Rule Change From 1st July: 1 जुलाई से बदलेंगें ये 6 बड़े नियम; आधार, पासपोर्ट, LPG और रेलवे यात्रा पर पड़ेगा असर!
Rule Change From 1st July: जुलाई की पहली तारीख से देश में कुछ बड़े बदलाव होने जा रहे हैं, पासपोर्ट, आधार, बैंकिंग, और टैक्स के साथ-साथ LPG सिलेंडर कीमतों के जैसे नियमों में भी बड़े बदलाव दिखाई देंगे। साथ ही साथ रेलवे ने भी दंड और जुर्माने के नियमों में भी संशोधन किए हैं। चलिए जानते हैं, ये बदलाव कौन-कौन से हैं।
1 जुलाई से बदलने वाले नियम
आधार नियम
आधार बनाने वाली संस्था UIDAI ने ईमेल आईडी अपडेट करवाने की प्रक्रिया को 6 महीनों के लिए मुफ्त किया जा रहा है। 1 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक, 6 महीनों के लिए मुफ्त किया जा रहा है। पहले ईमेल आईडी अपडेट करवाने के लिए 75 रुपये देने होते थे। आप अपने आधार कार्ड से ईमेल आईडी को 6 महीने मुफ्त में अपडेट करवा सकेंगे।
रेलवे जुर्माना बढ़ा
बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़े जाने पर टिकट किराए के साथ में 250 रुपये का जुर्माना लिया जाता था। अब से यह जुर्माना बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया जाएगा। कोई भी यात्री किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर सफर नहीं कर सकता है; यदि कोई ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसका टिकट जब्ती के साथ ही उससे पूरा किराया और 500 रुपये का जुर्माना भी वसूला जाएगा, वहीं महिला कोच में यात्रा करने वाले पुरुषों से 2500 रुपये का तय जुर्माना लिया जाएगा। 13 साल बाद रेलवे ने इन नियमों में बदलाव किए हैं।
LPG कीमत
हर महीने की पहली तारीख को कंपनियां LPG गैस की कीमतों की समीक्षा करती हैं, इसके बाद कीमत तय की जाती है, कि दाम बढ़ाने हैं या नहीं, यह हर महीने की 1 तारीख से तय किया जाता है। ऐसे में कल से एलपीजी के दाम बढ़ेंगे या स्थिर रहेंगे, यह भी तय होना बाकी है। युद्ध के चलते कुछ महीनों से कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। हालांकि केंद्र सरकार घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में राहत दे सकती है।
एटीएफ और सीएनजी कीमत
सीएनजी और एटीएफ के दामों में 1 जुलाई से बदलाव दिखाई दे सकते हैं। पिछले महीने भी इन दोनों ईंधन के दामों में बढ़ोत्तरी हुई थी। अगर आगे भी ऐसा होता है तो इसका असर आपके बजट पर पड़ सकता है।
पासपोर्ट बनवाना महंगा पड़ेगा
1 जुलाई 2026 से जनरल और तत्काल, दोनों तरह के पासपोर्ट बनवाना महंगा होगा। विदेश मंत्रालय ने दोनों कैटेगरी के पासपोर्ट बनाने की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। इसका मतलब है कि अब आपको पासपोर्ट बनवाने के लिए ज़्यादा पैसों का भुगतान करना होंगे।
क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग
HDFC रेगोलिया गोल्ड क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए घरेलू एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस को लेकर नया नियम लागू हो गया है। अब आपको मुफ्त घरेलू एयरपोर्ट लाउंज का लाभ उठाने के लिए ₹60,000 प्रति तिमाही खर्च करने होंगे।
कार खरीदना महंगा पड़ेगा
1 जुलाई से कार की कीमतों में बढ़ोतरी होगी। KIA MOTORS अपनी कारों की कीमतों में 2% तक की बढ़ोतरी करने जा रही है, वहीं, TATA MOTORS भी अपने इंटरनल कंबशन इंजन और EV मॉडल्स की कीमतों को 1.5% तक बढ़ाने वाली है।
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Nifty IT Index: आईटी शेयरों में लगातार तीसरे दिन बिकवाली, इंडेक्स करीब 2 फीसदी तक गिरा
शेयर बाजार में मंगलवार को आईटी सेक्टर पर दबाव देखने को मिला। लगातार तीसरे कारोबारी सेशन में आईटी शेयरों में बिकवाली हुई, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2 फीसदी तक टूट गया। इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, विप्रो और एचसीएलटेक जैसे दिग्गज शेयर निफ्टी-50 के सबसे बड़े नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहे।
कारोबार के दौरान सुबह करीब 11 बजे निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.95 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। वहीं, इस दौरान निफ्टी-50 में सिर्फ 0.27 फीसदी की कमजोरी थी। पिछले 3 कारोबारी दिनों में निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 4 फीसदी तक फिसल चुका।
आईटी कंपनियों में सबसे ज्यादा गिरावट विप्रो के शेयर में देखने को मिली, जो करीब 2.9 फीसदी टूट गया। इसके अलावा इंफोसिस में 2.5 फीसदी, टीसीएस में 2.2 फीसदी और एचसीएलटेक में 2.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इन सभी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंता है। निवेशकों को डर है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रख सकता है। अगर ऐसा होता है तो कंपनियां अपने टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स और आईटी खर्च को टाल सकती।
भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा उत्तरी अमेरिका से आता है। ऐसे में वहां कॉरपोरेट खर्च कम होने की आशंका का सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों के कारोबार और शेयरों पर पड़ता है।
आईटी सेक्टर पर दबाव बढ़ने की एक और वजह एक्सेंचर का हालिया आउटलुक भी माना जा रहा। पिछले सप्ताह कंपनी ने उम्मीद से कमजोर राजस्व अनुमान जारी किया था। इससे यह संकेत मिला कि दुनिया भर में कंपनियां अभी भी नए आईटी प्रोजेक्ट्स पर खर्च करने में सावधानी बरत रही। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक आईटी आउटसोर्सिंग और कंसल्टिंग सेवाओं की मांग पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि दिलचस्प बात यह रही कि अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों का प्रदर्शन मजबूत रहा। सोमवार को वॉल स्ट्रीट में एआई से जुड़ी कंपनियों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे अमेरिकी आईटी इंडेक्स 1.7 फीसदी चढ़ गया। एशियाई बाजारों में भी तेजी रही, लेकिन इसका सकारात्मक असर भारतीय आईटी शेयरों पर नहीं दिखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक अब पारंपरिक आईटी सर्विस कंपनियों की बजाय उन कंपनियों पर ज्यादा दांव लगा रहे हैं, जिन्हें एआई से सीधे फायदा मिलने की उम्मीद है। इनमें सेमीकंडक्टर, मेमोरी चिप, नेटवर्किंग और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियां प्रमुख हैं।
(प्रियंका कुमारी)
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