यश के 14 मिलियन फॉलोअर्स, क्यों सिर्फ 1 ही शख्स को करते हैं फॉलो? बताया कियारा संग इंटीमेट सीन पर पत्नी का रिएक्शन
यश की सोशल मीडिया दुनिया की एक दिलचस्प बात इन दिनों चर्चा में है. करोड़ों फैंस वाले ‘रॉकी भाई’ खुद बेहद कम लोगों को फॉलो करते हैं और उनकी फॉलोइंग को लेकर एक खास कनेक्शन सामने आया है. इसी बीच उनकी अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' को लेकर भी खूब बज बना हुआ है. फिल्म में कियारा आडवाणी के साथ यश की जोड़ी और कुछ सीन चर्चा में हैं. अब एक्टर ने इन सीन को लेकर पत्नी की प्रतिक्रिया और अपने रिश्ते की समझ पर खुलकर बात की है.
Bombay HC Clerk Typing Test Row: बांबे हाई कोर्ट लिपिक भर्ती के टाइपिंग टेस्ट में भारी गड़बड़ी; सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी
बांबे हाई कोर्ट के अंतर्गत लिपिक संवर्ग के पदों के लिए आयोजित ऑनलाइन टाइपिंग कौशल परीक्षा में तकनीकी अव्यवस्थाओं के कारण राज्यभर में विवाद खड़ा हो गया है।
छत्रपति संभाजीनगर और कल्याण-डोंबिवली सहित कई जिलों के परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खराबी के चलते सैकड़ों अभ्यर्थी परीक्षा पूरी नहीं कर सके। इसके विरोध में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों के बाहर सड़कों पर उतर आए और जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया।
10 मिनट में लॉगआउट, खराब कीबोर्ड और स्क्रीन हुई पीली
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त थीं। टेस्ट शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद कंप्यूटर स्क्रीन पीली पड़ने लगी, माउस और कीबोर्ड की 'की' ने काम करना बंद कर दिया और बड़ी संख्या में छात्र 10 मिनट के भीतर अपने आप सिस्टम से लॉगआउट हो गए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि बिना उनकी किसी गलती के सिस्टम ने उन्हें अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया, जिससे महीनों की कड़ी मेहनत पर पानी फिर गया।
उम्मीदवारों के धरने में पहुंचे अभिजीत दीपके, उठाए गंभीर सवाल
छत्रपति संभाजीनगर के सुराणा नगर स्थित परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी की सूचना मिलते ही कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके प्रभावित अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे और उनके साथ धरने में शामिल हो गए। दीपके ने प्रशासन और परीक्षा कराने वाली निजी एजेंसी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, "छात्र 10 मिनट में लॉगआउट हो गए और पूरा सिस्टम फेल हो गया।
यदि सरकार और संबंधित एजेंसियां निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन परीक्षा कराने में सक्षम नहीं हैं, तो ऐसी परीक्षाएं आयोजित कर छात्रों का भविष्य क्यों बर्बाद किया जा रहा है?"
पुनः परीक्षा और लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े छात्र
अभिजीत दीपके ने कहा कि राज्य के दूरदराज इलाकों- बीड, लातूर, अमरावती और अंबाजोगाई से छात्र 6-7 महीने तैयारी करके परीक्षा देने आए थे। उन्होंने केंद्र पर मौजूद न्यायिक अधिकारियों से बाहर आकर छात्रों को पारदर्शी व्यवस्था के साथ दोबारा परीक्षा आयोजित करने का लिखित आश्वासन देने की मांग की।
दीपके ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रभावित सभी छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता और री-एग्जाम की आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बांबे हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार की ओर से तकनीकी जांच का आश्वासन
विवाद गहराने के बाद बांबे हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार (कार्मिक) की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया गया। प्रशासन ने कहा कि लिपिक पद के लिए टाइपिंग परीक्षा अधिकांश केंद्रों पर सुचारू रूप से आयोजित की गई थी, लेकिन छत्रपति संभाजीनगर और कल्याण के कुछ केंद्रों पर एजेंसी की ओर से तकनीकी खामियों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
पूरे मामले और तकनीकी विसंगतियों की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है, और जल्द ही आधिकारिक सूचना के माध्यम से अभ्यर्थियों को आगामी उचित कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी।
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