Arijit Singh: अरिजीत सिंह क्यों पहुंचे अस्पताल? क्या सच है ये बात या है कोई और वजह?
Arijit Singh News: अरिजीत सिंह बीमार फैन से मिलने कोलकाता के अस्पताल पहुंचे. उनकी सादगी और इंसानियत ने लोगों का दिल जीत लिया है. सोशल मीडिया अरिजीत सिंह का वीडियो वायरल है. सोशल मीडिया में यूजर्स ने अरिजीत सिंह को भगवान तक बता दिया है.
Instagram Child Abuse Ads: इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण के विज्ञापनों का मामला, केंद्र सरकार ने मेटा को भेजा समन
Instagram Child Abuse Ads: केंद्र सरकार ने इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों के मामले को गंभीरता से लिया है। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मेटा (Meta) के प्रतिनिधियों को तलब करें और इस मुद्दे पर कंपनी से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगें।
बीबीसी की रिपोर्ट से मचा हड़कंप
यह कदम बीबीसी (BBC) की एक जांच रिपोर्ट सामने आने के कुछ ही घंटों बाद उठाया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन चलाए जा रहे हैं जो भारत में बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) को बढ़ावा देते हैं। जांच में यह भी आरोप लगाया गया कि ये विज्ञापन मेटा की मॉडरेशन तकनीक द्वारा अप्रूव होने के बाद ही प्रकाशित होते हैं।
क्या था विज्ञापनों का तरीका?
बीबीसी की जांच के अनुसार, इन विज्ञापनों में 'रेप वीडियो' और 'चाइल्ड वीडियो' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन विज्ञापनों पर क्लिक करने के बाद यूजर टेलीग्राम के उन चैनलों तक पहुंच जाते थे, जहां मात्र 99 रुपये में ऐसी आपत्तिजनक सामग्री बेची जा रही थी।
मेटा और टेलीग्राम का पक्ष
इस मामले पर मेटा ने अपनी सफाई में कहा कि उसने संबंधित विज्ञापनों और उन्हें पोस्ट करने वाले अकाउंट्स को सस्पेंड कर दिया है और कुछ यूआरएल भी ब्लॉक किए गए हैं। कंपनी ने दावा किया कि वह विज्ञापन लाइव होने के बाद सक्रिय डिटेक्शन तकनीक का उपयोग करती है और कोई भी यूजर ऐसे विज्ञापनों की रिपोर्ट कर सकता है। वहीं, टेलीग्राम ने बताया कि उसने 2026 में बाल यौन शोषण को बढ़ावा देने वाले 2.74 लाख से अधिक चैनलों और समूहों को हटा दिया है।
एक सप्ताह में दूसरी बार तलब
यह इस सप्ताह दूसरी बार है जब मंत्रालय ने मेटा को समन भेजा है। इससे पहले बुधवार को मेटा को व्हाट्सएप के प्रस्तावित 'यूजरनेम' फीचर (WhatsApp username feature) को लेकर तलब किया गया था। सरकार को डर है कि इस नए फीचर का इस्तेमाल 'आइडेंटिटी स्पूफिंग' और 'इंपर्सनेशन' (दूसरों के नाम से फर्जी खाता बनाना) के लिए किया जा सकता है। सरकार ने व्हाट्सएप को स्पष्टीकरण मिलने तक इस फीचर को रोल आउट न करने का निर्देश दिया है।
व्हाट्सएप का क्या कहना है?
व्हाट्सएप ने इन चिंताओं पर कहा कि उसने घोटालों को रोकने के लिए कदम उठाए हैं। कंपनी ने बताया कि किसी को मैसेज करने के लिए यूजर का सटीक यूजरनेम जानना जरूरी होगा। साथ ही, वे नए लोगों से संपर्क करने की सीमा तय करेंगे, यूजरनेम का अनुमान लगाने की कोशिशों को ब्लॉक करेंगे और इंपर्सनेशन पैटर्न का पता लगाने के लिए सिस्टम का उपयोग करेंगे। गौरतलब है कि सरकार ने व्हाट्सएप के अलावा टेलीग्राम और सिग्नल को भी उनके 'यूजरनेम' फीचर को लेकर तलब किया था।
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