ग्रामीण भारत में बढ़ रहा मधुमेह का बोझ, इसे राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाना जरूरी: डॉ. जितेंद्र सिंह
नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को मधुमेह की रोकथाम को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत अब मधुमेह महामारी से अछूता नहीं है और इसके लिए समुदाय-आधारित, प्रौद्योगिकी-सक्षम और डेटा-आधारित प्रतिक्रिया की आवश्यकता है।
रिसर्च सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (आरएसएसडीआई) के ग्रामीण मधुमेह आउटरीच डिजिटल पोर्टल के उद्घाटन और मधुमेह जागरूकता वीडियो लाइब्रेरी विश्वास के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि मधुमेह और इसकी जटिलताओं के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए रोकथाम, शीघ्र पहचान, समय पर हस्तक्षेप और निरंतर अनुवर्ती कार्रवाई आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी 40 वर्ष से कम आयु की है, इसलिए देश की युवा आबादी के स्वास्थ्य और उत्पादक क्षमता की रक्षा करना इंडिया-2047 के विजन के लिए आवश्यक है।
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत ने स्वास्थ्य सेवा, वैज्ञानिक अनुसंधान और डिजिटल नवाचार में महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन अगली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि ये प्रगति ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचे।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण भारत अब मधुमेह की महामारी से अछूता नहीं है और इस बीमारी और इसकी जटिलताओं के बोझ को कम करने के लिए शीघ्र निदान, समय पर हस्तक्षेप, जीवनशैली में बदलाव और निरंतर निगरानी आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि आरएसएसडीआई ग्रामीण आउटरीच कार्यक्रम इस बात का उदाहरण प्रस्तुत करता है कि कैसे पेशेवर चिकित्सा संगठन विशेषज्ञता को समुदायों के करीब लाकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रयासों को पूरक बना सकते हैं।
इस पहल के तहत, मधुमेह जागरूकता, स्क्रीनिंग, उपचार और दीर्घकालिक अनुवर्ती कार्रवाई के लिए एक संरचित प्रणाली बनाने हेतु गांवों को गोद लिया जा रहा है।
यह कार्यक्रम पहले ही कई राज्यों के लगभग 30 गांवों तक पहुंच चुका है, और आने वाले वर्षों में इसके विस्तार की योजना है।
मंत्री ने कहा कि नव-उद्घाटित डिजिटल पोर्टल व्यवस्थित दस्तावेजीकरण, रोगी देखभाल की निरंतरता, परिणामों की निगरानी और भविष्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीतियों के लिए साक्ष्य जुटाने में सक्षम बनाकर सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्तर की स्वास्थ्य सेवा को वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण के साथ जोड़ने से ग्रामीण भारत से वास्तविक डेटा प्राप्त होगा, जिससे शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को रोग के पैटर्न को बेहतर ढंग से समझने और भारतीय आबादी के लिए उपयुक्त साक्ष्य-आधारित समाधान विकसित करने में मदद मिलेगी।
सरकारी एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों, प्रौद्योगिकी भागीदारों, निजी संगठनों और स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मधुमेह की रोकथाम और प्रबंधन के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
--आईएएनएस
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एक्ट्रेस अनन्या राज का 35 साल की उम्र में निधन:मानसिक और शारीरिक बीमारी से जूझ रही थीं; परिजनों बोले- नींद में ही थम गईं सांसें
फिल्म '7 आवर्स टू गो' और 'घोस्ट' फेम एक्ट्रेस अनन्या राज का 35 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनके परिजनों ने सोशल मीडिया पर इस खबर की पुष्टि की है। परिजनों के अनुसार, अनन्या का निधन 15 जुलाई की सुबह नींद में ही हो गया। वे पिछले एक साल से ज्यादा समय से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। परिजनों ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की है। परिजनों ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया भावुक नोट अनन्या राज के परिवार ने उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक बयान जारी कर उनके निधन की जानकारी दी। परिजनों ने लिखा कि वे बहुत भारी दिल से यह बता रहे हैं कि 15 जुलाई को तड़के अनन्या का निधन हो गया। वे नींद में ही शांति से इस दुनिया को अलविदा कह गईं। पोस्ट में लिखा गया कि पिछले एक साल से अधिक समय से वे शारीरिक और मानसिक परेशानी से गुजर रही थीं और उन्होंने एक योद्धा की तरह इसका सामना किया। 2016 में बॉलीवुड में कदम रखा था मुंबई में पली-बढ़ी अनन्या राज ने हिंदी और क्षेत्रीय सिनेमा में अपनी पहचान बनाई थी। उन्होंने साल 2016 में थ्रिलर फिल्म '7 आवर्स टू गो' से बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था। इसके बाद वे 2017 में आई फिल्म 'द फाइनल एग्जिट' और 2019 में विक्रम भट्ट के निर्देशन में बनी हॉरर फिल्म ‘घोस्ट’ में नजर आईं। फिल्मों के अलावा वे कई मशहूर म्यूजिक वीडियोज का भी हिस्सा रहीं, जिससे उन्हें दर्शकों के बीच पहचान मिली। तेलुगु और अन्य क्षेत्रीय फिल्मों में भी किया काम हिंदी फिल्मों के अलावा अनन्या ने क्षेत्रीय सिनेमा में भी अपनी किस्मत आजमाई थी। उन्होंने साल 2022 में रिलीज हुई तेलुगु सस्पेंस थ्रिलर फिल्म 'थगड़े ले' में काम किया था। श्रीनिवास राजू के निर्देशन में बनी इस फिल्म में वे नवीन चंद्रा, दिव्या पिल्लई और पी. रविशंकर के साथ नजर आई थीं। इसके अलावा उन्होंने त्रिभाषी फिल्म 'मद्रासी गैंग' में भी मुख्य भूमिका निभाई थी। परिवार ने निजता बनाए रखने की अपील की परिवार की ओर से जारी बयान में आगे कहा गया कि अनन्या एक मजबूत इरादों वाली लड़की थीं और रानी की तरह जीती थीं। परिजनों ने लिखा कि उनके न रहने से जो खालीपन आया है, उसे हमेशा महसूस किया जाएगा। इस मुश्किल घड़ी में परिजनों ने फैंस और मीडिया से उनकी निजता (प्राइवेसी) का सम्मान करने और अभिनेत्री की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध किया है।
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