफ्ट (सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक) में संपन्न कराई जाएगी। परीक्षा केंद्र, आवंटित शहर और एडमिट कार्ड से संबंधित जानकारी जल्द ही एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
बाकी 84 विषयों की आंसर-की जारी, 18 अगस्त तक दर्ज कराएं आपत्ति
एनटीए ने इन तीन विवादित विषयों को छोड़कर बाकी सभी 84 विषयों की प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी कर दी है। परीक्षार्थियों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए आंसर की चैलेंज विंडो खोल दी गई है, जहां उम्मीदवार 18 अगस्त की रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन चुनौती दे सकते हैं।
एजेंसी का कहना है कि बाकी विषयों के परिणाम पूरी तरह पूर्व निर्धारित समय पर ही घोषित किए जाएंगे और दोबारा परीक्षा के कारण अन्य विषयों की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
जेआरएफ और असिस्टेंट प्रोफेसर के 6% कोटे पर नहीं पड़ेगा कोई असर
पुनः परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के हितों का पूरा ध्यान रखने का भरोसा देते हुए एनटीए ने स्पष्ट किया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) की पात्रता तय करने के नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा। जून 2026 सत्र की मूल परीक्षा या दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले कुल उम्मीदवारों की संख्या के शीर्ष 6 प्रतिशत के आधार पर ही कटऑफ और परिणाम तैयार किया जाएगा।
इसके साथ ही पीएचडी एडमिशन के लिए ई-सर्टिफिकेट जारी करने और इंफॉर्मेशन बुलेटिन में तय सीटों के आवंटन में किसी भी प्रकार की कटौती या देरी नहीं की जाएगी।
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