UGC NET 2026 Re-Exam: NTA फिर विवादों में; यूजीसी-नेट के तीन प्रमुख विषयों की परीक्षा रद्द, 9 और 10 सितंबर को दोबारा होगा एग्जाम
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और परीक्षाओं की शुचिता पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। नीट विवाद के बाद अब देश की सबसे प्रतिष्ठित पात्रता परीक्षाओं में शामिल यूजीसी-नेट में भी बड़ी खामियां उजागर हुई हैं।
छात्रों के विरोध और शिकायतों के बाद एनटीए ने रविवार देर शाम आदेश जारी करते हुए अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र (Sociology) विषयों की परीक्षा को निरस्त कर दिया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित अभ्यर्थियों को नए सिरे से परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा और इसके लिए अलग से एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
प्रश्न पत्रों में तथ्यात्मक और व्याकरण संबंधी भारी गलतियों के कारण फैसला
एनटीए द्वारा परीक्षा रद्द करने के पीछे जो आधार बताए गए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आंतरिक जांच में सामने आया कि प्रश्न पत्रों में गंभीर तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद की गलतियां थीं। इसके अलावा मशहूर विद्वानों और विचारकों के नामों की गलत स्पेलिंग, प्रसिद्ध किताबों के गलत शीर्षक, सवालों की भाषा, व्याकरण, लिंग और वचन से जुड़ी बुनियादी त्रुटियां पाई गईं।
इतना ही नहीं, प्रश्न पत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे प्रश्न भी शामिल पाए गए जो पूर्व की परीक्षाओं में हूबहू पूछे जा चुके थे, जिससे पेपर की गोपनीयता पर संदेह गहरा गया। एनटीए ने माना कि इतनी गंभीर विसंगतियों को केवल सामान्य चैलेंज प्रक्रिया के जरिए ठीक नहीं किया जा सकता था।
9 और 10 सितंबर को दो शिफ्टों में आयोजित होगी पुनः परीक्षा
एनटीए ने रद्द किए गए तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। अंग्रेजी विषय की परीक्षा 9 सितंबर को पहली शिफ्ट (सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक) में आयोजित की जाएगी। कॉमर्स विषय की परीक्षा 9 सितंबर को ही दूसरी शिफ्ट (दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक) में होगी।
वहीं, समाजशास्त्र विषय की परीक्षा 10 सितंबर को पहली शिफ्ट (सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक) में संपन्न कराई जाएगी। परीक्षा केंद्र, आवंटित शहर और एडमिट कार्ड से संबंधित जानकारी जल्द ही एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
बाकी 84 विषयों की आंसर-की जारी, 18 अगस्त तक दर्ज कराएं आपत्ति
एनटीए ने इन तीन विवादित विषयों को छोड़कर बाकी सभी 84 विषयों की प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी कर दी है। परीक्षार्थियों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए आंसर की चैलेंज विंडो खोल दी गई है, जहां उम्मीदवार 18 अगस्त की रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन चुनौती दे सकते हैं।
एजेंसी का कहना है कि बाकी विषयों के परिणाम पूरी तरह पूर्व निर्धारित समय पर ही घोषित किए जाएंगे और दोबारा परीक्षा के कारण अन्य विषयों की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
जेआरएफ और असिस्टेंट प्रोफेसर के 6% कोटे पर नहीं पड़ेगा कोई असर
पुनः परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के हितों का पूरा ध्यान रखने का भरोसा देते हुए एनटीए ने स्पष्ट किया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) की पात्रता तय करने के नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा। जून 2026 सत्र की मूल परीक्षा या दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले कुल उम्मीदवारों की संख्या के शीर्ष 6 प्रतिशत के आधार पर ही कटऑफ और परिणाम तैयार किया जाएगा।
इसके साथ ही पीएचडी एडमिशन के लिए ई-सर्टिफिकेट जारी करने और इंफॉर्मेशन बुलेटिन में तय सीटों के आवंटन में किसी भी प्रकार की कटौती या देरी नहीं की जाएगी।
Khanauri Border Farmers March: खनौरी बॉर्डर पर किसानों ने सड़क पर बिछाए बिस्तर; शांतिपूर्ण दिल्ली मार्च की अपील
पंजाब और हरियाणा की सीमा पर स्थित खनौरी बॉर्डर पर एक बार फिर किसान आंदोलन की तपिश बढ़ गई है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के बैनर तले किसानों ने 228 किलोमीटर लंबी 'किसान बचाओ पदयात्रा' शुरू की है।
यह जत्था पंजाब से निकलकर दिल्ली के जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहा था, लेकिन जींद के दाता सिंह वाला-खनौरी चेकपॉइंट पर हरियाणा पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए कड़े अवरोधक लगाकर किसानों के रास्ते को पूरी तरह रोक दिया।
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और एमएसपी गारंटी का विरोध
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस नए आंदोलन का मुख्य कारण प्रस्तावित भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता है। किसानों को आशंका है कि यदि कृषि, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर को इस समझौते के दायरे में लाया गया तो विदेशी उत्पादों के आयात से भारतीय किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
बीकेयू एकता सिद्धूपुर के अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि देश के किसानों के अस्तित्व को बचाने के लिए एमएसपी का पक्का कानून बनवाना और कृषि को अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समझौतों के दबाव से मुक्त रखना बेहद जरूरी है।
खनौरी बॉर्डर पर किसानों ने सड़क पर काटी रात
रविवार शाम जब पुलिस ने किसानों को हरियाणा सीमा में प्रवेश करने से रोका, तो प्रदर्शनकारी किसानों के जत्थे ने मुख्य मार्ग पर ही अपने बिस्तर बिछा लिए और रात खुले आसमान के नीचे सड़क किनारे बिताई।
किसानों का कहना है कि वे बिना किसी ट्रैक्टर-ट्रॉली के केवल 51 किसानों के सीमित जत्थे के साथ शांतिपूर्ण तरीके से पैदल दिल्ली जा रहे हैं, फिर भी सरकार लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार को छीन रही है।
हरियाणा पुलिस की भारी बैरिकेडिंग और जींद में धारा 163 लागू
किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए हरियाणा पुलिस और जींद जिला प्रशासन ने नरवाना नहर पुल और खनौरी सीमा पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। सीमा पर कंक्रीट के बड़े बोल्डर, लोहे के बैरिकेड्स, कटीले तार, वाटर कैनन और वज्र वाहन तैनात किए गए हैं।
जींद प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू करते हुए किसी भी प्रकार के सार्वजनिक जमावड़े और बिना अनुमति मार्च निकालने पर रोक लगा दी है।
29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर महापंचायत की तैयारी
किसान नेताओं के अनुसार, 16 अगस्त से शुरू हुई यह पदयात्रा अलग-अलग पड़ावों से होते हुए 29 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पहुंचने के लिए निर्धारित की गई है, जहां एक विशाल किसान पंचायत का आयोजन किया जाना है।
स्थानीय प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही, जिसके बाद किसान नेताओं ने सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय से इस मामले में हस्तक्षेप करने तथा शांतिपूर्ण आवागमन का मार्ग खोलने की अपील की है।
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