उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी ज़िले में एक टोल प्लाज़ा के पास LPG टैंकर में आग लगने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। CCTV फुटेज में वह भयानक पल कैद हुआ जब कौशाम्बी ज़िले के सिरोही टोल प्लाज़ा पर LPG टैंकर से तेज़ी से गैस लीक होने लगी और कुछ ही सेकंड में वह आग का गोला बन गया। 26 जून, 2026 के इस वीडियो में टैंकर से तेज़ी से सफ़ेद गैस निकलती हुई दिखाई दी, जिसके तुरंत बाद एक ज़ोरदार धमाका हुआ और गाड़ी आग की लपटों में घिर गई, जिससे टोल बूथ वाले इलाके में आग फैल गई।
आग में 16 मोटरसाइकिलें और दो कारें जलकर खाक हो गईं
उत्तर प्रदेश के एक व्यस्त टोल प्लाज़ा पर LPG टैंकर में आग लगने की यह चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यह घटना सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के पास LPG लीक होने से जुड़े भारी खतरे को उजागर करती है। आग में 16 मोटरसाइकिलें और दो कारें जलकर खाक हो गईं। पूरी घटना CCTV में कैद हो गई। यह घटना तब हुई जब कानपुर से वाराणसी जा रहा एक LPG टैंकर कथित तौर पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया, जिससे भीषण आग लग गई।
टक्कर से गैस लीक हुई जो तेज़ी से फैल गई
पुलिस ने बताया कि टक्कर के बाद गैस लीक हुई और टैंकर में आग लगने से पहले ही यह गैस तेज़ी से फैल गई, जिससे आसपास का इलाका आग की लपटों में घिर गया। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आग लगने से कुछ पल पहले तेज़ रफ़्तार टैंकर डिवाइडर से टकराता हुआ दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टैंकर ड्राइवर धर्मेंद्र द्विवेदी (जो उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर ज़िले का रहने वाला था) गाड़ी के केबिन में फँस गया था और आग से बाहर न निकल पाने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में टोल प्लाज़ा के पाँच कर्मचारी भी बुरी तरह झुलस गए और उन्हें प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल ले जाया गया। दो और घायल कर्मचारियों—रायबरेली के रहने वाले हीरामन सिंह और ललितपुर के रहने वाले कृष्णपाल मौर्य की भी मौत हो गई, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई। अस्पताल में दो अन्य टोल कर्मचारियों का इलाज अभी भी चल रहा है। पुलिस ने बताया कि उन्होंने शवों को पोस्टमार्टम के लिए अपने कब्ज़े में ले लिया है और घटना की जाँच जारी है।
खबर है कि ऑयल टैंकर सेंट्रल डिवाइडर से टकरा गया
लगभग 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चल रहा ऑयल टैंकर सेंट्रल डिवाइडर से टकराया, पलट गया और टोल प्लाज़ा से जा टकराया। टक्कर के तुरंत बाद टैंकर से LPG लीक होने लगी और फिर ज़बरदस्त धमाका हुआ, जिससे गाड़ी और टोल प्लाज़ा का कुछ हिस्सा आग की लपटों में घिर गया। घटना के तुरंत बाद, लगभग दो किलोमीटर दूर से ही काले धुएं के गुबार और ऊंची उठती आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। आग तेज़ी से टोल प्लाज़ा यार्ड और पास के टॉयलेट ब्लॉक तक फैल गई, जिससे कई कर्मचारी आग की लपटों के बीच फंस गए। टोल प्लाज़ा के दोनों तरफ़ बसें और कारें कतार में खड़ी हो गईं और डरे-सहमे यात्रियों ने अपनी गाड़ियां छोड़ दीं, जबकि पूरे इलाके में अफरातफरी और दहशत फैल गई।
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राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी पद से इस्तीफ़ा देने वाले चंपत राय ने डोनेशन चोरी के मामले में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है और दावा किया है कि उन्होंने ही कथित गबन का पर्दाफ़ाश किया था। अपना बचाव करते हुए, राय ने कथित तौर पर कहा कि उनके कहने पर ही छिपे हुए सर्विलांस कैमरे लगाए गए थे और उन कैमरों की फुटेज से ही कथित चोरी का पता लगाने में मदद मिली।
चंपत राय का दावा
चंपत राय ने कहा कि अयोध्या में उनकी सेवा पूरी हो गयी है लेकिन वह कलंक के साथ अयोध्या से नहीं जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि आज एसआईटी ने दोबारा अयोध्या पहुंचकर मंदिर परिसर में चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से एक साथ पूछताछ की। उन्होंने बताया कि गत 13 जून को गठित एसआईटी के सदस्य छह दिन तक जांच करके प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने के बाद दूसरी बार मंदिर परिसर में पहुंचे, तब जांच दल ने राय, मिश्रा और राव से अलग—अलग पूछताछ की थी। इस बीच, चंपत राय ने कहा कि उनकी अयोध्या में सेवा पूरी हो गई है और वह कथित राम मंदिर दान गबन विवाद से जुड़े कलंक को अपने साथ लेकर अयोध्या से नहीं जाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक फिलहाल एकांतवास में रह रहे राय ने अपने कुछ करीबी सहयोगियों से यह भी कहा कि उनके साथ विश्वासघात हुआ है। हालांकि यह साफ नहीं हुआ कि उनका इशारा किसकी ओर था। यह घटनाक्रम राम मंदिर के दान में कथित गबन के विवाद और कुछ ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की वकीलों के एक वर्ग की मांग के बीच आया है। सूत्रों ने कहा कि राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा, जो पहले ही अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं, का भविष्य छह जुलाई को अयोध्या में होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में दो-तिहाई बहुमत से तय होने की संभावना है।
मामले से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले में विरोध मार्च निकाला और राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस को शिकायत दी। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि इस मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता एवं ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य कृष्ण मोहन का नाम भी वकीलों द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है।
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