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अब बिना आग के पक जाएगा चिकन! मारने होंगे 23,034 चांटे, थप्पड़ से तैयार हो जाएगा लाजवाब मुर्गा

सोशल मीडिया पर एक अनोखा दावा वायरल हो रहा है. इसके मुताबिक़, आप चांटे मारकर भी चिकन पका सकते हैं. पोस्ट के मुताबिक़, चिकन को अगर 23 हजार 034 बार चांटे मारे जाए, तो वो पक सकता है. इसके अलावा अगर आपके हाथ में काफी ताकत है और आप बेहद झन्नाटेदार चांटा मार सकते हैं, तो मात्र एक बार में ही आप चिकन पका सकते हैं.

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Personal Loan: पर्सनल लोन की एक EMI भी कर दी मिस? जानिए आगे क्या हो सकता

पर्सनल लोन की एक EMI समय पर नहीं भर पाना हमेशा बड़ी वित्तीय परेशानी का संकेत नहीं होता। कभी सैलरी देर से आती है, बिजनेस पेमेंट अटक जाता है या बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने से ऑटो-डेबिट फेल हो जाता है। लेकिन यह सोचकर कि एक EMI ही तो है, अगले महीने दे देंगे, इसे टालना महंगा पड़ सकता है।

सबसे पहले जेब पर पड़ेगा असर
ईएमआई की तय तारीख निकलने के बाद बैंक या एनबीएफसी लोन एग्रीमेंट के मुताबिक लेट फीस, पेनल चार्ज या अतिरिक्त ब्याज वसूल सकता है। इसकी रकम अलग-अलग संस्थानों और लोन की शर्तों पर निर्भर करती है। शुरुआत में यह रकम छोटी लग सकती है, लेकिन भुगतान में ज्यादा देरी होने पर बकाया बढ़ता जाता है।

क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ सकता है असर
ईएमआई भुगतान की जानकारी नियमित रूप से क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों को भेजी जाती है। अगर बकाया EMI लंबे समय तक जमा नहीं होती और इसकी रिपोर्टिंग होती है, तो इसका असर आपके क्रेडिट इतिहास पर पड़ सकता है।

इसका नुकसान आगे तब दिख सकता है, जब आप नया पर्सनल लोन, होम लोन या क्रेडिट कार्ड लेने के लिए आवेदन करें। लगातार समय पर EMI चुकाने से क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत होती है, जबकि भुगतान में देरी इसका उल्टा असर डाल सकती है।

बैंक के कॉल और मैसेज आ सकते हैं
ईएमआई मिस होने के बाद बैंक या एनबीएफसी की ओर से कॉल, SMS या दूसरे रिमाइंडर आना सामान्य प्रक्रिया है। अगर भुगतान किसी अस्थायी वित्तीय परेशानी की वजह से रुका है तो लेंडर से बात करना बेहतर है। समस्या छिपाने या कॉल से बचने के बजाय स्थिति स्पष्ट करने से समाधान निकालना आसान हो सकता है।

एक EMI को अगली किस्त तक न खींचें
अगर पहली बकाया EMI अगले महीने तक नहीं चुकाई गई तो दूसरी EMI भी देय हो जाएगी। ऐसे में दो किस्तों का बोझ एक साथ आ सकता है और धीरे-धीरे बकाया बढ़ने लगेगा। इसलिए मिस हुई EMI को जल्द से जल्द चुकाना बेहतर है।

ऑटो-डेबिट फेल होने की वजह भी जांचें
हर बार EMI मिस होने का कारण पैसों की कमी नहीं होता। ई-मैंडेट एक्सपायर होना, तकनीकी समस्या या ऑटो-डेबिट के समय खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होना भी इसकी वजह हो सकती है। ऐसे में बैंक खाते की जांच करें और जरूरत पड़ने पर लेंडर से संपर्क करें।

इमरजेंसी फंड से बच सकती है परेशानी
मेडिकल खर्च, नौकरी में बदलाव या बिजनेस पेमेंट में देरी जैसी परिस्थितियां अचानक बजट बिगाड़ सकती हैं। ऐसे समय कुछ महीनों की EMI के बराबर इमरजेंसी फंड मददगार हो सकता है।

