Asian Games 2026: हरमनप्रीत कौर के हाथों में फिर कमान, गोल्ड बचाने उतरेगी भारत की मजबूत महिला टीम
Asian Games 2026: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने मंगलवार को एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत की 15 सदस्यीय महिला क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया। सितंबर में जापान के आइची-नागोया में होने वाले इस इन खेलों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने उतरेगी। टीम की कमान एक बार फिर हरमनप्रीत कौर के हाथों में रहेगी, जबकि स्मृति मंधाना को उपकप्तान बनाया गया।
बीसीसीआई ने लगभग उसी टीम पर भरोसा जताया है, जिसने हाल ही में महिला टी20 विश्व कप 2026 में हिस्सा लिया था। हालांकि उस टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था और टीम दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से हारकर ग्रुप चरण से ही बाहर हो गई थी। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने मुख्य खिलाड़ियों पर भरोसा कायम रखा।
एशियन गेम्स के लिए हरमनप्रीत कप्तान
टीम में जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, श्री चरणी और अरुंधति रेड्डी जैसे नियमित खिलाड़ियों को बरकरार रखा गया। विश्व कप टीम की तुलना में सिर्फ एक बदलाव किया गया है। बैकअप विकेटकीपर यास्तिका भाटिया की जगह जी. कमलिनी को मौका दिया गया।
श्रेयंका की टीम में वापसी
ऑफ स्पिनर श्रेयंका पाटिल की भी टीम में वापसी हुई। वह महिला टी20 विश्व कप 2026 के दौरान टखने के गंभीर लिगामेंट चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई थीं। नीदरलैंड के खिलाफ मैच में फील्डिंग करते समय गेंद रोकने की कोशिश में उन्हें चोट लगी थी और स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाना पड़ा था। हालांकि एशियन गेम्स टीम में उनका चयन बीसीसीआई की मेडिकल टीम से फिटनेस क्लियरेंस मिलने पर ही अंतिम माना जाएगा।
भारत अपने गोल्ड मेडल के बचाव के लिए उतरेगा
भारत इस बार मौजूदा चैंपियन के रूप में मैदान में उतरेगा। पिछली बार चीन के हांगझोउ में आयोजित एशियन गेम्स में भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रिकेट का स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। ऐसे में इस बार भी टीम से गोल्ड मेडल बरकरार रखने की उम्मीद रहेगी।
एशियन गेम्स 2026 का महिला क्रिकेट टूर्नामेंट टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में खेला जाएगा। इसमें कुल आठ टीमें हिस्सा लेंगी। मेजबान जापान को सीधे प्रवेश मिला है। वहीं भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका ने आईसीसी के पूर्ण सदस्य होने के आधार पर जगह बनाई है। इसके अलावा चीन, मलेशिया और थाईलैंड ने 2026 एशियन गेम्स क्वालिफायर के जरिए टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई किया है।
अनुभव और युवा खिलाड़ियों के संतुलन से सजी भारतीय टीम का लक्ष्य एक बार फिर एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचना होगा।
Indian women’s squad for 2026 Asian Games: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी. कमलिनी (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, श्री चरणानी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, श्रेयंका पाटिल*, राधा यादव, नंदनी शर्मा।
*फिटनेस क्लीयरेंस के अधीन
Weight Loss: जिम में पसीना बहाने के बाद भी नहीं घट रहा वज़न? ये 6 कारण हो सकते हैं जिम्मेदार
Weight Loss: वजन कम करने के लिए लोग सुबह-शाम जिम में पसीना बहाते हैं, घंटों कार्डियो करते हैं और भारी वर्कआउट भी अपनाते हैं। इसके बावजूद जब वजन मशीन का कांटा वहीं का वहीं रहता है, तो निराशा होना स्वाभाविक है। कई बार समस्या मेहनत की कमी नहीं, बल्कि कुछ ऐसी गलतियों की होती है जिन पर हमारा ध्यान ही नहीं जाता।
फिटनेस एक्सपर्ट्स के अनुसार, वजन घटाने की प्रक्रिया केवल जिम तक सीमित नहीं है। खानपान, नींद, तनाव, हार्मोनल बदलाव और लाइफस्टाइल से जुड़ी कई चीजें भी इसमें अहम भूमिका निभाती हैं। अगर आप भी लंबे समय से मेहनत कर रहे हैं लेकिन रिजल्ट नहीं मिल रहा, तो इन 6 कारणों को जानना आपके लिए जरूरी हो सकता है।
कैलोरी का सही हिसाब न रखना
अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि जिम में एक घंटे की एक्सरसाइज के बाद वे कुछ भी खा सकते हैं। लेकिन कई बार वर्कआउट से जितनी कैलोरी बर्न होती है, उससे ज्यादा कैलोरी दिनभर के खाने में शामिल हो जाती है। ऐसे में वजन कम होने की बजाय स्थिर बना रहता है। इसलिए कैलोरी इनटेक और कैलोरी बर्न के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।
पर्याप्त प्रोटीन न लेना
वजन घटाने के दौरान शरीर को प्रोटीन की अधिक आवश्यकता होती है। प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। यदि डाइट में पर्याप्त प्रोटीन नहीं है, तो शरीर की फैट बर्निंग प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और वजन कम होने की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
नींद की कमी
कम नींद लेने से शरीर के हार्मोन प्रभावित होते हैं, जिससे भूख बढ़ सकती है और मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद वजन घटाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करती है।
तनाव का बढ़ना
लगातार तनाव में रहने से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। यह हार्मोन पेट के आसपास फैट जमा होने का कारण बन सकता है। यदि आप नियमित वर्कआउट कर रहे हैं लेकिन तनाव को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, तो इसका असर वजन घटाने के लक्ष्य पर पड़ सकता है।
सिर्फ कार्डियो पर निर्भर रहना
कई लोग केवल ट्रेडमिल या कार्डियो एक्सरसाइज पर ध्यान देते हैं और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को नजरअंदाज कर देते हैं। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मांसपेशियों को विकसित करती है, जिससे शरीर अधिक कैलोरी खर्च करने लगता है। कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का संतुलित संयोजन बेहतर परिणाम दे सकता है।
हार्मोनल या मेडिकल कारण
कुछ मामलों में थायरॉइड की समस्या, इंसुलिन रेजिस्टेंस, पीसीओएस या अन्य स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां वजन घटाने में बाधा बन सकती हैं। यदि सही डाइट और नियमित एक्सरसाइज के बावजूद वजन कम नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच करवाना बेहतर रहेगा।
वजन घटाने के लिए क्या करें?
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- रोजाना 7-8 घंटे की नींद पूरी करें।
- कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दोनों को शामिल करें।
- तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन अपनाएं।
- नियमित रूप से अपनी प्रगति को ट्रैक करें।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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