एक EMI मिस होना वित्तीय संकट नहीं है, लेकिन उसे नजरअंदाज करना समस्या बढ़ा सकता है। बकाया रकम जल्द चुकाएं और बैंक के संपर्क में रहें।

(प्रियंका कुमारी)

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  Sports

Hardik Pandya के Transfer की चर्चा तेज, Sunil Gavaskar की मांग- IPL Trade Deal की रकम सार्वजनिक करे BCCI

आईपीएल के अगले सत्र से पहले हार्दिक पंड्या को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कई रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि मुंबई इंडियंस उन्हें आईपीएल 2027 से पहले किसी दूसरी टीम को ट्रांसफर करने पर विचार कर रही है। हालांकि, इस बारे में मुंबई इंडियंस या हार्दिक पंड्या की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इसी बीच मुंबई इंडियंस ने अपने सामाजिक माध्यम पर हार्दिक पंड्या की कुछ तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों के बाद उनके भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच टीम के रुख को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।

बता दें कि हार्दिक पंड्या ने 2015 में मुंबई इंडियंस के साथ ही आईपीएल में पदार्पण किया था। 2022 के सत्र से पहले वह मुंबई का साथ छोड़कर गुजरात टाइटंस से जुड़े थे। गुजरात ने अपने पहले ही सत्र में खिताब जीता और हार्दिक ने टीम की कप्तानी की। अगले सत्र में भी उन्होंने गुजरात की कमान संभाली।

इसके बाद मुंबई इंडियंस ने ट्रांसफर व्यवस्था के जरिए हार्दिक को दोबारा अपनी टीम में शामिल किया और उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी भी सौंप दी। हालांकि, मुंबई के लिए यह फैसला उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं रहा। 2024 के सत्र में टीम अंक तालिका में सबसे नीचे रही। अगले सत्र में मुंबई ने दूसरे क्वालीफायर तक जगह बनाई, लेकिन 2026 में टीम नौवें स्थान पर रही।

इसी पृष्ठभूमि में हार्दिक के संभावित ट्रांसफर की चर्चा ने जोर पकड़ा है। इसी विषय पर भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने आईपीएल में खिलाड़ियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया में ज्यादा पारदर्शिता की जरूरत बताई है।

गावस्कर ने कहा कि किसी खिलाड़ी के एक टीम से दूसरी टीम में जाने की जानकारी सार्वजनिक हो जाती है, लेकिन वास्तविक सौदे में कितनी रकम शामिल हुई, इसकी जानकारी केवल दोनों टीमों, खिलाड़ी और भारतीय क्रिकेट बोर्ड के पास रहती है। उनके मुताबिक यही स्थिति सवाल खड़े कर सकती है कि टीम ने खिलाड़ियों पर तय खर्च सीमा के भीतर रकम खर्च की है या नहीं।

गौरतलब है कि आईपीएल में हर टीम के लिए खिलाड़ियों पर खर्च करने की एक तय सीमा होती है। ऐसे में गावस्कर का मानना है कि ट्रांसफर के दौरान सौदे की रकम भी सार्वजनिक की जानी चाहिए। इससे यह साफ रहेगा कि सभी टीमें समान नियमों के तहत काम कर रही हैं।

गावस्कर ने यह भी कहा कि आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे चर्चित टी20 क्रिकेट लीग है। इसलिए इसके संचालन में पूरी पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। उनका मानना है कि स्पष्ट जानकारी सामने रहने से लीग पर किसी तरह की उंगली उठाने की गुंजाइश कम होगी और उसकी विश्वसनीयता भी मजबूत रहेगी।

मौजूद जानकारी के अनुसार, हार्दिक पंड्या के संभावित ट्रांसफर को लेकर अभी अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। ट्रांसफर की समयसीमा खत्म होने तक कई बदलाव संभव हैं, लेकिन सुनील गावस्कर की मांग ने आईपीएल में खिलाड़ियों के सौदों और उनकी रकम को सार्वजनिक करने को लेकर एक नई बहस जरूर शुरू कर दी है और इस पर आगे चर्चा बढ़ने की उम्मीद है।
Thu, 20 Aug 2026 22:09:00 +0530

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